NCR Planning Board Meeting 2026 Latest Update: दिल्ली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं सालाना बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 4 नमो शहर बसाने का फैसला किया गया है. एनसीआर में शामिल चार राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के खाते में 1-1 शहर आएगा. इन मॉडर्न शहरों को नमो नोड्स नाम दिया जाएगा. यूपी ने इसके लिए नोएडा, दादरी, जेवर और बुलंदशहर का विकल्प सुझाया है. इन नमो शहरों की जगह 15 अगस्त तक तय हो जाएगी. जेवर में नोएडा एयरपोर्ट चालू हो चुका है. ऐसे में यह बेहतर विकल्प हो सकता है. वहीं सरकार न्यू नोएडा के मास्टर प्लान पर भी काम कर रही है.
एनसीआर को 4 जोन में बांटा जाएगा
एनसीआर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली ( NCT Delhi), सेंट्रल एनसीआर (दिल्ली के बाहर ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का 5 किमी का एरिया), हाईवे कॉरिडोर जोन और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल के आसपास) और चौथा बाकी एनसीआर का हिस्सा रहेगा. एनसीआर की आबादी अगले 15 सालों में दोगुना बढ़कर 15 करोड़ हो जाने का अनुमान है. इसमें शहरी आबादी बढ़कर 67 फीसदी हो जाएगी. रीजनल ड्रॉफ्ट प्लान 2041 में इसका जिक्र है. लिहाजा चार नए नमो भारत सिटी बसाने का फैसला किया गया है. ऐसे में आने वाले वक्त में 3-4 करोड़ लोगों के लिए घर बनाने की दरकार होगी.
नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड की बैठक
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक में शामिल हुए थे. जबकि यूपी से शहरी विकास मंत्री एके शर्मा इसमें मौजूद थे. नमो शहर के तौर तरीका तय करने के लिए एक समिति बनाई गई है. समिति 15 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी. बोर्ड की 43वीं बैठक दिसंबर में होगी.
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड बैठक के फैसले
- हरियाणा की NCR सीमाएं वैसी ही रहेंगी. सभी 14 जिले (करनाल, पानीपत, जींद, महेंद्रगढ़ और भिवानी) NCR में बने रहेंगे
- NCR में अगले पांच सालों में 4 ग्रीनफील्ड नमो शहर बनेंगे, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में चार नमो नोड्स
- 5 साल में 5000 करोड़ खर्च होंगे इन नमो भारत शहरों पर
- NCR का मौजूदा 55083 वर्ग किलोमीटर का इलाका बना रहेगा
नमो शहर कैसे बनेंगे, कैसे चुने जाएंगे
एनसीआर मास्टर प्लान के मुताबिक, इन चार नमो शहरों का मकसद एक्सप्रेसवे-हाईवे और रैपिड रेल रूट के किनारे ऐसे आधुनिक शहर बनाने हैं, जहां से दिल्ली या एनसीआर के दूसरे शहरों तक आवाजाही आसान हो. वहां एजुकेशन, हेल्थ, टेक और इंडस्ट्री क्लस्टर भी बनाए जाएंगे. ये दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में बने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की तर्ज पर होंगे.
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नमो भारत ट्रेन के नए रूट पर चर्चा
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में दिल्ली-पानीपत करनाल नमो भारत कॉरिडोर, दिल्ली-अलवर नमो भारत कॉरिडोर और दिल्ली-नोएडा एयरपोर्ट और गुरुग्राम-मानेसर रूट की रैपिड रेल प्रोजेक्ट पर चर्चा की गई. पानीपत-करनाल और मानेसर के रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम की समीक्षा की गई. NCR में BS-6 से नीचे के वाहनों में बदलाव की योजना मंजूर की गई. एनसीआर मास्टर प्लान 2041 में 30-मिनट NCR प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई. इसमें सुपरफास्ट रेल लिंक और आठ रैपिड रेल कॉरिडोर के जरिये दिल्ली से हर बड़े शहर तक आधे घंटे में पहुंचा जा सके. शहरों के बीच हेली-टैक्सी के तौर पर हेलीकॉप्टर सेवा पर भी चर्चा हुई.
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एनसीआर मे रियल एस्टेट बूम
ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल, एक्सप्रेसवे, बुलेट ट्रेन, मैन्युफैक्चरिंग सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, जापानी सिटी, सिंगापुर सिटी, ग्रेटर नोएडा फिल्म सिटी जैसे बड़े बुनियादी ढांचे से एनसीआर तेजतर्रार कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और इन्फ्रा हब बनेगा. एनसीआर आने वाले वक्त में जापान से भी बड़ा सिटी क्लस्टर हब होगा.
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