
Working Women: नए जमाने की औरतें मल्टीपरपज है. आज औरतें घर के साथ साथ बाहर का कामकाज भी बहुत ही एफिशिएंट तरीके से मैनेज करती हैं. लेकिन सही मायनों में देखा जाए तो किसी के लिए भी घर परिवार और ऑफिस दोनों को एक साथ हैंडल करना काफी चुनौती भरा काम होता है. ऐसे में वर्किंग वुमेन (Working Women) को इन दोनों के बीच काफी बैलैंस बनाकर चलना होता है ताकि दोनों ही मोर्चों पर जिम्मेदारी को सही तरीके से निभाया जा सके. चलिए आज बात करते हैं उन tips की जिनको अपनाकर कामकाजी औरतें अपनी लाइफ को स्मूद बना सकती हैं.

प्रियोरिटीज तय कीजिए
कामकाजी औरतों को घर और ऑफिस के बीच में कुछ चीजों की प्रियारिटीज तय कर लेनी चाहिए. कामकाजी औरतों को महीने भर के सभी जरूरी कामों जैसे बच्चे का वेस्किनेशन, राशन, जरूरी गेट टुगेदर, बच्चे की पीटीएम, डॉक्टरी विजिट का एक कैलेंडर बना लेना चाहिए. ऐसे ही ऑफिस की भी जरूरी मीटिंग और डेडलाइन का कैलेंडर बना लीजिए और दोनों कैलेंडर को आपस में चैक कर लीजिए कि कोई डेट क्लेश तो नहीं कर रही. कुल मिलाकर सभी जरूरी चीजों को पहले से मैनेज करना चाहिए ताकि जरूरी चीजों में कोई बाधा ना आए. इससे आप स्ट्रेस फ्री रह पाएंगी.
पहले प्लानिंग फिर एक्जीक्यूशन
कामकाजी औरतों का हर पल कीमती होता है. वो अपने वक्त किसी भी गैर जरूरी चीज में जाया नहीं कर सकती. ऐसे में जरूरी है कि हर बात की प्लानिंग की जाए. हर जरूरी चीज की पहले प्लानिंग कीजिए ताकि उसे अमल में लाने में आसानी हो सके और फालतू का समय खर्च ना हो.
कामकाज को बराबर बांट लें
वर्किंग वुमेन होने का ये मतलब नहीं कि आपके आठ हाथ होने चाहिए. हर समय सारा काम खुद करने की बजाय अपने पार्टनर के साथ काम को बांट कर रखिए. आपका पार्टनर भी आपके काम की अहमियत जानता है. इसलिए घर के कामकाज को अपने पार्टनर या घर के अन्य लोगों के साथ बांट लीजिए. जैसे एक समय का भोजन बनाना, या किचन साफ करना. या पार्टनर बच्चे को स्कूल तैयार करके भेजे और आप बच्चे का टिफिन पैक कर लें. घर के अन्य सदस्यों को भी थोड़ी थोड़ी जिम्मेदारी देकर चले ताकि आपकी लाइफ पर एक्स्ट्रा बोझ ना पड़े.
अपने लिए समय जरूर निकालें
वर्किंग वुमेन होने के बावजूद आपको अपने लिए समय निकालना चाहिए. अपने पार्लर, शॉपिंग, मनपसंद मूवी या प्ले आदि के लिए एक क्वालिटी टाइम जरूर निकालें. इससे आप दिल और दिमाग से कूल रहेंगी और दो मोर्चों पर काम करने की हिम्मत जुटा पाएंगी.
स्मार्टली हैंडल करना सीखें
अगर किचन में ज्यादा समय लगता है तो चीजों को स्टोर करना सीखिए. लहसुन अदरक का पेस्ट बनाकर फ्रिज में स्टोर कीजिए. टमाटर की प्यूरी बना लीजिए. कपड़े रात को मशीन में धोने के लिए डाल दीजिए. सब्जी ऑफिस से आते हुए ले आइए. रात में कोई मूवी देखते हुए कपड़े तय बना लिए, अगले दिन के लिए सब्जी काटकर फ्रिज में रख दी. ऐसे काम को स्मार्टली हैंडल करने से काम बोझ नहीं रहते.
बिलिंग के लिए अलार्म लगाकर रखें
आमतौर पर समय की कमी के चलते कई तरह की बिलिंग लिए वर्किंग वुमेन के पास टाइम नहीं रहता. ऐसे में अक्सर बिलिंग टाइम निकल जाते हैं. अपने गूगल कैलेंडर में हर बिलिंग का अलार्म लगाकर रखिए ताकि आप उस वक्त कहीं भी हों, बिल पैंडिंग ना हो पाए.
बच्चों को भी बनाएं इंडीपेंडेंट
कामकाजी औरतों को अपने बच्चों को भी कामकाज सिखाना चाहिए ताकि वो समय पर समझदार और जिम्मेदार हो सकें. अपने कपड़े तय बनाना, अपना होमवर्क करना, अपनी वार्डरोब मैनेजज करना , खेलने का समय सुनिश्चित करना, समय पर उठना आदि उनको सिखा देना चाहिए ताकि वो अपनी मां की जिम्मेदारियों को समझ कर काम में हाथ बंटाना शुरू कर दें.
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