अटल बिहारी वाजपेयी को मोहन भागवत ने श्रद्धांजलि अर्पित की.
नई दिल्ली:
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी आज पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे. आज शाम चार बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. अटल जी का जाना राजनीति में एक युग के अंत के समान है. अटल जी की मौत से पूरा देश शोक की लहर में डूब गया है. देश भर से अटल जी को श्रद्धांजलि दी जा रही है. पीएम मोदी से लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत तक ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है. पीएम मोदी ने अटल जी की निधन पर कहा कि उनके माथे से पितातुल्य अटल जी का साया उठ गया है.
बीजेपी मुख्यालय में गूंज रहा है वही नारा- राजतिलक की करो तैयारी, आ रहे हैं अटल बिहारी
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ट्वीट कर कहा- भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को अपने विचार और आचरण द्वारा राष्ट्र जीवन में प्रतिष्ठित करने वाले, एक प्रखर दृढ एवं सर्व स्वीकृत व्यक्तित्व हम सब के बीच में से चला गया. समाज जीवन में इस शून्यता को भरना आसान नहीं होगा. उनकी पुण्य स्मृति में शत शत नमन.
वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी के निधन को बड़ी क्षति बताते हुए उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के जाने से एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना नामुमकिन है. वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा ने कहा, “यह हमारे लिए बड़ी क्षति है और उनके निधन से पैदा शून्य को भरना नामुमकिन है.” वाजपेयी के परिवार में उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य भी हैं. बता दें कि वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद यहां एम्स में 93 साल की आयु में निधन हो गया.
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संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ट्वीट कर कहा- भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को अपने विचार और आचरण द्वारा राष्ट्र जीवन में प्रतिष्ठित करने वाले, एक प्रखर दृढ एवं सर्व स्वीकृत व्यक्तित्व हम सब के बीच में से चला गया. समाज जीवन में इस शून्यता को भरना आसान नहीं होगा. उनकी पुण्य स्मृति में शत शत नमन.
आगे उन्होंने एक और ट्वीट कर कहा, अटलजी का जाना हम सबके मन में एक रिक्तता छोड़ गया है, जिसकी पूर्ति असंभव है. उनके जैसे व्यक्ति बार-बार नहीं मिलते. युगों में, करोड़ों में, एक होते हैं. अपने युग की छाप छोड़कर अटलजी ने अपना जन्मकार्य समाप्त किया." श्री अटलजी का जाना हम सबके मन में एक रिक्तता छोड़ गया है, जिसकी पूर्ति असंभव है. उनके जैसे व्यक्ति बार-बार नहीं मिलते. युगों में, करोड़ों में, एक होते हैं. अपने युग की छाप छोड़कर अटलजी ने अपना जन्मकार्य समाप्त किया. 1/2 pic.twitter.com/U7LQXXwfps
— RSS (@RSSorg) August 17, 2018
पूर्व पीएम अटल जी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे स्वामी अग्निवेश के साथ बीजेपी मुख्यालय में हाथापाई, बोले- मुझे गद्दार कहा गयाभारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को अपने विचार और आचरण द्वारा राष्ट्र जीवन में प्रतिष्ठित करने वाले, एक प्रखर दृढ एवं सर्व स्वीकृत व्यक्तित्व हम सब के बीच में से चला गया। समाज जीवन में इस शून्यता को भरना आसान नहीं होगा। उनकी पुण्य स्मृति में शत शत नमन :
— RSS (@RSSorg) August 16, 2018
मोहन भागवत एवं सुरेश भैया जोशी
वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी के निधन को बड़ी क्षति बताते हुए उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के जाने से एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना नामुमकिन है. वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा ने कहा, “यह हमारे लिए बड़ी क्षति है और उनके निधन से पैदा शून्य को भरना नामुमकिन है.” वाजपेयी के परिवार में उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य भी हैं. बता दें कि वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद यहां एम्स में 93 साल की आयु में निधन हो गया.
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