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नाबालिग से दरिंदगी और हत्या के आरोपी को 77 दिन में दी दोहरी फांसी की सजा, पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

तमिलनाडु के थूथुकुडी में 17 वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ हुए जघन्य अपराध के महज़ 77 दिनों के भीतर पोक्सो (POCSO) कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. मुख्य आरोपी मुनीस्वरन को दोहरी मौत की सजा दी गई है. यहां पढ़ें पूरा माला. 

नाबालिग से दरिंदगी और हत्या के आरोपी को 77 दिन में दी दोहरी फांसी की सजा, पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
नाबालिग से दरिंदगी और हत्या के आरोपी को 77 दिन में दी दोहरी फांसी की सजा, तमिलनाडु की थूथुकुडी पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
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तमिलनाडु के थूथुकुडी (तूतीकोरिन) जिले से इंसाफ की एक ऐसी मिसाल सामने आई है. दरअसल, यहां की एक विशेष पोक्सो (POCSO) अदालत ने माक्ष 77 दिन के भीतर विलाठिकुलम की 12वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न और उसकी बेरहमी से हत्या करने के मुख्य आरोपी धर्ममुनीस्वरन को दोहरी मौत की सजा (Double Death Sentence) सुनाई है. 

इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि इस खौफनाक वारदात के महज़ 77 दिनों के भीतर अदालत ने अपना फैसला सुना कर न्याय प्रक्रिया में एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है. दरअसल, मार्च महीने में यह नाबालिग छात्रा अचानक लापता हो गई थी और बाद में उसका शव उसके घर के पास ही एक सुनसान झाड़ियों वाले इलाके में बरामद हुआ था.

तकनीक और सूझबूझ से सुलझी 'ब्लाइंड मर्डर' की गुत्थी

पुलिस के लिए यह मामला बेहद चुनौतीपूर्ण था. घटना स्थल के आसपास कोई भी सीसीटीवी (CCTV) कैमरा मौजूद नहीं था, जिसके कारण इसे एक 'ब्लाइंड केस' माना जा रहा था. लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और आधुनिक जांच पद्धतियों ने इस केस का रुख बदल दिया. पुलिस की 10 विशेष टीमों ने मिलकर इलाके के लगभग 2,574 फोन नंबरों के डेटा को खंगाला. इसके साथ ही जांचकर्ताओं ने दूसरे इलाकों के 98 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का भी बारीकी से विश्लेषण किया. आखिरकार, एक पवन चक्की पर लगे कैमरे ने पुलिस को सबसे बड़ा सुराग दिया. इस कैमरे में घटना स्थल के पास एक संदिग्ध दोपहिया वाहन दिखाई दिया, जिसकी नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी. बाद में पता चला कि वह बाइक चोरी की थी, यहां से आरोपी तक पहुंचने का रास्ता साफ हुआ.

घटना के बाद राज्य में गरमा गया था महिला सुरक्षा का मुद्दा

अदालत का यह फैसला उस समय आया है, जब राज्य की राजनीति में महिला सुरक्षा को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है. मुख्यमंत्री जोसफ विजय ने हाल ही में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें उन्होंने बच्चों और महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों के मामलों में त्वरित सुनवाई (Expedite Trials) सुनिश्चित करने और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के निर्देश दिए हैं.


विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) एलामल ने फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि हम इतने कम समय में एक निष्पक्ष और कड़ा फैसला सिर्फ इसलिए हासिल कर पाए, क्योंकि इस केस से जुड़े हर व्यक्ति ने अपनी जिम्मेदारी को समझा. हम सब मिलकर समाज को यह संदेश देना चाहते थे कि भविष्य में कोई भी ऐसी हैवानियत करने की जुर्रत न करे.

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