देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार पर आखिर क्यों कर भरोसा कर अपनी छीछालेदर करवाई, ये सवाल अब भी बना हुआ है. हालांकि देवेंद्र फडणवीस ये साफ कर चुके हैं कि अजित पवार अपने साथ 54 विधायकों के हस्ताक्षर वाली सूची लाये थे और दावा किया था कि ज्यादातर विधायक शिवसेना की बजाय बीजेपी के साथ सरकार बनाने के पक्ष में हैं. अगर ऐसा था तो एक भी एनसीपी का विधायक अजित पवार के साथ आखिरी वक्त तक क्यों नहीं टिका रहा? एनसीपी सूत्रों की मानें तो 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम में बीजेपी की सीटें कम होते ही एनसीपी और शिवसेना के खेमे में इसका फ़ायदा उठाने की कुलबुलाहट शुरू हो गई थी. एनसीपी मुखिया शरद पवार की दूर दृष्टि ने राज्य में एक नए राजनीतिक समीकरण की तस्वीर देख ली थी. लेकिन खुद उनकी पार्टी में अजित पवार सहित एक बड़ा धड़ा शिवेसना के साथ जाने के पक्ष में नही था. वो चाहता था कि बीजेपी के साथ मिलकर केंद्र और राज्य दोनों जगह सत्ता में सहभागी हो.
देवेंद्र फडणवीस का दावा- अजित पवार ने किया था सरकार बनाने के लिए संपर्क, विधायकों से करवाई थी बात
-
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
जबकि दूसरे धड़े का कहना था कि ईडी की नोटिस का जिस तरह सामना कर शरद पवार ने अपना कद बढ़ाया था और जिस तरह से राज्य में बीजेपी के खिलाफ उन्हें जनसमर्थन मिला था उसे देखते हुए बीजेपी के साथ जाने से शरद पवार की छवि खराब होगी और गलत संदेश जाएगा जबकि शिवसेना और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने से पार्टी और शरद पवार का कद भी बढ़ेगा और राज्य सरकार पर नियंत्रण भी रहेगा.
क्या ठाकरे सरकार में उपमुख्यमंत्री बनेंगे अजित पवार? NCP प्रमुख शरद पवार ने दिया यह जवाब...
लेकिन अजित पवार के साथ पार्टी के ज्यादातर विधायक और नेता बीजेपी के साथ जाने के पक्ष में थे. एनसीपी के एक नेता के मुताबिक इसके लिये 20 के करीब चुनिंदा नेताओं की एक मीटिंग बुलाई गई और चूंकि शरद पवार खुद भी शिवसेना और कांग्रेस के साथ मिलकर आघाडी बनाने के पक्ष में थे इसलिए ज्यादातर को उनकी ईच्छा बता दी गई थी. आखिर वही हुआ जो शरद पवार चाहते थे. ज्यादातर ने शिवसेना के पक्ष में अपनी राय रखी.
NDTV से बोले शरद पवार- जानता था अजित पवार- देवेंद्र फडणवीस में बात चल रही है लेकिन नहीं पता था कि...
शरद पवार अपनी पार्टी का मन बनाने में तो कामयाब हो गए लेकिन अभी कांग्रेस को मनाना बाकी था. प्रदेश कांग्रेस के नेता तो लगभग तैयार हो चुके थे. दिल्ली से विशेष तौर पर मुम्बई आये अहमद पटेल, के सी वेणुगोपाल और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ शिवसेना के पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की मुलाकात भी हो चुकी थी. लेकिन कांग्रेस की तरफ से हरी झंडी नहीं मिल पाई थी. जरूरी था कि कांग्रेस सरकार के अंदर आये पर बात बन नहीं रही थी. दिल्ली में शरद पवार और सोनिया गांधी की मुलाकात भी सफल नहीं रही थी.
