झारखंड की राजनीति में अपने सादगीपूर्ण अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वजह न कोई बजट है और न कोई राजनीतिक बयान, बल्कि उनके हाथ में दिखाई दे रही बंदूक है. सोशल मीडिया पर उनकी शूटिंग प्रैक्टिस की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनकी राजनीतिक गलियारों में भी खूब चर्चा है. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक खेल है, जो एकाग्रता, अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है. हालांकि, इन सबके पीछे वजह कुछ और है और यही वजह विपक्ष को भी मौका दे रही है.
सुरक्षा लौटा चुके हैं वित्त मंत्री
हाल ही में उन्होंने सुरक्षा लौटा दी थी. सिक्योरिटी में तैनात 16 सुरक्षा गार्ड और 3 सरकारी एस्कॉर्ट वाहनों को राज्य सरकार को वापस कर दिया है. मंत्री के इस कदम के बाद सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया था. इस प्रकरण के पीछे मंत्री ने खुद कोई वजह नहीं बताई. अटकलें लगने लगीं कि सरकार की कार्यप्रणाली और कुछ प्रशासनिक निर्णयों से नाराजगी के चलते उन्होंने ऐसा किया.

इस बारे में वित्त मंत्री ने अब तक खुलकर बयान नहीं दिया है.
मंत्री के अलग अंदाज के बाद कयासबाजी तेज
सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस करने के फैसले के बाद अब वित्त मंत्री खुद रांची के शूटिंग सेंटर में निशानेबाजी करते दिख रहे है. अब कोई इसे आत्मनिर्भरता का संदेश बता रहा है तो कोई इसे मंत्री का नया और अलग अंदाज मान रहा है. फिलहाल बंदूक के साथ शूटिंग रेंज में उतरने के बाद राधाकृष्ण किशोर सुर्खियों में हैं.
डीजीपी ने सुरक्षा गार्ड को बंगले पर तैनात रहने के दिए निर्देश
वहीं, सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) ने सुरक्षाकर्मियों को मंत्री के सरकारी आवास पर ही तैनात रहने का निर्देश दिया है. मंत्री राधाकृष्ण किशोर की सुरक्षा पूरी तरह समाप्त नहीं की गई है, लेकिन मंत्री अब सड़कों पर किसी भी तरह के भारी-भरकम काफिले के बिना ही नजर आ रहे हैं.
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