कोरोनावायरस लॉकडाउन (coronavirus Lockdown) के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पिछले दिनों प्रवासी मज़दूरों से मुलाकात की. राहुल गांधी की ओर से आज इस मुलाकात की डॉक्यूमेंटरी जारी की गई है. वीडियो में घर लौट रहे प्रवासी मज़दूरों ने अपना दर्द बंया किया गया है. ये प्रवासी मजदूर हरियाणा से उत्तर प्रदेश के झांसी पैदल जा रहे थे. इस वीडियो में एक प्रवासी महिला यह कह रही है कि वे तीन दिन से भूखे हैं. भूख से मर रहे हैं. उसके साथ बच्चे हैं. घर नहीं जाए तो क्या करें.
राहुल गांधी ने घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वे हरियाणा से आ रहे हैं और करीब 100 किलोमीटर की दूरी तक कर चुके हैं. खाने के सवाल पर एक प्रवासी परिवार ने बताया कि रास्ते में कुछ मिल गया तो खा लेते हैं वरना ऐसे ही चल रहे हैं. परिवार ने कहा लॉकडाउन से पहले अगर कुछ गैप दे दिया जाता तो सब अपने गांव निकल जाते हैं. हर बार लॉकडाउन की तारीख आगे बढ़ रही है. इसलिए घर जाने को मजबूर हैं.
वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम फिलहाल तो वापस आने का सोच ही नहीं रहे हैं. उन्होंने बताया कि दो महीने तक हमने पड़ोसियों से पैसे लेकर, गेहूं बेचकर काम चलाया. इस दौरान, एक महिला ने कहा कि जान बचे तो लाखों पाए. उन्होंने आरोप लगाया कि खाते में पैसे डालने की बात कही जा रही हैं, लेकिन उन्हें एक भी पैसा नहीं मिला है.
प्रवासी मज़दूरों के साथ राहुल गांधी की बातचीत की डॉक्यूमेंटरी यहां देखिए
इससे पहले राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा, "कुछ दिन पहले, इन मजदूर भाई-बहनों से भेंट हुई जो हरियाणा से सैकड़ों किमी दूर यूपी के झांसी में अपने गांव पैदल ही जा रहे थे. आज सुबह 9 बजे इनके धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मनिर्भरता की अविश्वसनीय कहानी मेरे YouTube चैनल पर देखिए."
कुछ दिन पहले, इन मजदूर भाई-बहनों से भेंट हुई जो हरियाणा से सैकड़ों किमी दूर यूपी के झांसी में अपने गाँव पैदल ही जा रहे थे। आज सुबह 9 बजे इनके धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मनिर्भरता की अविश्वसनीय कहानी मेरे YouTube चैनल पर देखिए। https://t.co/3FJjMvwxow pic.twitter.com/2OBs0WzcuG
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 23, 2020
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधा था. 20 लाख करोड़ के पैकेज पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ड्रामेबाज कहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने (राहुल गांधी) मजदूरों के साथ बैठकर, उनसे बात करके उनका समय बर्बाद किया. उन्हें मज़दूरों के बच्चों को और उनके सामान को उठाकर उनके साथ चलना चाहिए था. जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है उनसे क्यों नहीं कहते कि और ट्रेनें मंगाए और मजदूरों को घर लेकर आएं. सोनिया गांधी से कहती हूं कि पलायन कर रहे मजदूरों के मुद्दे को जिम्मेदारी से डील करना चाहिए.
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