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दिल्ली के इस स्कूल में हुई थी भारतीय जनसंघ की शुरुआत, फिर ऐसे बन गई BJP

BJP Foundation Day 2026: भारतीय जनता पार्टी का सफर दिल्ली के एक छोटे से स्कूल से शुरू होकर दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन बनने तक का है. इसकी नींव 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जनसंघ के रूप में रखी गई थी. 1977 में इसका विलय जनता पार्टी में हुआ.

दिल्ली के इस स्कूल में हुई थी भारतीय जनसंघ की शुरुआत, फिर ऐसे बन गई BJP
BJP Foundation Day 2026: दिल्ली के इस स्कूल से हुई थी भारतीय जनसंघ की शुरुआत

BJP Foundation Day 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है. 6 अप्रैल 1980 को अस्तित्व में आए भारतीय जनसंघ से निकली बीजेपी आज दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बन चुकी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस विशाल वटवृक्ष का बीज दिल्ली के एक छोटे से स्कूल में बोया गया था. आइए आज भाजपा के जन्मदिन पर जानते हैं इसके जनसंघ से 'नई' बीजेपी बनने तक का दिलचस्प सफर.

वो स्कूल, जहां से हुई भारतीय जनसंघ की शुरुआत

बात है 21 अक्टूबर, 1951 की. देश नया-नया आजाद हुआ था. विभाजन का दर्द अभी ताजा था. उस वक्त डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू सरकार की कुछ नीतियों खासकर कश्मीर और अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर से नाराज होकर कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. उन्हें महसूस हुआ कि देश को एक ऐसे राजनीतिक दल की जरूरत है, जो भारतीय संस्कृति और राष्ट्रवाद की बात करे. इसी सोच के साथ दिल्ली के राघोमल आर्य कन्या उच्च विद्यालय में 'भारतीय जनसंघ' की नींव रखी गई. यही जनसंघ आगे चलकर आज की बीजेपी बना.

दीनदयाल उपाध्याय और कश्मीर आंदोलन

जनसंघ की स्थापना के कुछ समय बाद ही डॉ. मुखर्जी की कश्मीर की जेल में रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत्यु हो गई. इसके बाद पार्टी को खड़ा करने की जिम्मेदारी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के कंधों पर आई. उन्होंने 'एकात्म मानववाद' का विचार दिया, जो आज भी बीजेपी का मूल मंत्र है. 1967 में जनसंघ ने पहली बार कांग्रेस के दबदबे को चुनौती दी और कई राज्यों में अपनी पैठ बनाई.

जब लोकतंत्र बचाने के लिए जनसंघ ने खुद को मिटा दिया

1975 में जब देश में आपातकाल (Emergency) लगा, तो विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया. लोकतंत्र को बचाने के लिए जनसंघ ने बड़ा आंदोलन किया. 1977 में जनसंघ का विलय 'जनता पार्टी' में हो गया, ताकि सब मिलकर कांग्रेस के खिलाफ लड़ सकें. चुनाव हुए और पहली बार केंद्र में गैर-कांग्रेसी सरकार बनी.

बीजेपी का जन्म कैसे हुआ

जनता पार्टी की सरकार ज्यादा दिन नहीं चली. पार्टी के भीतर ही कुछ लोगों को इस बात पर ऐतराज होने लगा कि पूर्व जनसंघ के सदस्य RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से भी जुड़े हुए हैं. इसे दोहरी सदस्यता का मुद्दा कहा गया. जब जनता पार्टी ने RSS से रिश्ता तोड़ने का दबाव बनाया, तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेताओं ने झुकने के बजाय नई राह चुनी. 6 अप्रैल, 1980 को दिल्ली के कोटला मैदान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का गठन हुआ और अटल जी इसके पहले अध्यक्ष बने. 

अटल-आडवाणी के दौर से मोदी युग तक बीजेपी

1. 1980-90 के दशक में राम मंदिर आंदोलन और लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा ने बीजेपी को घर-घर पहुंचा दिया.

2. 1996 में बीजेपी की 13 दिन की सरकार बनी, प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बनें. फिर 1998 और 1999 में बीजेपी ने सरकार बनाई. पोखरण परमाणु परीक्षण और कारगिल जीत जैसे बड़े फैसलों ने भारत की ताकत दुनिया को दिखाई.

3. 2014 में बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल किया. तब पार्टी के अध्यक्ष मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह थे. इस जीत के साथ ही नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने. आज बीजेपी 11 करोड़ से ज्यादा सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है.

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