- बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि बांग्लादेश से डिप्लोमेटिक संबंध अलग हैं और घुसपैठियों का मामला अलग है
- NDTV से उन्होंने कहा कि जिस तरह की घुसपैठ देश में हो रही है, उससे प्रोटेक्ट करना हमारी पहली जबावदेही है
- उनका कहना था कि डिप्लोमेसी के लेवल पर पड़ोसी देशों से हमारे संबंध बेहतर बने, ये हमारी प्रायोरिटी रहेगी
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने NDTV के सीईओ और एडिटर इन चीफ राहुल कंवल के साथ बांग्लादेश और बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर खुलकर बात की. उन्होंने साफ किया कि बांग्लादेश के साथ डिप्लोमेटिक संबंध अलग मुद्दा है और बांग्लादेशी घुसपैठियों का मामला अलग है. उनका कहना था कि हमारे लिए राष्ट्रीय हित सबसे पहले हैं. हम बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोट देने का अधिकार नहीं दे सकते.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में जो वोट काटने का फैसला किया है, वो स्थानीय प्रशासन के प्रस्ताव के आधार पर किया है. वोट काटने का प्रस्ताव दिल्ली से नहीं गया था.
वेस्ट बंगाल में 11.6 पर्सेंट के औसत से ज्यादा वोट जिन इलाकों में कटे हैं, उनमें से अधिकतर बांग्लादेश के साथ सटे हुए हैं. इन इलाकों में तृणमूल कांग्रेस जीतती आई है. टीएमसी का आरोप है कि चुनाव आयोग ने इसी वजह से वहां ज्यादा एक्शन लिया. इस सवाल पर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि आयोग ने जो फैसला किया है, वो डीएम और एसडीओ के प्रस्ताव के आधार पर किया है. और ये डीएम, एसडीओ किसके तहत काम करते हैं?
उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन क्या है? वह एक ऐसी बॉडी है जो राज्य के प्रशासन के इर्दगिर्द काम करती है. यह 92 लाख का प्रस्ताव दिल्ली से नहीं आया है. यह कोलकाता से दिल्ली गया है, इस बात को समझना होगा.
उन्होंने कहा कि डीएम एसडीओ जिला प्रशासन सब राज्य सरकार के तहत काम करते हैं. 92 लाख का प्रस्ताव वहां से गया है. और उस प्रस्ताव पर अनुमोदन करना इलेक्शन कमीशन का काम है. वो अगर सर्टिफाई कर रहा है, जस्टिफाई कर रहा है तो मैं मानता हूं कि ये तो बंगाल के लोगों के हित का निर्णय है. क्या हम बांग्लादेशियों को वोट देने का अधिकार दे?
बांग्लादेश नागरिकों का मुद्दा पश्चिम बंगाल के चुनाव में इस्तेमाल होने संबंधी चिंताओं पर नितिन नवीन ने कहा कि एक देश के रूप में बांग्लादेश का मामला अलग है. वहां हमारे डिप्लोमैटिक संबंध जो हैं, उन्हें निश्चित रूप से हम प्रगाढ़ करना चाहेंगे.
उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह की घुसपैठ अपने देश में हो रही है, उससे प्रोटेक्ट करना हमारी पहली जबावदेही है. उन्होंने कहा कि हमारे लिए राष्ट्रीय हित पहले हैं. हम पहले अपनी जनता के लिए सोचेंगे. साथ ही डिप्लोमेसी के लेवल पर पड़ोसी देशों से हमारे संबंध बेहतर बने, ये हमारी प्रायोरिटी रहेगी.
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