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This Article is From May 19, 2021

एक और साइक्लोन? अब पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों से टकरा सकता है दूसरा चक्रवाती तूफान

दक्षिण पश्चिम मानसून 21 मई के आसपास अंडमान सागर और दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में समय से पहले पहुंचने की संभावना है.

एक और साइक्लोन? अब पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों से टकरा सकता है दूसरा चक्रवाती तूफान
प्रतीकात्मक तस्वीर.
नई दिल्ली:

भारतीय मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि चक्रवात 'ताउते' के साथ एक और चक्रवाती तूफान पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों से टकरा सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, 22 मई के आसपास उत्तरी अंडमान सागर और इससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई जा रही है. इसके बाद अगले 72 घंटों के दौरान धीरे-धीरे तेज होकर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है. 

साथ ही बताया कि इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 26 मई की शाम के आसपास पश्चिम बंगाल-ओडिशा के तटों तक पहुंचने की संभावना है. दक्षिण पश्चिम मानसून 21 मई के आसपास अंडमान सागर और दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में समय से पहले पहुंचने की संभावना है. 

चक्रवाती तूफान Tauktae तो चला गया लेकिन पीछे छोड़ गया तबाही का मंजर

बता दें, चक्रवात 'ताउते' ने भारत में काफी तबाही मचाई है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात ‘ताउते' से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए बुधवार को गुजरात और केंद्र शासित क्षेत्र दीव के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. मोदी चक्रवात से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए एक दिवसीय गुजरात दौर पर भावनगर पहुंचे जहां मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उनका स्वागत किया. एक अधिकारी ने बताया कि मोदी हेलीकॉप्टर पर सवार होकर प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण के लिए निकले. रूपाणी ने ट्वीट कर कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावनगर पहुंच गए हैं. वह चक्रवात ताउते से प्रभावित अमरेली, गिर सोमनाथ और भावनगर जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे.'

चक्रवात के कारण गिर सोमनाथ जिले के दीव और उना शहर के बीच सोमवार को जल भराव की स्थिति बन गई थी और इससे संपत्ति को भी खासा नुकसान पहुंचा है. क्षेत्र में पेड़ भी बड़ी संख्या में गिर गए हैं.

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वहीं, मानसून को लेकर भी मौसम विभाग ने जानकारी दी थी कि इस बार मानसून समय से पहले आ सकता है. शुक्रवार को भारतीय मौसम विभाग ने कहा था कि केरल में दक्षिणपश्चिम मानसून समयपूर्व 31 मई को पहुंच सकता है. आमतौर पर राज्य में मानसून एक जून को आता है.  मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से बताया गया, ‘‘इस वर्ष दक्षिणपश्चिम मानसून केरल में 31 मई को पहुंच सकता है.''भारतीय मानसून क्षेत्र में, मानसून की शुरुआती बारिश दक्षिण अंडमान सागर से होती है और उसकी बाद मानसूनी हवाएं उत्तर पश्चिम दिशा में बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ती हैं. विभाग ने इस वर्ष मानसून सामान्य रहने का अनुमान जताया है.

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