विज्ञापन

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हाई-वोल्टेज ड्रामा, टीएमसी के बागी और ममता समर्थक विधायक आमने-सामने आए

पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को टीएमसी के बागी और ममता समर्थक विधायक पहली बार आमने-सामने आए, जिससे भारी हंगामा हुआ और सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा.

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हाई-वोल्टेज ड्रामा, टीएमसी के बागी और ममता समर्थक विधायक आमने-सामने आए
टीएमसी के बागी और ममता समर्थक विधायक पहली बार आमने-सामने आए,

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार का दिन एक बड़े और नाटकीय घटनाक्रम का गवाह बना. राज्य की विधानसभा में उस वक्त भारी हंगामा देखने को मिला जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी और ममता बनर्जी के समर्थक विधायक पहली बार आमने-सामने आए. इस गर्मागर्म माहौल के बीच स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कुछ लोगों को सुरक्षा बलों की मदद से सदन से बाहर भी निकालना पड़ा.

राजनीतिक गलियारों में इस सियासी हलचल की चर्चा जोरों पर है क्योंकि हाल ही में बागी नेता ऋतव्रत बनर्जी गुट की तरफ से यह बड़ा दावा किया गया था कि सदन के भीतर उनके पास कुल 64 विधायकों का समर्थन हासिल है. सत्ताधारी दल के भीतर विधायकों का इस तरह आमने-सामने आना और सुरक्षा बलों का हस्तक्षेप करना पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए और बड़े तूफान का संकेत दे रहा है. आने वाले दिनों में यह टकराव राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से प्रभावित कर सकता है.

जानें क्या हुआ था पुरा घटनाक्रम 

पश्चिम बंगाल की राजनीति में कुछ समय पहले यह बड़ा और नाटकीय घटनाक्रम सामने आया था जब न्यूटाउन में एक अहम बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट ने ममता बनर्जी को टीएमसी चेयरपर्सन के पद से हटा दिया था. उनकी जगह हावड़ा सेंट्रल के विधायक अरूप रॉय को नया चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था. इसके अलावा, रिताब्रता बनर्जी और अन्य नेताओं के नेतृत्व वाले 'असली तृणमूल' गुट ने अभिषेक बनर्जी को पार्टी के 'ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी' के पद से सस्पेंड कर दिया था.

60 विधायक और 70 पूर्व पार्षद हुए शमिल

यह राजनीतिक भूचाल तब आया जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा का बजट सत्र संपन्न हुआ था. सत्र के ठीक बाद, तृणमूल के बागी विधायकों ने न्यूटाउन के एक होटल में एक गुप्त बैठक बुलाई थी. इस बैठक में तृणमूल के 60 विधायक और कोलकाता के लगभग 70 पूर्व पार्षद भी शामिल हुए थे. इसी बैठक के दौरान 30 सदस्यों वाली 'तृणमूल' कमिटी के गठन की घोषणा की गई थी.

500 नेता हुए एक जुट

इस विशेष सत्र में हिस्सा लेने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों से लेकर विधायक तक, तृणमूल के 500 नेता शहर के एक होटल में एकजुट हुए थे. इस महाबैठक में कम से कम 16 जिला अध्यक्ष, पूर्व विधायक, 60 से 70 पार्षद और बागी विधायक मौजूद रहे थे, जहां पार्टी की एक नई नेशनल वर्किंग कमेटी का गठन किया गया था. इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष: अरूप रॉय, नेशनल जनरल सेक्रेटरी: संदीपन साहा (निष्कासित विधायक), जावेद खान और रिताब्रता बनर्जी उपाध्यक्ष: फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष बनाए गए.
 

यह भी पढ़ें- 

CJP प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज मामले में दिल्ली HC का आदेश, पुलिस और केंद्र को भेजा नोटिस

कालीघाट सूत्र पार्टी को बर्बाद कर देंगे; TMC सांसद कल्याण बनर्जी के बागी तेवर, अभिषेक बनर्जी पर ये कहा

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
West Bengal, TMC, Legislative Assembly
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com