विज्ञापन

पार्टी के निर्देश के बाद भी विरोध के लिए मैदान में नहीं उतरे, अब कांग्रेस ने  NSUI के 22 जिला अध्यक्षों को थमाया नोटिस

मध्य प्रदेश कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव की तीसरी सीट और मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने का विवाद अब आंतरिक कलह में बदल चुका है. नामांकन रद्द होने के खिलाफ प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के hप्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन के निर्देश का उल्लंघन करने पर पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है. संगठन ने अनुशासनहीनता को "घोर आपत्तिजनक" मानते हुए प्रदर्शन से दूरी बनाने वाले NSUI के 22 जिला अध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब तलब किया है.

पार्टी के निर्देश के बाद भी विरोध के लिए मैदान में नहीं उतरे, अब कांग्रेस ने  NSUI के 22 जिला अध्यक्षों को थमाया नोटिस
कांग्रेस ने प्रोटेस्ट नहीं करने पर NSUI के 22 जिला अध्यक्षों को थमाया नोटिस
NDTV

Congress Protest: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव की तीसरी सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन (Minaxi Natrajan) का नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था.  इस ऐलान ने पार्टी के भीतर अनुशासन को सतह पर ला दिया है. ऐसे में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेने वाले  NSUI के 22 जिला अध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. 

कांग्रेस संगठन का मानना है कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के स्पष्ट निर्देश के बावजूद कई जिलों में विरोध प्रदर्शन नहीं हुए. इसे संगठन ने "घोर आपत्तिजनक" माना है और संबंधित जिला अध्यक्षों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है. 

भोपाल में दिखे थे मात्र 8-10 कार्यकर्ता

दरअसल, कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद 15, 16 और 17 जून को प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम तय किया गया था. 15 जून को युवक कांग्रेस, 16 जून को NSUI और 17 जून को महिला कांग्रेस को प्रदर्शन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. लेकिन संगठन की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजधानी भोपाल में हुए युवक कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में महज 8 से 10 कार्यकर्ता ही नजर आए. ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या कांग्रेस अपने ही कार्यकर्ताओं को इस मुद्दे पर पूरी तरह सक्रिय नहीं कर पाई?

दिग्गजों का टकराव भी आया सामने

दरअसल, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की, लेकिन पार्टी के भीतर की असहजता भी खुलकर सामने आ गई. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिग्विजय सिंह और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के बीच हुई बातचीत का वीडियो वायरल हुआ. इसके बाद सीटिंग अरेंजमेंट से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया, जिसमें दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी के आग्रह के बावजूद दूसरी कुर्सी पर जाकर बैठते नजर आए. इन वीडियो ने कांग्रेस के भीतर सब कुछ सामान्य होने के दावों पर सवाल खड़े कर दिए.

यह भी पढ़ें-  सपा के 25-26 सांसद अभी टूटने को तैयार हैं, पर हम तोड़ नहीं रहे हैं, डिप्टी सीएम मौर्य के दावों पर बढ़ी सियासी हलचल

अब सवाल यह है कि जब पार्टी अपने घोषित कार्यक्रमों में ही कार्यकर्ताओं की पूरी भागीदारी सुनिश्चित नहीं कर पा रही हो, तो इस मुद्दे को कितना बड़ा जन आंदोलन बना पाएगी. राज्यसभा की एक सीट का विवाद अब धीरे-धीरे कांग्रेस के संगठनात्मक प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और जमीनी पकड़ की परीक्षा बनती जा रही है.

यह भी पढ़ें-  शिवसेना (UBT) को टूट से बचाने के लिए 'ऑपरेशन टाइगर' को नाकाम करने के लिए उद्धव ने झोंकी ताकत, चार सांसद पहुंचे दिल्ली

लेखक के बारे में
img
आकाश द्विवेदी
संवाददाता
आकाश द्विवेदी टीवी और डिजिटल पत्रकारिता का एक भरोसेमंद नाम हैं. राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, युवाओं, सामाजिक सरोकार और जमीनी मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग त... और पढ़ें
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
MP Congress, Madhya Pradesh Congress, Congress Protest, Jitu Patwari, Digvijay Singh
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com