Mamata Banerjee CM Post: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की विधानसभा चुनाव में हार हुई है. 15 साल बाद मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और साफ कह दिया है कि वो सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगीं. अब ऐसे में सवाल है कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? अगर वाकई ममता अपना इस्तीफा नहीं देती हैं तो आगे नया सीएम कैसे चुना जाएगा? आइए जानते हैं कि इसे लेकर नियम क्या हैं और राज्यपास के पास ऐसे में कौन सी शक्तियां होती हैं.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी को मिली बड़ी जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने इस्तीफा नहीं देने के फैसले का ऐलान कर सबको चौका दिया है. संविधान विशेषज्ञों के मुताबिक, आजादी के बाद ममता बनर्जी पहली मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने विधान सभा चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है.
सीएम इस्तीफा नहीं दे तो क्या होगा?
अगर कोई सीएम इस्तीफा नहीं देता है तो ऐसे में राज्यपाल के पास विशेष शक्तियां होती हैं. राज्यपाल पहले हारे हुए सीएम से इस्तीफा मांग सकते हैं और इनकार करने पर वो विधानसभा को तुरंत भंग करने का आदेश जारी कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में राज्यपाल मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर सकते हैं. अगर मुख्यमंत्री की तरफ से कोई कदम उठाया जाता है या फिर कोई बड़ा संकट खड़ा होता है तो ऐसे में राज्यपाल अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं. राज्यों में संवैधानिक मशीनरी की विफलता के मामले में ऐसा होता है. हालांकि पश्चिम बंगाल के मामले में चुनावी नतीजे आ चुके हैं और ऐसे में साफ हो चुका है कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी.
कैसे बनेगी नई सरकार?
राज्यपाल के पास अनुच्छेद 164 के तहत राज्य में नया मुख्यमंत्री नियुक्त करने और उसे शपथ दिलवाने की शक्ति होती है. चुनाव में हारने वाली सरकार और सीएम की बर्खास्तगी के बाद राज्यपाल विधायक दल के नेता को मुख्यमंत्री चुन सकते हैं, जिसके बाद नई सरकार बन सकती है. यानी भले ही ममता बनर्जी इस्तीफा न दें, लेकिन वो जनादेश के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम नहीं रह सकती हैं.
ममता बनर्जी ने क्या कहा?
ममता बनर्जी ने चुनाव में मिली हार के बाद आरोप लगाया है कि बीजेपी ने 100 सीटों की चोरी की है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि लड़ाई बीजेपी से नहीं बल्कि चुनाव आयोग से थी. ममता ने कहा, मैं हारी नहीं हूं, ऐसे में मैं इस्तीफा भी नहीं दूंगी. ममता बनर्जी ने ये भी कहा कि काउंटिंग सेंटर पर उनके साथ उनके साथ मारपीट हुई.
विधानसभा का कार्यकाल हो रहा खत्म
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है. ऐसे में संविधानिक दिक्कत ज्यादा नहीं आएगी. ऐसे में 8 मई तक खुद ही विधानसभा को भंग माना जाएगा और नई सरकार का गठन जरूरी होगा. ममता बनर्जी के सीएम पद से इस्तीफा देने या ना देने का फिर कोई मतलब नहीं रह जाएगा.
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