लेकिन कांग्रेस के विधायकों का दबाव उनकी अपनी पार्टी पर बढ़ रहा था. शरद पवार ने दिल्ली जाकर एक बार फिर से सोनिया गांधी से मुलाकात की. दिल्ली में ही एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई. वहीं से कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में सेक्युलर शब्द को शामिल करने को लेकर मुंबई में बैठे उद्धव ठाकरे से बातचीत भी हुई. उसी मीटिंग में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को लेकर भी कांग्रेस ने बात करनी चाही पर शरद पवार ने ये कहकर उस पर कुछ फैसला करने से मना कर दिया कि इस पर शिवसेना के सामने ही बातचीत करना उचित होगा.
उद्धव ठाकरे सरकार के विश्वासमत हासिल करने पर क्या बोले NCP नेता अजित पवार...
दूसरे दिन 22 नवंबर की शाम वर्ली के नेहरू सेंटर में तीनों पार्टी के नेताओं की बैठक हुई. पर विधानसभा अध्यक्ष को लेकर बात बिगड़ गई. सूत्रों के मुताबिक हुआ ये कि अहमद पटेल ने शरद पवार से कहा कि आपने विधानसभा अध्यक्ष पद देने पर हामी भरी थी. पवार को लगा कि उन्हें झूठा ठहराया जा रहा है इसलिए वो मीटिंग बीच मे छोड़ कर निकल गए. बाहर निकल कर उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार बनने पर आम सहमति की बात कह कर उम्मीद को बनाये रखा.
शिवसेना ने पवार की तारीफ में पढ़े कसीदे, महा विकास अघाड़ी का ‘मार्गदर्शक' बताया
लेकिन शरद पवार के इस तरह से बीच मे उठकर जाने से बार-बार की मीटिंग से पहले से नाराज अजित पवार को लगा कि अब वो अपने चाचा को बीजेपी के साथ जाने के लिए मना लेंगे.
उन्होंने पार्टी ऑफिस से 54 विधायकों के हस्ताक्षर वाले पत्र की दो कॉपी मंगवाई और पहुंच गये देवेंद्र फडणवीस के पास औऱ शर्त रखी कि सुबह ही अगर शपथ विधि होती है तो वो बीजेपी के साथ सरकार बनाने को तैयार हैं. उनके पास 54 विधायकों के हस्ताक्षर वाले कागज थे वो खुद भी एनसीपी विधानमंडल दल नेता थे इसलिए बीजेपी उनकी बातों में आ गई. सूत्र बताते हैं कि अजित पवार ने कुल 54 नहीं तो 22 से 25 विधायकों के साथ में आने का दावा किया और ये भी वादा किया कि वो अपने चाचा यानी कि शरद पवार को मना लेंगे.
Maharashtra News: आखिर कैसे हुई अजित पवार की वापसी? घर की महिलाओं ने संभाली बागडोर और...
लेकिन दूसरे दिन हुआ उल्टा. 23 नवंबर की सुबह अजित पवार को देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री की शपथ लेते देख पवार हैरान तो हुए लेकिन ईडी की नोटिस की तरह अपने खिलाफ गई परिस्थिति को उन्होंने फिर से अपने पक्ष में कर लिया. सुबह सबसे पहले शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को फोन कर सबकुछ ठीक करने का भरोसा दिलाया और अजित पवार के साथ गये ज्यादातर विधायकों को वापस बुलवाकर कांग्रेस को भी सरकार में शामिल होने पर राजी कर लिया.
शिवसेना नेता संजय राउत का तंज, 'अघोरी' कोशिशों के बावजूद BJP...
रही सही कसर 25 नवंबर को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले ने पूरी कर दी जिसमें बहुमत के लिए खुला मतदान और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करवाने की बात कही गई थी. अजित पवार तो अपने घर वापस चले गए और महा विकास आघाडी सरकार में उपमुख्यमंत्री के दावेदार भी हैं लेकिन 5 साल सफलतापूर्वक मुख्यमंत्री रहकर राज्य बीजेपी के कद्दावर नेता बन चुके देवेंद्र फडणवीस की मिट्टी पलीद कर गये.
VIDEO: महाराष्ट्र: आखिर अजित पवार की वापसी कैसे हुई?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं