जैश-ए-मोहम्मद के सरगना आतंकी मसूद अजहर का एक नया और विवादित ऑडियो सामने आया है, जिसमें वह जम्मू की कोट भलवाल जेल में अपनी कैद और IC-814 हाईजैक के बाद अपनी रिहाई के घटनाक्रम पर जहर उगल रहा है. इस ऑडियो में मसूद न केवल भारत के खिलाफ अपनी नफरत जाहिर कर रहा है, बल्कि धर्म की आड़ में कट्टरपंथ को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है.
'50 साल लड़ेंगे, पर जिहाद खत्म नहीं होगा'
ऑडियो में मसूद दावा करता है कि उसकी रिहाई से पहले दिल्ली से कुछ बड़े अफसर उससे मिलने जेल पहुंचे थे. वे यह जानना चाहते थे कि जेल की कालकोठरी ने उसके हौसले तोड़े हैं या नहीं. मसूद के मुताबिक, जब उससे पूछा गया कि क्या कश्मीर में जिहाद खत्म हो जाएगा, तो उसका जवाब था— "50 साल भी गुजर जाएं, तब भी यह खत्म नहीं होगा. तुम दीवारों से जिहाद मिटा दोगे, लेकिन कुरान की आयतों से कैसे मिटाओगे?"
अटल सरकार और जसवंत सिंह का जिक्र
मसूद अजहर ने इस ऑडियो में दिसंबर 1999 के उस टेंशन भरे माहौल का भी जिक्र किया है जब इंडियन एयरलाइंस के विमान IC-814 को हाईजैक कर कंधार ले जाया गया था. वह ऑडियो में कहता है कि, "जसवंत सिंह (तत्कालीन विदेश मंत्री) 70 घंटों से सोए नहीं थे. अटल बिहारी वाजपेयी की नींद उड़ चुकी थी. मुझे कहा गया तुम्हारी कब्र इसी जेल में होगी, लेकिन खुदा का कर्म देखिए कि मुझे खुद अपने जहाज में बिठाकर ले जाया गया."
रिहाई का वो 'बिना पासपोर्ट-वीजा' वाला सफर
मसूद ऑडियो में कहता है कि, "रिहाई के समय न कोई बोर्डिंग पास लगा, न वीजा और न ही कोई इमिग्रेशन. उसने दावा किया कि उसे हथकड़ियां लगाकर और आंखों पर पट्टी बांधकर ले जाया गया था."
'लोरी में जिहाद'
पूरे ऑडियो में मसूद लगातार मजहब और हिंसा को जोड़ता नजर आता है. वह कहता है कि पाकिस्तान में हर मां अपने बच्चे को जिहाद की लोरी सुनाती है. उसका यह बयान सीधे तौर पर पड़ोसी मुल्क में पल रहे आतंकी तंत्र और वहां की कट्टरपंथी मानसिकता के बारे में बताता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं