नई दिल्ली:
योग गुरु रामदेव ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पर हमला करने के लिए टीम अन्ना से असहमति जताते हुए कहा कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन किसी व्यक्ति की आलोचना करना ठीक नहीं है।
रामदेव ने साथ ही कहा कि वह किसी पर व्यक्तिगत हमले के खिलाफ हैं। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह अन्ना हजारे के आंदोलन का समर्थन करना जारी रखेंगे।
रामदेव ने यह बात रामलीला मैदान में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कही जहां वह आगामी नौ अगस्त से कालेधन के खिलाफ अपना आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति एक संवैधानिक पद है। किसी को भी संवैधानिक पद पर असीन व्यक्ति की आलोचना नहीं करनी चाहिए। यहां तक कि अन्ना हजारे भी इससे सहमत हैं।’
रामदेव ने साथ ही कहा कि वह किसी पर व्यक्तिगत हमले के खिलाफ हैं। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह अन्ना हजारे के आंदोलन का समर्थन करना जारी रखेंगे।
रामदेव ने यह बात रामलीला मैदान में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कही जहां वह आगामी नौ अगस्त से कालेधन के खिलाफ अपना आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति एक संवैधानिक पद है। किसी को भी संवैधानिक पद पर असीन व्यक्ति की आलोचना नहीं करनी चाहिए। यहां तक कि अन्ना हजारे भी इससे सहमत हैं।’
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