- पीएम मोदी आज शाम सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक करेंगे जिसमें वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे
- भारत को खाड़ी देशों से होर्मुज मार्ग के जरिए तेल गैस की सप्लाई में रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है
- घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने सिलेंडरों की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित की है
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच पीएम मोदी आज शाम 7 बजे बड़ी बैठक करेंगे. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की ये बैठक होगी, जिसमें वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इस महत्वपूर्ण मीटिंग में मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा होगी. कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति की ये बैठक होगी. इससे पहले 22 मार्च को भी सीसीएस की बैठक हुई थी. अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध के एक महीने से भी ज्यादा वक्त हो चुका है. भारत को होर्मुज के रास्ते खाड़ी देशों से होने वाली तेल गैस की सप्लाई में रुकावट आई है. भारत ने अपने कूटनीतिक रास्तों से कुछ तेल गैस के जहाज वहां से पार कराने में कामयाबी पाई है. लेकिन भारत में एलपीजी की 60 फीसदी विदेशी निर्भरता को देखते हुए गैस की उपलब्धता चिंता का विषय बनी हुई है.
सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें बिना किसी रुकावट सप्लाई सुनिश्चित की है. साथ ही सीएनजी और पीएनजी सप्लाई भी लगातार हो रही है. हालांकि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई के लिए कुछ शर्तों के साथ राज्यों को कोटा दिया गया है, जो अब 50 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है.
अमेरिका से अल्जीरिया तक सप्लाई रूट
सरकार ने तेल गैस के नए रूटों से भी सप्लाई मंगाना शुरू कर दिया है. इसमें अमेरिका, रूस से लेकर अल्जीरिया तक शामिल है. सरकार ने पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता पर भी कहा है कि इसका कोई संकट नहीं है. लोग अनावश्यक भंडारण न करें. सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन धारकों को पीएनजी यानी पाइपलाइन वाली गैस सप्लाई लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए.
ये भी पढ़ें - ATF में इजाफा, विदेश के लिए ज्यादा महंगी होगी हवाई यात्रा, घरेलू उड़ानों पर कम असर
एलपीजी बनाम पीएनजी
एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखने वाले ग्राहकों से सिलेंडर तीन महीने के भीतर सरेंडर करने को कहा गया है. ऐसा न करने पर उनकी गैस सप्लाई रोकने की चेतावनी भी दी गई है. सरकार ने फिलहाल राशन की दुकानों और पेट्रोल पंपों पर केरोसिन की उपलब्धता का फैसला किया है, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में कोई दिक्कत न आए. सरकार का कहना है कि देश में 60 दिनों का तेल रिजर्व है और घबराने की जरूरत नहीं है.
ये भी पढ़ें - 7 साल बाद भारत आ रहा दुनिया का सबसे सस्ता तेल, ईरान के खार्ग से 9.5 करोड़ लीटर वाडिनार पोर्ट पहुंचेगा
मुख्यमंत्रियों के साथ भी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी. उन्होंने राज्यों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया था. साथ ही उन्हें जमाखोरी, कालाबाजारी और तेल-गैस को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की सलाह भी दी थी. सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि देश में लॉकडाउन लगाने जैसा कोई विचार नहीं किया जा रहा है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं