केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर बड़े संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि जहां पूरे विश्व में पेट्रोलियम पदार्थों की दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई, वहीं दूसरी तरफ देश में महज 5% पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े. पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी को लेकर हरदीप पुरी ने कहा कि वर्तमान में रिफाइनरियों ने जो तेल खरीदा है, वह 2 महीने पहले खरीदा है. साथ ही फ्यूल की कीमतों में कटौती के भी संकेत दिए. शनिवार (4 जुलाई) को जोधपुर में पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने पचपदरा रिफाइनरी को सर्वश्रेष्ठ मॉडर्न टेक्नोलॉजी पर आधारित रिफाइनरी बताया. उन्होंने दावा कि अगले 3-4 महीनों के भीतर रिफाइनरी 100 फीसदी क्षमता के साथ काम शुरू करेगी.
परिस्थितियां अनुकूल रही तो दामों में कमी हो सकती है
एलपीजी गैस की कमी पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हाल ही में जिस तरह से अमेरिका ईरान के बीच हुए युद्ध के बाद हार्मुज को लेकर जो परिस्थितियों उत्पन्न हुई, उससे विश्व के 193 देश प्रभावित हुए. करीब 4 महीने तक यह समस्या रही, लेकिन इसके बावजूद भी देश में किसी भी पेट्रोल पंप पर शटडाउन की स्थिति नहीं बनी. हमने प्राइवेट रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन की क्षमता को बढ़ाना शुरू किया. 35 हजार से 55 हजार मैट्रिक टन प्रतिदिन उत्पादन शुरू हुआ है. अगर सभी परिस्थितियों इसी तरह अनुकूल रही तो 2 से 3 महीने बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी हो सकती है."
"इथेनॉल को लेकर भ्रांतिया फैलाई जा रही"
इथेनॉल ब्लैडिंग के सवालों पर हरदीप पुरी ने कहा कि वह हमेशा आलोचना का स्वागत करते हैं. अगर कहीं कोई कमी है तो उस पर सुझाव दिया जा सकता है और काम में सुधार किया जा सकता है. एथेनॉल को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई गईं. उन्होंने कहा कि इथेनॉल का प्रयोग हमने शुरू नहीं किया, बल्कि 100 साल से इस पर काम हो रहा है. पहली बार कांग्रेस के शासनकाल में 2006 से 2008 के बीच इस पर काम करने की योजना बनी. बड़ी-बड़ी गाड़ी निर्माता कंपनी भी इस बात को स्वीकार कर चुकी है कि एथेनॉल का उपयोग पूरी तरह से सुरक्षित है.
कांग्रेस राज में रिफाइनरी का काम लटका रहा- पेट्रोलियम मंत्री
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि आज जहां पूरे विश्व में रिफाइनरी की क्षमता घट रही है. अमेरिका में पिछले 50 सालों से कोई नई रिफाइनरी नहीं लगी है. उस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ निश्चय से 2014 के बाद 2 नई रिफाइनरी स्थापित की गई है. पीएम मोदी का संकल्प पेट्रोलियम के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना है. इस दिशा में पचपदरा की रिफाइनरी एक मजबूत कदम साबित होगी.
पचपदरा में रिफायनरी को चुनौतीपूर्ण काम बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि करीब 490 किलोमीटर दूर से पाइपलाइन बिछाकर तेल यहां लाया गया. साल 2018 से 2023 के बीच राज्य की कांग्रेस की सरकार ने इस काम को लटकाए रखा. जैसे ही साल 2023 में राजस्थान में भाजपा की सरकार बनी, काम में एक बार फिर तेजी पकड़ी और अब रिफाइनरी का शुभारंभ हो चुका है.
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