पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं. राज्य की 294 सदस्यों वाली विधानसभा में 206 सीटें जीतकर बीजेपी सरकार बनाने जा रही है. बीजेपी ने इस चुनाव में महिलाओं की सुरक्षा और महिला आरक्षण को मुद्दा बनाया था. इसका फायदा भी उसे मिला. बीजेपी इन मुद्दों के आधार पर न केवल सरकार बनाने जा रही है, बल्कि वह अपने टिकट पर सबसे अधिक महिलाओं को जिता पाने में कामयाब भी हुई है. बीजेपी ने कुल 34 महिलाओं को टिकट दिया था. इनमें से 23 महिलाएं विधानसभा पहुंचने में कामयाब हुई हैं. निवर्तमान विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या 41 है. आइए हम आपको बताते हैं कि राज्य में दूसरी पार्टियों का क्या हाल रहा है.
बंगाल में कितनी महिलाएं लड़ रही थीं चुनाव
इस बार के चुनाव में कुल 387 महिलाएं चुनाव मैदान में थीं. लेकिन केवल 37 महिलाएं ही विधानसभा में पहुंचने में कामयाब रही हैं. महिलाओं को सबसे अधिक 53 महिलाओं को टिकट दिया था. लेकिन केवल 14 महिलाएं के सिर पर ही विजय का ताज सजा. सबसे बड़ी बात यह रही कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी भी अपनी भवानीपुर सीट बचा पाने में कामयाब रही. इस तरह महिलाओं के मामले में तृणमूल का रिकॉर्ड 26 फीसदी रहा.
बंगाल में तृणमूल के बाद महिलाओं को सबसे अधिक टिकट बीजेपी ने दिया था. बीजेपी ने 34 महिलाओं को मैदान में उतारा था. उसकी 23 महिला उम्मीदवार जीतने में कामयाब रही है. बीजेपी का स्ट्राइक रेट 68 फीसदी रहा.वहीं कांग्रेस ने 40, वामदलों ने 39 और अन्य ने 221 महिला उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन किसी भी दल कोई महिला उम्मीदवार जीत नहीं पाई. साल 2021 के विधानसभा चुनाव में कुल 41 महिलाएं विधायक चुनी गई थीं यानि की इस बार पिछले बार की तुलना में कम महिलाएं विधायक चुनी गई हैं.
केंद्र सरकार ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है. लेकिन कोई भी दल इसका पालन करता हुआ नहीं दिखाई दिया. पश्चिम बंगाल में महिलाओं को सबसे अधिक टिकट तृणमूल कांग्रेस ने दिया था. उसने 53 महिलाओं को टिकट दिया था यानि की करीब 19 फीसदी.
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