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Live: चुनाव नतीजों से पहले टीएमसी और बीजेपी में हुई झड़प, स्ट्रॉन्ग रूम पर कड़ा पहरा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक वीडियो संदेश जारी करने के महज कुछ ही घंटों बाद धरना शुरू हुआ. ममता ने EVM में छेड़छाड़ की आशंका जताई थी.

Live: चुनाव नतीजों से पहले टीएमसी और बीजेपी में हुई झड़प, स्ट्रॉन्ग रूम पर कड़ा पहरा
EVM स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर TMC का धरना
  • पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम स्ट्रांग रूम को सुरक्षित स्थानों पर सील करके रखा गया है
  • तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने ईवीएम स्ट्रांग रूम के बाहर धरना-प्रदर्शन भी किया
  • ममता ने EVM से छेड़छाड़ के शक में संदेश जारी कर कार्यकर्ताओं को स्ट्रांग रूम की पहरेदारी का आह्वान किया था
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West Bengal:

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद अब सभी को रिजल्ट का इंतजार है. वहीं EVM को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है. हालांकि ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंकाओं के बीच पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल के एक सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने गुरुवार (30 अप्रैल) शाम से कोलकाता में एक ईवीएम स्ट्रांगरूम के सामने धरना-प्रदर्शन भी किया. पश्चिम बंगाल के अलग-अलग विधानसभा में स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर टीएमसी नेताओं का बवाल शुरू हो गया है.

बंगाल में स्ट्रॉन्ग रूम बवाल पर आपको यहां मिलेगा Live Update

चुनाव आयोग के नए संशोधन के बाद अब पश्चिम बंगाल में 77 केंद्रों पर होगी मतगणना

मतगणना से पहले चुनाव आयोग ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में मतगणना केंद्रों की संख्या में और कमी कर दी है. दो सप्ताह पहले यह 108 से घटाकर 87 कर दी गई थी. दो चरणों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद आयोग ने अब राज्य में मतगणना केंद्रों की संख्या घटाकर 77 कर दी है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने गुरुवार को सूचित किया कि राज्य भर में सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 77 केंद्रों पर मतगणना की जाएगी। मतगणना केंद्रों की जिलावार सूची, प्रत्येक केंद्र के पते के साथ प्रकाशित कर दी गई है. 2016 के विधानसभा चुनावों में राज्य में 90 केंद्रों पर मतगणना हुई थी. 2021 के विधानसभा चुनावों में मतगणना केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 108 कर दी गई थी। 17 अप्रैल को आयोग ने यह संख्या घटाकर 87 कर दी थी, अब इसे और घटाकर 77 कर दिया गया है.

काउंटिंग सेंटरों पर तीन‑स्तरीय सुरक्षा, किसी भी गड़बड़ी की कोई आशंका नहीं: सीईओ

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि राज्य के हर काउंटिंग सेंटर पर तीन‑स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी, जिससे किसी भी तरह की समस्या या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है. सीईओ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे नतीजों के दिन काउंटिंग सेंटर तब तक न छोड़ें, जब तक कि वह खुद परिणामों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस न कर लें.

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने अमित मालवीय के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि तथ्य और अमित मालवीय एक‑दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं और टीएमसी को उनसे किसी तरह का उपदेश देने की जरूरत नहीं है. कुणाल घोष ने दावा किया कि जब टीएमसी ने चुनाव आयोग की कथित “शरारती गतिविधियों” का विरोध किया, तभी बीजेपी के नेता मुखर हो गए, जो यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ जरूर थी. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने गलती स्वीकार की है और भरोसा दिलाया है कि आगे ऐसा नहीं होगा. घोष ने आरोप लगाया कि अमित मालवीय की पोस्ट अधूरी, तथ्यहीन और पूर्वाग्रह से प्रेरित है तथा वह चुनाव आयोग की कथित गलतियों को ढकने की कोशिश कर रहे हैं.

अमित मालवीय ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में टीएमसी नेताओं के धरने को लोकतंत्र के नाम पर राजनीतिक ड्रामा बताया. उन्होंने लिखा कि ममता बनर्जी सरकार की एक मंत्री और टीएमसी के एक नेता बिना किसी ठोस वजह के उस स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां ईवीएम रखी गई हैं. मालवीय के मुताबिक सभी पोल्ड ईवीएम वाले स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं, पोस्टल बैलेट के लिए उसी परिसर में अलग स्ट्रॉन्ग रूम मौजूद है और इसकी जानकारी ऑब्जर्वर, आरओ, उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को पहले ही दी जा चुकी थी. उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो में सिर्फ स्ट्रॉन्ग रूम परिसर के कॉरिडोर में बैलेट का सेग्रिगेशन हो रहा था और यह स्थिति शशि पांजा तथा कुणाल घोष को भी दिखाई गई थी. मालवीय ने दावा किया कि टीएमसी जनता के फैसले के खिलाफ जा चुके जनादेश को लेकर 4 मई की संभावित हार के लिए बहाना तैयार कर रही है.

