- RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को आवश्यक और उचित बताया है.
- होसबाले ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूचियों को त्रुटिहीन और परिष्कृत बनाना है न कि राजनीति का विषय.
- उन्होंने कहा कि कई मृतक और दो स्थानों पर नाम दर्ज मतदाताओं को मतदाता सूचियों से हटाना जरूरी है.
जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हालिया बयानों को लेकर निशाना साधा. सीएम के अपराध और क्राइम को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि सम्राट चौधरी को आखिर यह भी नहीं पता कि अपराध और क्राइम में क्या फर्क है. तेज प्रताप यादव ने कहा, 'सम्राट चौधरी किस स्कूल में पढ़े हैं? क्या वे चरवाहा विद्यालय में पढ़े हैं?'
वहीं 125 यूनिट मुफ्त बिजली छोड़ने की अपील को लेकर भी तेज प्रताप यादव ने सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि छठ और दिवाली जैसे त्योहारों का समय है, ऐसे में क्या लोग त्योहार मनाना और घरों में बिजली का इस्तेमाल करना छोड़ दें? लोगों को बिजली की जरूरत अपने घरों में रोशनी और रोजमर्रा के कामों के लिए होती है.
तेज प्रताप यादव ने बिहार के विकास के दावों पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि अगर 125 यूनिट बिजली छोड़ने से बिहार का विकास होने की बात कही जा रही है तो पहले यह बताया जाए कि राज्य में विकास आखिर कहां दिखाई दे रहा है.
इसके अलावा, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों का समर्थन करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि निश्चित रूप से वोटों की चोरी हुई है. उन्होंने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच सवाल हैं और इनकी जांच होनी चाहिए.
हाल ही में तेज प्रताप ने सुरक्षा बढ़ाने की अपील की
तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर केंद्र और बिहार सरकार से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. रियलिटी शो 'Rise and Fall 2' से लौटने के बाद अपनी लोकप्रियता बढ़ने का दावा करते हुए उन्होंने कहा है कि अब वह जहां भी जाते हैं, बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने पहुंच जाते हैं. कई बार भीड़ उन्हें चारों तरफ से घेर लेती है। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
तेज प्रताप का कहना है कि फिलहाल बिहार सरकार की ओर से उन्हें केवल एक सुरक्षाकर्मी दिया गया है. उनका सवाल है कि जब सार्वजनिक कार्यक्रमों में इतनी भीड़ जुटती है, तो एक सुरक्षाकर्मी के लिए उनकी सुरक्षा संभालना कैसे संभव होगा? उन्होंने आशंका जताई है कि भीड़ उनके सुरक्षाकर्मी को भी घेर सकती है. ऐसी स्थिति में उसके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है या उसका सरकारी हथियार भी छीना जा सकता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं