
शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी को दी यह सलाह
नई दिल्ली:
यशवंत सिन्हा और अरुण जेटली के बीच जुबानी जंग जारी है. पहले यशवंत सिन्हा ने लेख लिखकर और फिर मीडिया के सामने आकर देश की ख़स्ताहाल अर्थव्यवस्था के लिए जेटली को आड़े हाथों लिया. फिर जेटली ने यशवंत सिन्हा पर पलटवार किया और नाम लिए बग़ैर कहा कि वो 80 की उम्र में नौकरी ढूंढ रहे हैं. अब यशवंत सिन्हा ने एक बार फिर अरुण जेटली के इस वार पर पलटवार किया है. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में यशवंत सिन्हा ने कहा कि अगर मैं नौकरी ढूंढ रहा होता तो जेटली यहां नहीं होते.
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इस पूरे मामले पर शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी को सलाह दी है. शत्रुघ्न ने ट्वीट किया है कि अर्थव्यवस्था के हालात पर यशवंत सिन्हा के विचार का मैंने और दूसरे विचारवान नेताओं ने भरपूर समर्थन किया है. हमारी पार्टी के लोग और बाहरी लोग भी उनके साथ हैं. हालांकि इस मुद्दे को यशवंत सिन्हा और सरकार या यशवंत सिन्हा और जेटली के बीच का मुद्दा बनाकर खत्म नहीं किया जाना चाहिए, जैसा कि कोशिश हो रही है. अन्यथा जगजीत सिंह के शब्दों में 'बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी'. इस लोकतंत्र के माननीय प्रधानमंत्री के लिए ये सही वक़्त है कि वो सवाल-जवाब के लिए जनता और प्रेस के सामने आएं. उम्मीद और दुआ करता हूं कि कम से कम एक बार हमारे पीएम ये दिखाएं कि वो मिडिल क्लास, कारोबारियों और छोटे व्यापारियों की चिंता करते हैं.
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यशवंत सिन्हा और अरुण जेटली के झगड़े के बीच कांग्रेस का तंज- हम तो डूबेंगे सनम तुमको भी ले डूबेंगे
समस्या को सुलझाने की बजाय खुद की पीठ थपथपाने में लगी है. बेटे और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के जवाब पर यशवंत सिन्हा ने कहा कि मेरे बेटे जयंत सिन्हा को मेरे ही खिलाफ उतारकर सरकार मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. मैं भी निजी हमले कर सकता हूं, लेकिन उनके जाल में फंसना नहीं चाहता.
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इस पूरे मामले पर शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी को सलाह दी है. शत्रुघ्न ने ट्वीट किया है कि अर्थव्यवस्था के हालात पर यशवंत सिन्हा के विचार का मैंने और दूसरे विचारवान नेताओं ने भरपूर समर्थन किया है. हमारी पार्टी के लोग और बाहरी लोग भी उनके साथ हैं. हालांकि इस मुद्दे को यशवंत सिन्हा और सरकार या यशवंत सिन्हा और जेटली के बीच का मुद्दा बनाकर खत्म नहीं किया जाना चाहिए, जैसा कि कोशिश हो रही है. अन्यथा जगजीत सिंह के शब्दों में 'बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी'. इस लोकतंत्र के माननीय प्रधानमंत्री के लिए ये सही वक़्त है कि वो सवाल-जवाब के लिए जनता और प्रेस के सामने आएं. उम्मीद और दुआ करता हूं कि कम से कम एक बार हमारे पीएम ये दिखाएं कि वो मिडिल क्लास, कारोबारियों और छोटे व्यापारियों की चिंता करते हैं.
किसी के कहने पर नहीं, अपनी मर्जी से लिखा पिता की राय से असहमति जताने वाला लेख : जयंत सिन्हा
It's high time & right time that the honourable Prime Minister & head of this democracy comes forward & faces the public & the press for.1>2
— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) September 29, 2017
इससे पहले यशवंत सिन्हा ने अरुण जेटली पर निशाना साधते हुए कहा कि वो कह रहे हैं कि मैं निजी हमले कर रहा हूं, लेकिन ये सही नहीं है. अर्थव्यवस्था से जुड़ी कोई बात होगी तो उसके लिए वित्त मंत्री ही ज़िम्मेदार होंगे, गृह मंत्री नहीं. सरकार स्थिति को समझने में पूरी तरह असफल है...for question answers, in a real press conference.Hope wish and pray that our PM will at least once in a while also show that he takes..2>3
— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) September 29, 2017
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समस्या को सुलझाने की बजाय खुद की पीठ थपथपाने में लगी है. बेटे और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के जवाब पर यशवंत सिन्हा ने कहा कि मेरे बेटे जयंत सिन्हा को मेरे ही खिलाफ उतारकर सरकार मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. मैं भी निजी हमले कर सकता हूं, लेकिन उनके जाल में फंसना नहीं चाहता.
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