अमित मालवीय को टीएमसी नेता कुणाल घोष का जवाब

टीएमसी नेता कुणाल घोष और बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के बीच ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर तीखी जुबानी जंग तेज हो गई है. अमित मालवीय की सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में कुणाल घोष ने लिखा कि तथ्य और अमित मालवीय एक-दूसरे के बिल्कुल उलट हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की “शरारती गतिविधियों” का विरोध करने पर ही बीजेपी और उसके नेता बौखलाए हुए हैं. घोष ने दावा किया कि चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने गलती मानी है और भरोसा दिया है कि इसे दोहराया नहीं जाएगा.

अमित मालवीय का टीएमसी पर निशाना

अमित मालवीय ने टीएमसी की पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि टीएमसी नेताओं का स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरना लोकतंत्र के नाम पर ड्रामा है. उन्होंने दोहराया कि सभी पोल्ड ईवीएम वाले स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं, पोस्टल बैलेट के लिए अलग स्ट्रॉन्ग रूम है और पूरी प्रक्रिया की जानकारी सभी दलों को दी गई थी. मालवीय ने दावा किया कि टीएमसी ईवीएम सुरक्षा के मुद्दे को सरकार की संभावित हार के बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर रही है.

अगर चाहें तो मैं इसे

कलकत्ता हाई कोर्ट ने काउंटिंग को लेकर TMC की मांगों को खारिज कर दिया. कोर्ट ने सेंट्रल गवर्नमेंट/PSU कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइज़र/असिस्टेंट बनाने के फैसले की वैधता को बरकरार रखा. रिट याचिका खारिज कर दी गई.

  • काउंटिंग प्रोसेस में कोई दखल नहीं
  • ऐसी नियुक्ति ECI के अधिकार क्षेत्र में है और गैर-कानूनी नहीं है
  • हैंडबुक के नियम सिर्फ राज्य कर्मचारियों के चयन को सीमित नहीं करते हैं
  • माइक्रो ऑब्जर्वर, एजेंट, CCTV वगैरह की मौजूदगी पारदर्शिता सुनिश्चित करती है, जिससे आरोप अटकलें बन जाते हैं
  • एडिशनल चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (ACEO) के पास डेलीगेशन प्रोविजन (RP एक्ट) के तहत वैध अधिकार हैं
  • इसलिए, विवादित कम्युनिकेशन अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं है
  • कोर्ट ने इस आशंका को खारिज कर दिया कि केंद्र सरकार के कर्मचारी राजनीतिक प्रभाव में काम करेंगे क्योंकि:
  • काउंटिंग हॉल में कई स्टेकहोल्डर मौजूद होते हैं
  • CCTV और ऑब्जर्वर जैसे सुरक्षा उपाय मौजूद हैं, आरोप बिना सबूत के सिर्फ़ आशंकाएं थीं
  • चल रही चुनाव प्रक्रिया के दौरान दखलंदाज़ी को मना किया जाता है
  • कोई भी शिकायत चुनाव पिटीशन (सेक्शन 100, RP एक्ट, 1951) के ज़रिए उठाई जा सकती है
     

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भवानीपुर ने टीएमसी की गाड़ी रोकी

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में TMC की गाड़ी का आवाजाही रोकी. उनमें से एक ने कहा, "गाड़ी में कुछ है, ममता बनर्जी अपनी गाड़ी में कुछ लाई हैं. गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा."

खेला शेष है...टीएमसी नेताओं के धरने पर बीजेपी उम्मीदवार पूर्णिमा चक्रवर्ती

TMC नेता शशि पांजा और कुणाल घोष के स्ट्रॉन्ग रूम के सामने अब वापस लिए गए धरने पर, श्यामपुकुर से भाजपा उम्मीदवार पूर्णिमा चक्रवर्ती ने कहा, "हार का डर उन्हें सता रहा है. जिस तरह से बंगाल की जनता और श्यामपुकुर की जनता ने अपना जनादेश कल दे दिया है. यही बात श्यामपुकुर से TMC उम्मीदवार को परेशान कर रही है और वह यहां आकर धरने पर बैठ गईं. उन्होंने पूरी ज़िंदगी गैर-कानूनी काम किए हैं. आज भी वे गैर-कानूनी तरीके से धरने पर बैठे. उन्होंने अफवाह फैलाने की कोशिश की. लेकिन CCTV फुटेज और बाकी सब कुछ है. ऐसी चीजें नहीं करनी चाहिए. आप TMC के गुंडों को लाते हैं और उनसे नारे लगवाते हैं और गाली-गलौज करवाते हैं, यह TMC का कल्चर है. लेकिन मैं एक बात कहना चाहूंगी कि आज आप धरने पर बैठे, 4 मई के बाद लोग आपको फुटपाथ पर बिठा देंगे..."

