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कृति सेनन के समर्थन में उतरे राहुल गांधी, राखी एड विवाद पर बोले- महिलाएं क्या पहनें ये उनकी पसंद

राहुल गांधी ने कहा कि क्या महिला पहनेगी, क्या करेगी और कहा जाएगी यह सब वह ख़ुद तय करेगी, उनकी पसंद होनी चाहिए। महिलाओं की अपनी आजादी होती है, उन्हें ट्रोल करना बंद कर देना चाहिए.

कृति सेनन के समर्थन में उतरे राहुल गांधी, राखी एड विवाद पर बोले- महिलाएं क्या पहनें ये उनकी पसंद
क़ृति को मिला राहुल गांधी का समर्थन
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एक्ट्रेस कृति सेनन को अपने रक्षाबंधन विज्ञापन की वजह से ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. अब इस विवाद के बीच कृति को देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से समर्थन मिल गया है. राहुल गांधी ने जोर देकर बोला है कि महिला को क्या पहनना है, यह पूरी तरह उसकी पसंद रहनी चाहिए. कुछ दिन पहले छात्रों की गूंज कार्यक्रम में भी राहुल गांधी ने महिला के अधिकारों की बात की थी.

राहुल गांधी ने कहा कि क्या महिला पहनेगी, क्या करेगी और कहा जाएगी यह सब वह ख़ुद तय करेगी, उनकी पसंद होनी चाहिए। महिलाओं की अपनी आजादी होती है, उन्हें ट्रोल करना बंद कर देना चाहिए. जानकारी के लिए बता दें कि रक्षाबंधन विज्ञापन के लिए ट्रोल होने के बाद कृति सेनन ने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी साझा की थी. उस स्टोरी में उन्होंने आलोचकों को करारा जवाब दिया था.

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कृति ने इन ट्रोल्स को करारा जवाब देते हुए कहा कि किसी महिला के कपड़ों से उसकी संस्कृति के प्रति सम्मान को नहीं मापा जाना चाहिए. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “त्योहारों की असली भावना आपके कपड़ों में नहीं, बल्कि उन भावनाओं और परंपराओं में होती है जिन्हें आप दिल से मानते हैं. रक्षाबंधन सुरक्षा और प्यार का रिश्ता है. मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं. हम एक-दूसरे की रक्षा करने का वादा करते हैं और एक-दूसरे की अच्छी सेहत, खुशी और लंबी उम्र की प्रार्थना करते हैं. हमारे लिए यह प्यार और प्रार्थना हमारे कुत्तों तक भी जाती है, क्योंकि वे भी हमारे परिवार का हिस्सा हैं.

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एक्ट्रेस ने आगे लिखा- आखिर हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? समय के साथ पारंपरिक फैशन भी बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उसके कपड़ों से क्यों मापा जाता है? संस्कृति और परंपराएं  उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं.” कृति ने अपनी बात से साफ कर दिया कि त्योहार और परंपराएं सिर्फ कपड़ों के बारे में नहीं हैं. ये प्यार, रिश्तों, भावनाओं और परिवार से जुड़ी होती हैं. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि महिलाओं के कपड़ों को लेकर इतनी ज्यादा बातें क्यों होती हैं और उनकी पसंद को लेकर उन्हें बार-बार क्यों परखा जाता है.

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