Sawan 2026: भगवान शिव को समर्पित सावन माह की शुरुआत के साथ ही देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सावन के पहले दिन बुधवार सुबह से ही अयोध्या के प्रसिद्ध नागेश्वर नाथ मंदिर, झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम, लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर और हरिद्वार के प्रमुख शिव मंदिरों में दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं. शिवभक्त हाथों में गंगाजल, बेलपत्र और पूजा सामग्री लेकर भोलेनाथ के जयकारों के बीच मंदिर पहुंचे. हरिद्वार में गंगा घाटों से लेकर शिव मंदिरों तक श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आया. पूरे माह चलने वाली शिव आराधना की शुरुआत उत्साह और भक्ति के माहौल के बीच हुई.
सावन में देखिए महाकाल की भस्म आरती
सावन के पहले दिन उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भगवान महाकाल की विशेष भस्म आरती की गई. पुजारी ने बताया कि यह एक प्राचीन परंपरा है. मंदिर के कपाट सुबह 3 बजे खोले गए. इसके बाद बाबा महाकाल की विशेष पूजा-अर्चना की गई और दही, दूध, शहद, चीनी तथा घी से पंचामृत अभिषेक किया गया. फिर उन्हें केसर स्नान कराया गया. भस्म आरती से पहले बाबा महाकाल का विशेष भांग श्रृंगार किया गया..."
Ujjain, Madhya Pradesh: Thousands of devotees visited the Mahakal Temple on the first day of the holy month of Sawan, witnessing the early morning Bhasma Aarti pic.twitter.com/s7HqXbbJsd
— IANS (@ians_india) July 30, 2026
एक श्रद्धालु ने बताया कि आज सावन माह का शुभारंभ हुआ है, जो भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है. महाकाल भक्तों के लिए ऐसा लग रहा है मानो किसी बड़े उत्सव की शुरुआत हो गई हो. बाबा महाकाल ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए और ऐसा अनुभव हुआ जैसे स्वयं महाकाल हमारे बीच उपस्थित हों.
Ujjain, Madhya Pradesh: A devotee says, "Today marks the beginning of Sawan, Lord Shiva's favourite month. For Mahakal devotees, it feels like a grand festival has begun. Baba Mahakal gave devotees divine darshan, and it felt as if He Himself was present among us..." pic.twitter.com/0y9X04DcpY
— IANS (@ians_india) July 30, 2026
अयोध्या में नागेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ी भीड़
सावन के पहले दिन अयोध्या स्थित प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया. बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि तथा मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की. मंदिर परिसर में "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी.
#WATCH | अयोध्या, उत्तर प्रदेश: सावन के पवित्र महीने के पहले दिन पूजा-अर्चना करने के लिए नागेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। pic.twitter.com/E5CZIpP0ji
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 30, 2026
हरिद्वार में गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब
सावन शुरू होते ही धर्मनगरी हरिद्वार में भी आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. हर की पैड़ी समेत विभिन्न घाटों पर लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेने पहुंचे. सुबह चार बजे से ही शिव मंदिरों में जल चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया. कांवड़ियों और शिवभक्तों से गंगा घाट पूरी तरह भरे नजर आए. गंगाजल लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए.
देवघर, झारखंड: सावन के पवित्र महीने के पहले दिन पूजा-अर्चना करने के लिए देवघर के ऐतिहासिक बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। pic.twitter.com/BKj3oJtkON
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 30, 2026
देवघर और मनकामेश्वर मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़
झारखंड के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन के पहले दिन विशेष पूजा-अर्चना के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. देश के विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित किया. वहीं, लखनऊ स्थित प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में भी दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें देखी गईं. मंदिरों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए.
#WATCH | प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: सावन के पवित्र महीने के पहले दिन पूजा-अर्चना करने के लिए मनकामेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। pic.twitter.com/zwa7T9hSy4
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 30, 2026
सावन में शिव पूजा का विशेष महत्व
हिंदू धर्म में सावन माह को भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस माह भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और व्रत करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है तथा जीवन की बाधाएं दूर होती हैं. सावन के दौरान शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और भस्म अर्पित करने की परंपरा है. कई श्रद्धालु रुद्राभिषेक और विशेष अनुष्ठान भी कराते हैं.
चार सावन सोमवार का रहेगा विशेष महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में सावन माह 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगा. इस बार सावन कुल 31 दिनों का रहेगा.
सावन में पड़ने वाले सोमवारों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इस वर्ष पहला सावन सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त को पड़ेगा. इन दिनों शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है.
शिवभक्ति में सराबोर हुआ पूरा माहौल
सावन के पहले दिन देश के प्रमुख शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर भगवान शिव के प्रति लोगों की अटूट आस्था को दर्शाया. अयोध्या से हरिद्वार और देवघर से लखनऊ तक शिवभक्तों में उत्साह देखने को मिला. श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन में सच्चे मन से भोलेनाथ की आराधना करने पर भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.
यह भी पढ़ें : Sawan 2026: सावन में सोमवार का महत्व बाकी महीनों से अलग क्यों है? आइए ज्योतिषाचार्य से जानें...
यह भी पढ़ें : Sawan 2026: 30 जुलाई से शुरू हो रहा सावन, जान लें सावन सोमवार व्रत के नियम और पूजा विधि
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं