- इग्नू से सोशियोलॉजी की पढ़ाई कर रहा है आरोपी आफताब
- एग्जाम के लिए टाली गई कोर्ट की सुनवाई
- पहले भी अलग-अलग वजहों से टाली जा चुकी है सुनवाई
श्रद्धा वालकर मर्डर केस का मुख्य आरोपी आफताब पूनावाला किसी न किसी बहाने से ट्रायल से बचने की कोशिश कर रहा है. दरअसल, आफताब के एग्जाम की वजह से कोर्ट की सुनवाई ही टाल दी गई है. हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब आफताब को रियायत मिली हो. कभी डेंटल चेकअप तो एग्जाम के लिए आफताब को कोर्ट से रियायतें मिलती रही हैं. हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के मामले में अदालतें शुरू से राहत देती रही हैं.
श्रद्धा मर्डर केस का आरोपी इग्नू से सोशियोलॉजी की पढ़ाई कर रहा है. 20 जुलाई को उसका एग्जाम है और इस एग्जाम के लिए 20 जुलाई को होने वाली कोर्ट की सुनवाई टाल दी गई है. इस खबर के सामने आते ही लोगों ने सवाल उठाया कि देश के सबसे जघन्य हत्याकांड में से एक के मुख्य आरोपी को उसकी पढ़ाई के लिए के अदालती कार्यवाही में बदलाव की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए?
एग्जाम के लिए टाली गई कोर्ट की सुनवाई
11 जुलाई को NDTV ने दिल्ली की एक अदालत द्वारा आफताब को दी गई एक चौंकाने वाली रियायत का खुलासा किया, जिसमें उसे निर्धारित सुनवाई में अनुपस्थित रहने की अनुमति दी गई, ताकि वह तिहाड़ जेल से समाजशास्त्र में एमए की परीक्षा दे सके.
NDTV की एक जांच में अदालती रिकॉर्ड की जांच की गई और मामले से परिचित सूत्रों से बात की गई. इससे पता चला कि यह पहली बार नहीं है, जब आफताब के लिए मुकदमे में देरी हुई है या उसमें बदलाव किया गया है. 10 महीने पहले आफताब द्वारा डेंटिस्ट से परामर्श के लिए समय मांगे जाने पर कोर्ट की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी. यही नहीं, एक बार और अदालत ने एक निर्धारित मनोरोग परामर्श से संबंधित अनुरोध को भी स्वीकार कर लिया था.
श्रद्धा वालकर मर्डर केस
- श्रद्धा वालकर मर्डर केस में 10 नवंबर, 2022 को एफआईआर दर्ज की गई थी.
- मई 2023 में आरोप तय किए गए थे. तब से अब तक 215 से ज्यादा सुनवाई हो चुकी हैं.
- इसके बाद भी अभियोजन पक्ष अभी भी सबूत पेश कर रहा है.
- मामले में 13,000 से ज़्यादा पन्नों की चार्जशीट है.
क्यों धीमी हो रही कोर्ट की कार्यवाही?
- NDTV को ऐसी जानकारी भी मिली है, जिससे पता चलता है कि अदालती कार्यवाही इतनी धीमी क्यों रही है.
- क्रॉस-एग्जामिनेशन (जिरह) इसकी एक बड़ी वजह है.
- सूत्रों का कहना है कि बचाव पक्ष की पूछताछ अक्सर कई सुनवाईयों तक खिंच जाती है.
- अभियोजन पक्ष के एक गवाह, जो एक हेड कांस्टेबल हैं, की जिरह पहले ही आठ अलग-अलग सुनवाईयों में हो चुकी है, और यह प्रक्रिया अभी भी जारी है.
- बड़े केस के रिकॉर्ड से रिफेंसेस की पुष्टि करने में भी अदालत का काफी समय लगता है. इसी वजह से यह मुकदमा बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहा है.
न्याय का इंतजार कर रहा श्रद्धा का परिवार
इन सबके बीच आफताब अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई जारी रखे हुए है, परीक्षाओं और मेडिकल अपॉइंटमेंट के लिए रियायतें प्राप्त कर रहा है, जबकि श्रद्धा का परिवार लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है.
अब तक नहीं हो सका श्रद्धा का अंतिम संस्कार
श्रद्धा के पिता विकास वालकर का फरवरी 2025 में निधन हो गया था. मुकदमे की सुनवाई के दौरान श्रद्धा की दादी का भी निधन हो गया. श्रद्धा का अंतिम संस्कार अभी तक नहीं किया जा सका है, क्योंकि जांच के दौरान मिले अवशेषों को इस मामले में सबूत के तौर पर सुरक्षित रखा गया है.
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