चुनाव आयोग करेगा प्रेस कांफ्रेंस

बंगाल में स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा, टीएमसी और बीजेपी के आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चुनाव आयोग थोड़ी देर में प्रेस क्रांफ्रेंस करेगा.

MC नेताओं शशि पांजा और कुणाल घोष के स्ट्रांग रूम के सामने से धरना अब वापस ले लिया गया है. एंटाली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल ने कहा, "चोर मचाए शोर और कुछ नहीं है. यहां जो भी सिस्टम है वो  CCTV कैमरे की निगरानी में है. स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर या बाहर कैमरे लगे हैं तो क्या घबराहट है?... TMC पहली बार चुनाव तो लड़ नहीं रही, वे पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं और पूरी प्रक्रिया उन्हें मालूम ही है..."

उम्मीदवार तपस रॉय की प्रतिक्रिया

कोलकाता:  मानिकतला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार, तपस रॉय ने कहा, "वे(TMC नेता) लोग ऐसा नहीं कर सकते. स्ट्रॉन्ग रूम के सामने वे एकत्रित नहीं हो सकते और न ही नारेबाजी कर सकते हैं, ये गलत है. कोलकाता पुलिस ने इसकी अनुमति क्यों दी मैं यही जानना चाहता हूं..."

TMC नेता कुणाल घोष ने क्या कहा

धरना खत्म करने के बाद, TMC नेता कुणाल घोष ने कहा, "आज जो हुआ वह EC की गलती है. यह तय हुआ था कि आज के बाद कोई भी स्ट्रॉन्ग रूम की सील नहीं तोड़ेगा और बिना आधिकारिक सूचना के अंदर नहीं जाएगा, यह पहला फैसला था. आज जो हुआ वह गलत था. वहां और CCTV कैमरों की ज़रूरत है, वे मान गए हैं.यह स्क्रीन पर दिखना चाहिए. हमने उन्हें अपने ऑब्ज़र्वेशन के बारे में बता दिया है. धरना खत्म कर दिया गया है...हमारी टीम निगरानी करेगी. यह हमारा अधिकार है और हम सब कुछ कानूनी तौर पर करेंगे. हमारा कुछ भी गैर-कानूनी करने का इरादा नहीं है. जब वे कुछ गैर-कानूनी कर रहे थे तो हमने विरोध किया था. हमारा एक सवाल है, उन्होंने बिना बताए स्ट्रॉन्ग रूम की सील तोड़ दी और हम इसका विरोध कर रहे थे, भाजपा इतनी परेशान क्यों है?...इसका मतलब है कि उनके गलत इरादे थे."

स्ट्रॉन्ग रूम जाएंगे चुनाव आयुक्त

बंगाल चुनाव आयुक्त मनोज अग्रवाल थोड़ी देर में स्ट्रॉन्ग रूम जाएंगे. टीएमसी और बीजेपी के बवाल के बाद स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सुरक्षा बेहद कड़ी की गई है.

एग्जिट पोल के बाद से बंगाल में बीजेपी और टीएमसी में तनातनी बढ़ी

जब से एग्जिट पोल के अनुमान सामने आए हैं तब से बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है. दोनों दल एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर जमकर बवाल हुआ. टीएमसी, बीजेपी और चुनाव आयोग पर आरोप लगा रही है. वहीं बीजेपी कह रही है कि टीएमसी अफवाह फैला रही है.

चुनाव आयोग ने कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है. ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित है.

चुनाव नतीजों से पहले पश्चिम बंगाल में सियासी माहौल गरमा गया है. टीएमसी और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा और कड़ी कर दी है. ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और पूरे इलाके पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

नेताजी स्ट्रॉन्ग रूम के CCTV फुटेज पर टीएमसी का आरोप

टीएमसी द्वारा जारी किए गए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोप लगाया गया है कि भाजपा और भारतीय चुनाव आयोग की मिलीभगत से, संबंधित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना बैलेट बॉक्स खोले जा रहे हैं पार्टी का दावा है कि यह प्रक्रिया नियमों के खिलाफ है और चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है.

सीएम ममता बनर्जी लॉर्ड सिन्हा स्ट्रॉन्ग रूम में मौजूद

फिलहाल सीएम ममता बनर्जी लॉर्ड सिन्हा स्ट्रॉन्ग रूम में मौजूद हैं. खराब मौसम की वजह से उनका नेताजी स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा कुछ देर से हो सकता है.

