एनडीए सांसदों की आज की बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने अपने मंत्रालय से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में प्रजेंटेशन दिया. जल जीवन मिशन, जल संचय जन भागीदारी और समृद्धि एम-कैडडब्ल्यूएम के बारे में विस्तार से बताया गया. इन योजनाओं से देश में जल उपलब्धता, संरक्षण और सिंचाई दक्षता बढ़ाने की दिशा में उठाए गए कदमों के बारे में बताया गया. पाटिल ने कहा कि सरकार का जोर अब केवल हर घर तक नल का कनेक्शन पहुंचाने पर नहीं, बल्कि लगातार और सुरक्षित जल सेवा सुनिश्चित करने पर है.
पहले देखिए 'मंगल मिलन' के दौरान कैसे लहराया गया तिरंगा
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— SansadTV (@sansad_tv) August 11, 2026
Prime Minister Narendra Modi, along with senior NDA leaders, attended the NDA Parliamentary Party Meeting (Mangal Milan) during the Monsoon Session of Parliament 2026.#MonsoonSession2026 #Parliament #NDA #NarendraModi #MangalMilan @narendramodi pic.twitter.com/DjpgDrx85O
NDA सांसदों को बताई गईं जल जीवन मिशन की उपलब्धियां
पाटिल के प्रजेंटेशन में बताया गया कि जल जीवन मिशन की शुरुआत 15 अगस्त 2019 को हुई थी. उस समय देश के ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ 3.23 करोड़ यानी करीब 17 प्रतिशत घरों में नल से जल उपलब्ध था. सरकार के अनुसार, 2026 तक यह संख्या बढ़कर 15.89 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों यानी 82 प्रतिशत से ज्यादा तक पहुंच गई है. 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ‘हर घर जल' का लक्ष्य पूरा कर लिया है.
जल योजनाओं की निगरानी के लिए डिजिटल मैपिंग और जियो-टैगिंग पर भी जोर दिया जा रहा है. अब तक 86 हजार संपत्तियों की जियो-टैगिंग की जा चुकी है, जिसमें 30.45 लाख किलोमीटर पाइपलाइन शामिल है. जल जीवन मिशन में प्राप्त 18,790 शिकायतों में से 17,724 यानी 94 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किए जाने का दावा किया गया है.
महिलाओं के 5.5 करोड़ घंटे रोजाना बच रहे
जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 24.8 लाख महिलाएं फील्ड टेस्टिंग किट के जरिए पानी की जांच कर रही हैं. सरकार के अनुसार, नल से जल पहुंचने का सबसे बड़ा असर महिलाओं और बच्चों के जीवन पर पड़ा है.
JSJB 1.0 के तहत 31 मई 2025 तक 27.5 लाख जल संरक्षण संरचनाएं बनाई गईं. JSJB 2.0 में 31 मई 2026 तक 1.55 करोड़ संरचनाओं का निर्माण हुआ. अब 31 मई 2027 तक दो करोड़ नई जल संरक्षण संरचनाएं बनाने का लक्ष्य रखा गया है. आकलन के मुताबिक JSJB 1.0 के तहत बनी संरचनाओं से करीब 2.40 BCM भूजल पुनर्भरण संभव हुआ.
‘हर बूंद का सदुपयोग'
तीसरी पहल ‘समृद्धि M-CADWM' है, जिसका उद्देश्य कमांड क्षेत्र में जल प्रबंधन और सिंचाई दक्षता को बढ़ाना है. इसके तहत 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 38 पायलट क्लस्टर चुने गए हैं, जिनका कुल कमांड क्षेत्र करीब 70 हजार हेक्टेयर है. योजना में पाइप वितरण और सूक्ष्म सिंचाई के जरिए पानी की बर्बादी और लाइन लॉस कम करने पर जोर है.
सांसदों से कहा गया है कि वे इन योजनाओं के बारे में आम लोगों को बताएँ. साथ ही, सभी सांसदों से अपने क्षेत्रों में इन पर सहयोग देने को भी कहा गया है.
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