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This Article is From Sep 10, 2020

ICMR की रिपोर्ट पर प्लाज़्मा थेरेपी के बचाव में बोले सत्येंद्र जैन- मुझे पता है, मैं इसी से ठीक हुआ था

इंडिया काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की एक स्टडी में कोरोनावायरस के इलाज में प्लाज़्मा थेरेपी पर सवाल उठाने के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने इसका बचाव किया है. उन्होंने कहा कि यह थेरेपी काम करती है, उन्हें पता है क्योंकि वो खुद इससे ठीक हो चुके हैं.

ICMR की रिपोर्ट पर प्लाज़्मा थेरेपी के बचाव में बोले सत्येंद्र जैन- मुझे पता है, मैं इसी से ठीक हुआ था
सत्येंद्र जैन ने ICMR की रिपोर्ट के बाद प्लाज़्मा थेरेपी का बचाव किया. (फाइल फोटो)
  • सत्येंद्र जैन ने प्लाज़्मा थेरेपी का किया बचाव
  • ICMR ने स्टडी में उठाए थे सवाल
  • कहा था- डेथ रिस्क कम नहीं होता
नई दिल्ली:

इंडिया काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (India Council of Medical Reserach) की एक स्टडी में कोरोनावायरस के इलाज में प्लाज़्मा थेरेपी पर सवाल उठाने के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने इसका बचाव किया है. उन्होंने कहा कि यह थेरेपी काम करती है, उन्हें पता है क्योंकि वो खुद इससे ठीक हो चुके हैं. बता दें कि ICMR ने बुधवार को अपनी एक स्टडी में कहा था कि कोरोना मरीज को प्लाज़्मा थेरेपी देने से मौत का खतरा कम नहीं होता है. इसके बाद दिल्ली सरकार की ओर से कहा गया है कि दिल्ली सरकार गंभीर मामलों में इस तरीके का इस्तेमाल करती रहेगी. 

सत्येंद्र जैन ने NDTV से कहा कि 'दिल्ली में 1,000 से ज्यादा कोरोना मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी दी जा चुकी है और अधिकतर लोगों को इससे फायदा हुआ है, उनकी जिंदगी बची है. मुझे पता है, मैं भी इससे ही ठीक हुआ हूं.' बता दें कि जून में जैन कोरोनावायरस के संक्रमण में आ गए थे और उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा था. उनकी हालत बिगड़ने की वजह से उन्हें प्लाज़्मा थेरेपी दी गई थी, जिसके कुछ दिनों बाद वो ठीक होकर घर आ गए थे.

उन्होंने कहा, 'ICU में तीन स्टेज होती हैं. हम भी यह बात पहले से कह रहे हैं कि तीसरी स्टेज में जाने के बाद प्लाज्मा थेरेपी देने का कोई इतना फायदा नहीं है लेकिन पहली और दूसरी स्टेज में इसका फायदा है. ICMR ने यह नहीं कहा कि प्लाज्मा थेरेपी से फायदा नहीं हो रहा, वो कह रहे हैं कि अगर वेंटिलेटर पर चला गया मरीज तब शायद फायदा नहीं होगा, उससे पहले फायदा है.'

यह भी पढ़ें: कोरोना से जंग: आखिर क्यों मुश्किल होता है प्लाज़्मा मिलना? जानिए, क्या हैं डोनेट करने की शर्तें

जब जैन से पूछा गया कि 'क्या आप दिल्ली में प्लाज्मा थेरेपी जिस बड़े पैमाने पर दे रहे हैं आगे भी ऐसे ही देते रहेंगे?' तो उनका जवाब था, 'जी. मुझे समझ नहीं आया कि इसमें कमी क्या है. वो या तो यह कहते कि यह गलत है. यह थेरेपी कोई नई नहीं है, 100 साल पहले से चल रही है, प्लाज्मा बहुत सारी बीमारियों में दिया जाता है और इसमें भी इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि कोरोना का कोई विशेष तय इलाज नहीं है कि इस दवाई या इस गोली को खाने से यह ठीक हो जाएगा. प्लाज्मा का कंसेप्ट यह है कि उसके अंदर एंटीबॉडीज होती हैं आपके शरीर में अगर कम बन रही हैं तो आपको उससे फायदा मिल जाता है.'

दिल्ली में अभी तक कितने लोगों को प्लाज्मा दिया जा चुका है, सवाल पूछने पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 'सटीक आंकड़ा तो मेरे पास नहीं है लेकिन एक हजार से ज्यादा लोगों को दिया जा चुका है। जिन लोगों को प्लाज्मा दिया गया उनमें से ज्यादातर की जान बच गई.'

Video: रवीश कुमार का प्राइम टाइम: बेअसर है प्लाज्मा थैरेपी

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