- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी ने कंडीशनल अप्रूवल जारी किया है
- एयरपोर्ट को सुरक्षा जांच के बाद मंजूरी मिली है, अब DGCA की टीम का निरीक्षण शेष है
- DGCA निरीक्षण के बाद ही एयरपोर्ट के लिए एरोड्रम लाइसेंस जारी किया जाएगा, जो उड़ानों की शुरुआत सुनिश्चित करेगा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सिक्योरिटी क्लियरेंस मिल गया है. ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने एयरपोर्ट को कुछ शर्तों के साथ कंडीशनल अप्रूवल जारी कर दिया है. यह मंजूरी एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. संबंधित एजेंसियों द्वारा विस्तृत जांच के बाद यह अनुमति दी गई है. अब अगला चरण DGCA की टीम का निरीक्षण होगा.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला सिक्योरिटी क्लीयरेंस
— NDTV India (@ndtvindia) March 6, 2026
नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से कंडीशनल सिक्योरिटी क्लीयरेंस मिल गया है. अब डीजीसीए की टीम एयरपोर्ट का निरीक्षण करेगी, जिसके बाद एरोड्रम लाइसेंस जारी होने की… pic.twitter.com/dvmcXr8z6h
एयरपोर्ट से उड़ान भरने में कितना वक्त
DGCA की जांच के बाद ही एयरपोर्ट के लिए एरोड्रम लाइसेंस जारी किया जाएगा. लाइसेंस मिलते ही यहां से फ्लाइट ऑपरेशंस शुरू होने का रास्ता लगभग साफ हो जाएगा. सूत्रों के अनुसार, एयरपोर्ट का उद्घाटन नवरात्रों में किया जा सकता है. जेवर में बन रहा यह हवाईअड्डा देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है. इसके शुरू होने से NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी का बड़ा लाभ मिलेगा और लाखों यात्रियों को यात्रा में सुविधा बढ़ेगी.
एयरपोर्ट पर हो चुका है कैलिब्रेशन फ्लाइट ट्रायल
इससे पिछले साल अक्टबूर में ही रनवे पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की कैलिब्रेशन फ्लाइट सफलतापूर्वक लैंडिंग कर चुकी है. यह ट्रायल नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की निगरानी में संपन्न हुआ था. इस फ्लाइट ट्रायल के दौरान एयरपोर्ट के आईएलएस (इंटीग्रेटेड लैंडिंग सिस्टम), कम्युनिकेशन सिस्टम और नेविगेशन उपकरणों की बारीकी से जांच की गई थीं. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की विशेष टीम ने इस प्रक्रिया को अंजाम दिया था.
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