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This Article is From May 12, 2021

कोरोना संकटः भारत के लिए खतरे की घंटी, देश के करीब 90% क्षेत्र में हाई पॉजिटिविटी रेट, ग्रामीण क्षेत्रों ने बढ़ाई चिंता

कोरोने की दूसरी लहर भारत के लिए घातक साबित हुई है. देश के तकरीबन 90 फीसद हिस्से में कोरोना महामारी की उच्च सकारात्मकता दर (High Covid Positivity Rate) देखने को मिल रही है.

कोरोना संकटः भारत के लिए खतरे की घंटी, देश के करीब 90% क्षेत्र में हाई पॉजिटिविटी रेट, ग्रामीण क्षेत्रों ने बढ़ाई चिंता
कोरोना के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता.
नई दिल्ली:

कोरोने की दूसरी लहर भारत के लिए घातक साबित हुई है. देश के तकरीबन 90 फीसद हिस्से में कोरोना महामारी की उच्च सकारात्मकता दर (High Covid Positivity Rate) देखने को मिल रही है. केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि 734 में से 640 जिले में पॉजिटिविटी रेट 5 प्रतिशत से ज्यादा है जो कि राष्ट्रीय सीमा स्तर से ऊपर हैं. कोरोनो वायरस की घातक दूसरी लहर में सक्रिय केस की आसमान छूती रफ्तार से अस्पतालों और श्मशान घाटों का बुरा हाल है. गंभीर रूप से बीमार कोविड रोगियों के इलाज के लिए ऑक्सीजन और जरूरी दवाओं की भारी कमी है.

कोरोना के खतरे को बढ़ता देख पिछले महीने केंद्र ने 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीनेशन कार्यक्रम में शामिल किया था. इस बीच ज्यादातर राज्यों ने वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न होने की शिकायत की है. संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए अधिकारियों ने राज्यों को आगाह किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महामारी फैली तो यह तबाही मचा सकती है. 

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता, लव अग्रवाल ने कहा, "हिमाचल प्रदेश, नागालैंड जैसे नए राज्यों में हाई कोविड पॉजिटिविटी रेट देखी जा रही है. हमें संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सुधारात्मक उपायों की जरूरत है." इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने भारत के ग्रामीण इलाकों पर विशेष ध्यान देने की बात कही है. साथ ही कोविड टेस्ट के लिए मानदंडों को संशोधित भी किया है. आईसीएमआर ने कहा कि आरटी-पीसीआर टेस्ट के बजाय रैपिड एंटीजन टेस्ट्स पर ध्यान देना चाहिए. इससे स्थिति की सही जानकारी मिल सकेगी और संक्रमण की चेन को तोड़ने में भी मदद मिलेगी.

कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ कोविड मैनेजमेंट और राज्यों के रणनीति को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की. गौबा ने कहा कि इस वक्त टेली-परामर्श को बढ़ावा देने की जरूरत है. राज्यों से उप-केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, और स्वास्थ्य-कल्याण केंद्र स्तरों पर स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने का आग्रह किया. बैठक में कोविड मैनेजमेंट के लिए मानव संसाधन कार्यबल में सुधार के कदमों पर भी चर्चा की गई.

राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर प्राथमिकता दें: परीक्षण, नियंत्रण और बुनियादी ढांचा. आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत राज्यों को गंभीर श्रेणी में आने वाले जिलों की पहचान करने के लिए कहा गया है, जिसमें पिछले सप्ताह कोविड पॉजिटिविटी रेट 10% या अधिक रही है. एक राज्य-स्तरीय नोडल अधिकारी ऐसे जिलों में 14 दिनों तक तैनात रहेगा. इसके साथ ही जिला कलेक्टरों को दैनिक स्थिति की समीक्षा करने की जिम्मेदारी भी दी गई है.

इससे पहले की एक एडवाइजरी में सरकार ने राज्यों से उन इलाकों को बंद करने के लिए कहा था, जहां टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से ऊपर है. बताते चलें कि बीते महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महामारी पर विराम लगाने के क्रम में कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने, अंतिम उपाय के रूप में लॉकडाउन और मिनी कंटेनमेंट जोन का अनुसरण करने के लिए कहा था. 

तब से अधिकांश राज्यों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन या पाबंदियों को अपनाया है. पिछले 24 घंटों में भारत में 3.29 लाख नए मामले सामने आए हैं. इन नए मामलों के साथ भारत में अब तक 2.29 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं. 

कोरोना की चपेट में आते गांव, हरियाणा से ग्राउंड रिपोर्ट

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