लोकसभा में विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा जारी है. आज लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी इस बिल पर अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए. इस दौरान उनके हाथ पर पट्टी बंधी थी. इसे देखकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पूछा कि हाथ में क्या हुआ? राहुल गांधी ने बताया कि उन्हें चोट लग गई है. उन्होंने बताया कि अंगूठे में चोट लग गई है. इसके बाद सदन में राहुल गांधी ने भाषण देना शुरू किया.
राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय परिदृश्य में महिलाएं सेंट्रल फोर्स होती हैं. हम सभी के जीवन में मां-बहन के रूप में महिलाएं हैं. उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि कल जब वह स्पीच दे रही थी, पांच मिनट में वह किया जो मैं 20 साल में नहीं कर पाया. अमित शाह के चेहरे पर स्माइल आ गई.
'यह महिला आरक्षण नहीं, चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश'
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयकों पर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, क्योंकि महिला आरक्षण का कानून तो 2023 में ही पारित हो चुका है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा विधेयक देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि यह बिल एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के खिलाफ है और उनके अधिकार छीनने का एजेंडा लेकर आया है.
राहुल गांधी ने कहा, 'सरकार डरी हुई है. जो काम उसने असम और जम्मू‑कश्मीर में किया, वही अब पूरे देश में करना चाहती है.' राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस विधेयक का महिला सशक्तिकरण से कोई लेना‑देना नहीं है, बल्कि यह सत्ता पर कब्जा बनाए रखने की कोशिश है. उन्होंने कहा, 'आप सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे हैं. यह बिल राष्ट्रविरोधी है और हम सरकार को यह करने नहीं देंगे.' उन्होंने उत्तर और दक्षिण भारत के बीच भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रक्रिया से दलितों और आदिवासियों की भागीदारी कम हो रही है. राहुल गांधी ने दावा किया कि यह बदलाव सामाजिक न्याय और संघीय ढांचे के खिलाफ हैं.
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