क्रिसमस के त्योहार से पहले पहाड़ों पर भारी बर्फबारी (Snowfall) हुई है. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में स्नोफॉल का जहां एक तरफ पर्यटक आनंद उठा रहे हैं वहीं आम लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा है. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोमवार को हुई भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जिले में मुख्य रूप से ग्रामीण और ऊंचाई वाले इलाकों में 112 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं.अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सोमवार को शाम छह बजे तक, कोटखाई में 48, रोहड़ू में 27 और रामपुर, जुब्बल और डोडरा क्वार समेत कई सड़कों के अवरुद्ध होने की सूचना मिली.
#WATCH | Himachal Pradesh: Heavy snowfall causes a long traffic jam as nearly 1000 vehicles get stuck between Solang and Atal Tunnel, Rohtang. The police team is busy clearing the traffic jam amid snowfall. 700 tourists have been rescued safely. (23.12)
— ANI (@ANI) December 23, 2024
Source: Himachal Pradesh… pic.twitter.com/wb9ZfKh6H6
भारी बर्फबारी के कारण सोलंग और अटल टनल रोहतांग के बीच करीब 1000 वाहन फंस गए, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। पुलिस की टीम ट्रैफिक जाम को हटाने में जुटी हुई है.
#WATCH हिमाचल प्रदेश: भारी बर्फबारी के कारण सोलंग और अटल टनल रोहतांग के बीच करीब 1000 वाहन फंस गए, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। पुलिस की टीम ट्रैफिक जाम को हटाने में जुटी हुई है। (23.12)
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 23, 2024
(सोर्स: हिमाचल प्रदेश पुलिस) pic.twitter.com/b6bTRqCNKN
हिमाचल प्रदेश के मनाली में बर्फबारी हुई है जिससे पर्यटकों में काफी खुशी देखने को मिल रही है.
VIDEO | Himachal Pradesh: Manali receives fresh snowfall, delighting tourists with a winter wonderland.
— Press Trust of India (@PTI_News) December 23, 2024
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/xMDsmLWMhh
दिसंबर के अंतिम हफ्ते में उत्तराखंड के पहाड़ों पर हुई बर्फबारी ने सैलानियों ,किसानों और कारोबारियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है. हालांकि पारा गिरने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश और बर्फबारी के सिलसिला साल के अंतिम दिनों में भी जारी रहेगा. चमोली के नीति घाटी में बर्फ का झरना बन गया है. नदी भी धीरे-धीरे हिमानी चादर में बदल जा रही ह.। चकराता के लोखंडी में भी सफेदी का दमकता जादू है और सैलानी बर्फ का मजा ले रहे हैं.
पहाड़ों पर बर्फबारी क्यों होता है?
पहाड़ों पर बर्फबारी होने का मुख्य कारण तापमान में कमी को माना जाता है. जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है, वातावरण का तापमान घटता जाता है. इसे "लैप्स रेट" (Lapse Rate) कहते हैं, जिसमें हर 1,000 मीटर ऊंचाई बढ़ने पर तापमान लगभग 6.5 डिग्री सेल्सियस कम हो जाता है.पहाड़ों की ऊंचाई अधिक होने के कारण वहां का तापमान बहुत कम रहता है, जो पानी को जमाकर बर्फ में बदलने के लिए आदर्श स्थिति बनाता है.सर्दियों में पहाड़ों का तापमान और भी गिर जाता है, जिससे बर्फबारी की संभावना बढ़ जाती है. हिमालय और अन्य ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में वायुमंडल का दबाव कम होता है, और ठंडी जलवायु होने की वजह से वहां बर्फबारी आमतौर पर देखी जाती है.
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