एहतेशाम बिलाल (Ahtesham Bilal) माता-पिता की अपील के बाद घर लौट आया है.
नई दिल्ली:
आतंकवादी संगठन आईएसजेके में शामिल जम्मू-कश्मीर का छात्र एहतेशाम बिलाल (Ahtesham Bilal) माता-पिता की एक भावुक अपील के बाद अपने घर वापस लौट आया है. एहतेशाम बिलाल दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के शारदा यूनिवर्सिटी का छात्र था और पिछले दिनों खबर आई कि वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ जम्मू कश्मीर में शामिल हो गया है. जम्मू कश्मीर पुलिस ने किसी का नाम लिए बगैर एक ट्वीट कर यह जानकारी दी और कहा, ‘परिवार और पुलिस की मदद से एक शख्स मुख्यधारा में लौट आया है'. दरअसल, अक्टूबर में ग्रेटर नोएडा के शारदा विश्वविद्यालय से लापता छात्र एहतेशाम बिलाल की पिछले दिनों तस्वीरें सोशल मीडिया के जरिये सामने आईं. जिसमें वह काली पगड़ी और काला पठानी सूट पहने दिखाई दे रहा था. पीछे इस्लामिक स्टेट का झंडा भी दिखाई दे रहा था. दावा किया गया कि वह घाटी में आतंकवादी समूह में शामिल हो चुका है. इसके बाद मामले की जांच चल रही थी.
इस खबर के बाद एहतेशाम (Ahtesham Bilal) के परिवार के सदस्यों की तस्वीरें स्थानीय अखबारों में प्रकाशित हुईं. जिसमें एहतेशाम से ‘‘कम से कम अपने माता-पिता के शव को कंधा'' देने के लिए घर लौटने की अपील की गई थी. माता-पिता ने लिखा था कि, ‘वह पूरे सोफी कबीले में उनका इकलौता बेटा है और उसे अपने परिवार के पास लौटने दिया जाए'. पिता बिलाल सोफी ने भावुक अपील करते हुए लिखा था, ‘मेरे बेटे, तुम कहते थे कि जन्नत अम्मी-अब्बू के पैरों में है, इसलिए आ जाओ और फिर से हमारे साथ रहो'. अपील का असर दिखा और एहतेशाम अपने घर वापस लौट आया. बताया जा रहा है कि इसके बाद पुलिस उसे चिकित्सा जांच के लिए अज्ञात स्थान पर ले गई. हालांकि पुलिस अधिकारियों ने एहतेशाम बिलाल को हिरासत में लिये जाने की खबरों को खारिज कर दिया. आपको बता दें कि एहतेशाम 28 अक्टूबर को लापता हो गया था. बताया जा रहा है कि उसने विश्वविद्यालय से दिल्ली जाने की अनुमति ली थी. अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के साथ-साथ श्रीनगर के खानयार पुलिस स्टेशन में भी उसके लापता होने को लेकर मामला दर्ज किया गया था. (इनपुट-भाषा से भी)
शारदा यूनिवर्सिटी से लापता कश्मीरी छात्र ने आतंकी संगठन ज्वाइन किया, सोशल मीडिया पर दावा
With the help of family and #police an individual ( name withheld) has been brought back to the mainstream. Further details shall follow. @JmuKmrPolice @HMOIndia @jandkgovernor @PIBHomeAffairs
— Kashmir Zone Police (@KashmirPolice) December 2, 2018
इस खबर के बाद एहतेशाम (Ahtesham Bilal) के परिवार के सदस्यों की तस्वीरें स्थानीय अखबारों में प्रकाशित हुईं. जिसमें एहतेशाम से ‘‘कम से कम अपने माता-पिता के शव को कंधा'' देने के लिए घर लौटने की अपील की गई थी. माता-पिता ने लिखा था कि, ‘वह पूरे सोफी कबीले में उनका इकलौता बेटा है और उसे अपने परिवार के पास लौटने दिया जाए'. पिता बिलाल सोफी ने भावुक अपील करते हुए लिखा था, ‘मेरे बेटे, तुम कहते थे कि जन्नत अम्मी-अब्बू के पैरों में है, इसलिए आ जाओ और फिर से हमारे साथ रहो'. अपील का असर दिखा और एहतेशाम अपने घर वापस लौट आया. बताया जा रहा है कि इसके बाद पुलिस उसे चिकित्सा जांच के लिए अज्ञात स्थान पर ले गई. हालांकि पुलिस अधिकारियों ने एहतेशाम बिलाल को हिरासत में लिये जाने की खबरों को खारिज कर दिया. आपको बता दें कि एहतेशाम 28 अक्टूबर को लापता हो गया था. बताया जा रहा है कि उसने विश्वविद्यालय से दिल्ली जाने की अनुमति ली थी. अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के साथ-साथ श्रीनगर के खानयार पुलिस स्टेशन में भी उसके लापता होने को लेकर मामला दर्ज किया गया था. (इनपुट-भाषा से भी)
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