
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल (इंग्लैंड VS वेस्टइंडीज़) होम टीम नहीं खेल रही थी फिर भी इडन गार्डन्स खचाखच भरा था। इसके महज़ एक हफ्ते बाद ही तस्वीर पूरी तरह बदल गई। कोलकाता अपना आईपीएल का पहला मैच ईडन गार्डन्स के होम ग्राउंड पर खेल रही थी, लेकिन आधा स्टेडियम खाली था।
सच तो यह है कि इस सीज़न आईपीएल में खाली स्टेडियम दिखना आम बात हो गई है, जिसका मतलब है कि टिकट बिक्री से आने वाला पैसा फ़्रेचाइज़ीज़ के लिए 40 फीसदी घट गया है।
चिंता यहीं खत्म नहीं होती। सिर्फ मैदान ही नहीं आईपीएल इस सीज़न में टीवी पर भी ज्यादा देखा नहीं जा रहा। आईपीएल के पहले हफ्ते में औसतन हर मैच के 3.5 रेटिंग प्वॉइंट्स की टीआरपी आई। इसकी अगर हाल ही में सम्पन्न हुए वर्ल्ड टी-20 से तुलना करें तो भारत-पाकिस्तान के एक मैच की टीआरपी 17.5 रही थी, मतलब 5 गुने से भी ज्यादा।
IPL 9 से दर्शक दूर
IPL 2016 (औसत रेटिंग) 3.5 TV रेटिंग
वर्ल्ड T20 (भारत VS पाकिस्तान) 17.5 TV रेटिंग
वर्ल्ड टी-20 के कुछ ही दिन बाद आईपीएल शुरू हो गया। क्या दर्शकों को भी टी-20 देखने से थकान हो गई? यही वजह है जो वे आईपीएल नहीं देख रहे? IPL की टीवी रेटिंग का तुलनात्मक अध्ययन करें तो यह बात साफ होती है कि पिछले 4 वर्षों में वर्ल्ड टी-20 दो बार खेला गया और दोनो ही बार आईपीएल की टीवी रेटिंग पहले हफ्ते में खराब रही, बाकी सीज़न्स के मुकाबले।
IPL की TV रेटिंग पहला हफ़्ता वर्ल्ड T20 वर्ष गैर वर्ल्ड T20 वर्ष
2016 3.5
2015 4.5
2014 3.1
2013 3.8
लेकिन इसके लिए वजह सिर्फ़ बहुत ज्यादा टी-20 क्रिकेट ही नहीं धोनी -रैना जैसे बड़े नामों का नई टीमों में होना भी है। ऐसे में टीम और खिलाड़ी के साथ जुड़े फैन्स उन्हें अब फॉलो नहीं कर रहे और खेल चाहने वालों और फ़ैन्स के बिना कुछ भी नहीं हो सकता।
आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग का भी इसमें योगदान कहा जा सकता है। दो टीम मालिक पूरी लाइफ के लिए प्रतिबंधित हैं और 2 टीमें निंलंबित हैं। ऐसे में दर्शक अगर दूर हैं भी तो उनकी गलती नहीं। आईपीएल की नई टैगलाइन भले ही कहे कि एक इंडिया हैप्पीवाला लेकिन टीवी और स्टेडियम जो संकेत दे रहे हैं वह यह कि इंडिया इससे कुछ ज्यादा हैप्पी नहीं।
सच तो यह है कि इस सीज़न आईपीएल में खाली स्टेडियम दिखना आम बात हो गई है, जिसका मतलब है कि टिकट बिक्री से आने वाला पैसा फ़्रेचाइज़ीज़ के लिए 40 फीसदी घट गया है।
चिंता यहीं खत्म नहीं होती। सिर्फ मैदान ही नहीं आईपीएल इस सीज़न में टीवी पर भी ज्यादा देखा नहीं जा रहा। आईपीएल के पहले हफ्ते में औसतन हर मैच के 3.5 रेटिंग प्वॉइंट्स की टीआरपी आई। इसकी अगर हाल ही में सम्पन्न हुए वर्ल्ड टी-20 से तुलना करें तो भारत-पाकिस्तान के एक मैच की टीआरपी 17.5 रही थी, मतलब 5 गुने से भी ज्यादा।
IPL 9 से दर्शक दूर
IPL 2016 (औसत रेटिंग) 3.5 TV रेटिंग
वर्ल्ड T20 (भारत VS पाकिस्तान) 17.5 TV रेटिंग
वर्ल्ड टी-20 के कुछ ही दिन बाद आईपीएल शुरू हो गया। क्या दर्शकों को भी टी-20 देखने से थकान हो गई? यही वजह है जो वे आईपीएल नहीं देख रहे? IPL की टीवी रेटिंग का तुलनात्मक अध्ययन करें तो यह बात साफ होती है कि पिछले 4 वर्षों में वर्ल्ड टी-20 दो बार खेला गया और दोनो ही बार आईपीएल की टीवी रेटिंग पहले हफ्ते में खराब रही, बाकी सीज़न्स के मुकाबले।
IPL की TV रेटिंग पहला हफ़्ता वर्ल्ड T20 वर्ष गैर वर्ल्ड T20 वर्ष
2016 3.5
2015 4.5
2014 3.1
2013 3.8
लेकिन इसके लिए वजह सिर्फ़ बहुत ज्यादा टी-20 क्रिकेट ही नहीं धोनी -रैना जैसे बड़े नामों का नई टीमों में होना भी है। ऐसे में टीम और खिलाड़ी के साथ जुड़े फैन्स उन्हें अब फॉलो नहीं कर रहे और खेल चाहने वालों और फ़ैन्स के बिना कुछ भी नहीं हो सकता।
आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग का भी इसमें योगदान कहा जा सकता है। दो टीम मालिक पूरी लाइफ के लिए प्रतिबंधित हैं और 2 टीमें निंलंबित हैं। ऐसे में दर्शक अगर दूर हैं भी तो उनकी गलती नहीं। आईपीएल की नई टैगलाइन भले ही कहे कि एक इंडिया हैप्पीवाला लेकिन टीवी और स्टेडियम जो संकेत दे रहे हैं वह यह कि इंडिया इससे कुछ ज्यादा हैप्पी नहीं।
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