- इंडिया ब्लॉक की बैठक में 23 पार्टियां शामिल होंगी, लेकिन AAP सहित कुछ पार्टियों ने हिस्सा लेने से मना किया है
- पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचीं
- इंडिया ब्लॉक की बैठक में जांच एजेंसियों के दुरुपयोग, महंगाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी
विपक्ष एक बार फिर एकजुट हो रहा है. विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ब्लॉक ने सोमवार को बैठक बुलाई है. इस बैठक में 23 राजनीतिक पार्टियां हिस्सा लेंगी. हालांकि, बैठक से पहले ही गठबंधन में 'टूट' भी नजर आ रही है. आम आदमी पार्टी समेत कई पार्टियों ने बैठक में हिस्सा लेने से मना कर दिया है.
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बताया कि 8 जून को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए 23 पार्टियों ने अपनी सहमति जता दी है. उन्होंने बताया कि कुछ पार्टियों ने अपने-अपने कारणों से इस बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है.
ममता बनर्जी दिल्ली पहुंचीं?
इस बैठक में शामिले होने के लिए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी भी दिल्ली पहुंच गई हैं.
बंगाल के विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी का दिल्ली का यह पहला दौरा है. सोमवार को वह इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होंगी.
इस बीच, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ममता बनर्जी से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर सकती हैं.
विपक्ष की मीटिंग का एजेंडा क्या है?
इंडिया ब्लॉक की बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होगी. इस बैठक में SIR, जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग, महंगाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी.
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने आगे कहा कि सरकार जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है, करोड़ों भारतीयों की रोजी-रोटी को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है. लगातार महंगाई के जरिए घरेलू बजट को बिगाड़ रही है, लाखों युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात कर रही है. निवेश के माहौल को कमजोर कर रही है और अपनी विदेश नीति के जरिए राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रही है.
23 राजनीतिक दलों ने सोमवार, 8 जून 2026 को दोपहर 12 बजे नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली INDIA जनबंधन की बैठक में भाग लेने की पुष्टि की है। कुछ दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है -हालांकि उन्होंने मोदी सरकार की उन नीतियों और…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 7, 2026
आम आदमी पार्टी ने बनाई दूरी
इस बैठक से आम आदमी पार्टी ने दूरी बना ली है. AAP नेता सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छोटी पार्टियों को कमजोर करने के लिए बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि 'इंडिया बलॉक गठबंधन बनाने वाली पॉलिटिकल पार्टियों से मेरी दिल से गुजारिश है कि मेरी सोच के हिसाब से कांग्रेस देश भर में रीजनल और छोटी पार्टियों को कमजोर करने के लिए बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि भाजपा और कांग्रेस बारी-बारी से देश पर राज कर सकें.'
My sincere earnest request to political parties constituting INDIA alliance:
— Somnath Bharti सोमनाथ भारती (@attorneybharti) June 7, 2026
In my considered opinion, @INCIndia seems to be working hand in glove with @BJP4India to weaken regional and smaller parties across the country so that BJP and Cong can rule the county alternately;…
उन्होंने आगे कहा कि 'कांग्रेस के ऐसे दोहरे रवैये की वजह से आम आदमी पार्टी ने गठबंधन से दूरी बनाने का फैसला किया है अगर कांग्रेस ही इसे लीड करता रही.'
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DMK-CPM ने भी कांग्रेस को घेरा
इंडिया ब्लॉक की पार्टियों- द्रमुख (DMK) और CPI(M) ने कांग्रेस को घेरा है. DMK ने सोमवार को होने वाली बैठक में न जाने का फैसला लिया है. CPI(M) ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस का बर्ताव इंडिया ब्लॉक को नुकसान पहुंचा रहा है.
तमिलनाडु चुनाव के बाद डीएमके ने कांग्रेस के उनके गठबंधन से बाहर निकलने के बाद 8 जून को विपक्षी गठबंधन की मीटिंग में हिस्सा न लेने का अपना फैसला बताया है, वहीं लेफ्ट पार्टी ने उनसे केरलम चुनाव कैंपेन के दौरान भाजपा के साथ डील वाली बातों पर साफ बात करने को कहा है.
