चेन्नई:
मुल्लापेरियार बांध को लेकर तमिलनाडु विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर एक प्रस्ताव पारित करके कहा जाएगा कि तमिलनाडु बांध पर से अपना हक नहीं छोड़ेगा। केरल में बने इस बांध के पानी पर तमिलनाडु का हक है। इससे तमिलनाडु के पांच दक्षिणी जिलों में पीने के पानी और सिंचाई का इंतजाम होता है। केरल इस बांध को कमजोर बताकर तोड़ना चाहता है लेकिन तमिलनाडु का कहना है कि यह बांध पूरी तरह सुरक्षित है। पांच साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने बांध को सुरक्षित बताते हुए केरल से पानी का स्तर उठाने को कहा था हालांकि ये मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट में है। इससे पूर्व इसको लेकर तमिलनाडु की सियासत काफी गरमा गई है। विरोधी दल डीएमके ने बुधवार को बांध के पानी का इस्तेमाल करने वाले पांच दक्षिणी जिलों में मानव शृंखला बनाई। डीएमके ने इस मामले की ओर केन्द्र का ध्यान खींचने के लिए ये विरोध प्रदर्शन किया है। थेनी जिले में इस प्रदर्शन की अगुवाई डीएमके नेता और करुणानिधि के बेटे एम के स्टालिन ने की। इससे पहले सोमवार को भी पार्टी ने पूरे राज्य में रिले अनशन का आयोजन किया था।
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