चुनाव आयोग ने क्या कुछ बताया-

  • खुदीराम अनुषीलन केंद्र के भीतर कुल 7 एसी युक्त स्ट्रॉन्ग रूम मौजूद हैं.
  • मतदान समाप्त होने के बाद सभी स्ट्रॉन्ग रूम को उम्मीदवारों/चुनाव एजेंटों और जनरल ऑब्जर्वर की मौजूदगी में सील कर दिया गया.
  • अंतिम स्ट्रॉन्ग रूम सुबह करीब 5:15 बजे बंद किया गया.
  • मतदान में इस्तेमाल हुई ईवीएम वाले सभी स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और विधिवत सील किए गए हैं.
  • उसी परिसर में पोस्टल बैलेट के लिए एक अलग स्ट्रॉन्ग रूम है, जहां एसी-वाइज पोस्टल बैलेट और ईटीबीपीएस के बैलेट रखे गए हैं.
  • इस संबंध में सभी ऑब्जर्वरों और आरओ को सूचना दी गई और आरओ से उम्मीदवारों व उनके एजेंटों को सूचित करने का अनुरोध किया गया.
  • आरओ द्वारा राजनीतिक दलों को ई-मेल के माध्यम से जानकारी दी गई.
  • पोस्टल बैलेट का सेग्रिगेशन शाम 4 बजे से पोल्ड ईवीएम वाले स्ट्रॉन्ग रूम के कॉरिडोर में किया जा रहा था.
  • मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और ताले में बंद हैं.
  • पूरी व्यवस्था और प्रक्रिया को पांजा, कुणाल घोष और भाजपा के काली को विधिवत दिखाया गया.

टीएमसी के मंत्री ईवीएम स्ट्रांग-रूम के बाहर पहरेदारी के लिए तैनात

पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण और वाणिज्य एवं उद्योग विभागों की मंत्री शशि पांजा और तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष, जो इस बार राज्य विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार भी हैं, ने अपना धरना-प्रदर्शन शुरू करते हुए दावा किया कि उन्हें शक है कि ईवीएम स्ट्रांग-रूम के बाहर पहरेदारी के लिए तैनात पार्टी कार्यकर्ताओं को केंद्रीय बलों ने जान-बूझकर हटा दिया है, ताकि स्ट्रांग-रूम के अंदर ईवीएम से छेड़छाड़ की कोई नापाक साजिश रची जा सके. TMC नेताओं ने यह भी दावा किया कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को और अधिक पारदर्शी होना चाहिए और सभी को इस बात की जानकारी देनी चाहिए कि स्ट्रांग-रूम के अंदर आखिर चल क्या रहा है.

ममता बनर्जी के संदेश के बाद जारी हुआ धरना

मध्य कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में शुरू हुआ यह धरना-प्रदर्शन, जो उत्तरी कोलकाता के विधानसभा क्षेत्रों के लिए EVM स्ट्रांग-रूम का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक वीडियो संदेश जारी करने के महज कुछ ही घंटों बाद शुरू हुआ. उस संदेश में ममता बनर्जी ने ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका जताई थी और पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से स्ट्रांग-रूम की पहरेदारी करने का आह्वान किया था.

उन्होंने यह भी कहा कि वह 4 मई की सुबह मतगणना शुरू होने तक सड़कों पर उतरकर स्ट्रांग-रूम की पहरेदारी करेंगी.

सूचना मिली की स्ट्रांग रूम खोला जाएगा

उत्तरी कोलकाता की बेलियाघाटा विधानसभा सीट से इस बार तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार घोष के अनुसार, खुदीराम अनुशीलन केंद्र स्थित स्ट्रांग-रूम के सामने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता दोपहर 3:30 बजे तक मौजूद थे.

घोष ने आगे कहा, "उसके बाद, दोपहर में केंद्रीय बलों ने उन्हें वहां से हटा दिया. इसी बीच, अचानक मुझे एक ईमेल भेजा गया जिसमें बताया गया था कि स्ट्रांग-रूम शाम 4.00 बजे फिर से खोला जाएगा. तब हमने फोन पर पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क किया. हमने उनसे पूछा कि क्या वे अभी भी वहीं मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि वे वहां से जा चुके हैं. तब हम दोनों तुरंत उस जगह के लिए रवाना हो गए. अब वे हमें अंदर नहीं जाने दे रहे हैं, जबकि वे भाजपा के लोगों को अंदर बुला रहे हैं."

पांजा ने कहा कि इस चुनाव में स्ट्रांग-रूम की पहरेदारी का मुद्दा बेहद संवेदनशील है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर स्ट्रांग-रूम खोला गया था, तो हर राजनीतिक दल को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई?

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