DMK के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने न्यूज एजेंसी IANS से बात करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने इंडिया ब्लॉक मीटिंग का बॉयकॉट करने का फैसला किया है, क्योंकि हम ऐसी जगह नहीं रहना चाहते जहां कांग्रेस मौजूद हो.
Chennai, Tamil Nadu: DMK, Spokesperson, Saravanan Annadurai says, "DMK party has decided to boycott the INDIA Bloc meeting that is happening on the 8th. We have decided to take this call because we do not want to be in a place where the Congress is present. The Congress are… pic.twitter.com/kZzIHmOHa4
— IANS (@ians_india) June 7, 2026
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीठ में छुरा घोंपने वाली है. उन्होंने हमारा काम और डीएमके पार्टी के वर्कर्स की मेहनत और पसीना चुराया और फिर खेमा बदल लिया. यह मौकापरस्ती का सबसे अच्छा उदाहरण है. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी ऐसी जगह हिस्सा लेती है या वहां दिखती है, जहां कांग्रेस शामिल है तो यह सभी DMK कैडर का अपमान होगा.
वहीं, CPI(M) नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस की एक बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने IANS से कहा कि गठबंधन में किसी भी सबसे बड़ी पार्टी की मोर्चे को एक साथ रखने में अहम भूमिका होती है, लेकिन दुर्भाग्य से कांग्रेस नेता जरूरी समझदारी नहीं दिखा रहे हैं.
Delhi: CPI(M) leader and Former MP Hannan Mollah on Congress and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "... As the largest party in the alliance, Congress has a major responsibility. Any biggest party in a coalition has a key role in holding the front together. But unfortunately,… pic.twitter.com/BlPaU8RRlk
— IANS (@ians_india) June 7, 2026
राहुल गांधी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि अगर आप लीड करना चाहते हैं तो आपको सभी को साथ लेकर चलना होगा. अगर आप अपने सहयोगियों को गाली देंगे तो आपके साथ कौन रहेगा. राहुल गांधी एक जगह CPI(M) की बुराई करते हैं तो दूसरी जगह DMK की. अगर आप इन पार्टियों को एक साथ रखना चाहते हैं और गठबंधन को लीड करना चाहते हैं तो आपको सभी को रिप्रेजेंट करना होगा.
उन्होंने कहा कि दूसरे नेता अलग-अलग बातें कह सकते हैं, लेकिन फ्रंट के लीडर के तौर पर आप ऐसा बर्ताव नहीं कर सकते जिससे एकता को नुकसान हो.
मोल्लाह ने कहा कि कांग्रेस को पता होना चाहिए कि फ्रंट कैसे बनाया जाता है, जिसके लिए सीरियस होना पड़ता है, सबको साथ लेकर चलने की काबिलियत होनी चाहिए और समझदारी से बात करनी चाहिए.
सपा बोली- DMK की नाराजगी बड़ा झटका
DMK का गठबंधन की बैठक में न आना विपक्ष के लिए बड़ा झटका है. समाजवादी पार्टी ने भी इस बात को माना है. सपा सांसद राजीव राय ने NDTV से बात करते हुए कहा कि DMK का बैठक में भाग नहीं लेने का फैसला विपक्ष के लिए एक झटका है. मैं इससे इनकार नहीं कर सकता.
उन्होंने कहा कि DMK नाराज है, CPM की भी अपनी चिंताएं हैं. कांग्रेस बड़ी पार्टी है तो कांग्रेस की बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि DMK का गुस्सा होना जायज हो सकता है लेकिन मुझे लगता है इंडिया ब्लॉक के नेताओं को DMK से बात करनी चाहिए.
राजीव राय ने कहा कि अगर बीजेपी से लड़ना है तो सबको अपने छोटे-छोटे मतभेदों को मिटाकर बड़ा दिल दिखाना चाहिए. उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अत्याचार, संगठित गिरोहों को संरक्षण देना... इन सभी मुद्दों पर विपक्ष को एकजुट होकर मुकाबला करने की जरूरत है.
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