लालू प्रसाद यादव बिहार के छपरा से सासंद हैं। पिछले तीन साल में सांसद निधि से 14 करोड़ मिले जिसे वह अपने इलाके के विकास पर खर्च कर सकते थे, लेकिन लालू ने उसमें से एक पैसा भी खर्च करना मुनासिब नहीं समझा।
वहीं, लालू के धुर विरोधी और जेडी(यू) अध्यक्ष शरद यादव मधेपुरा से सांसद हैं जो लालू से तो आगे हैं लेकिन इतना नहीं कि पास कहे जाएं। शरद यादव 14 करोड़ में महज 65 लाख ही खर्च कर सके। इस बारे में पूछे जाने पर जनता दल युनाइटेड के सांसद शरद यादव पहले तो लोकसभा के वेबसाइट को ही गलत ठहरा देते हैं फिर कहते हैं, 'यह थोड़ा-बहुत ही सही होता है और काम हो जाने पर इसमें (वेबसाइट में) आता है। बिहार हो या दिल्ली... सांसदों की अनदेखी के मामले हर जगह हैं। पूर्वी दिल्ली से सांसद संदीप दीक्षित ने भी सिर्फ नौ लाख रुपये ही खर्च किए हैं।
मास फॉर अवेयरनेस की रिपोर्ट की मानें तो बीते तीन साल में देश के लोकसभा सांसद अपनी निधि की एक तिहाई रकम भी खर्च नहीं कर सके हैं। वैसे बड़े नामों मे देखें तो मई 2009 से जून 2012 तक राहुल गांधी ने 2.32 करोड़ और लालकृष्ण आडवाणी ने 1.71 करोड़ खर्च किया जबकि मंडी से सांसद वीरभद्र 9.83 करोड़ खर्च कर नंबर वन हैं।
खुद मात्र ढ़ाई करोड़ ही खर्च करने वाले बिहार के भागलपुर से सांसद शहनवाज हुसैन कहते है कि हर सासंद को इस मद में मिलने वाला पैसा खर्च करना चाहिए। हो सकता है कि एनडीटीवी इंडिया पर खबर दिखाए जाने के बाद सांसद खर्च करें और जनता भी इनपर दबाव डाले। ऐसे में तो यही लगता है कि बिहार में अगर नीतीश सरकार ने विधायक फंड बंद करने की पहल की है तो इसमें हैरानी की बात नहीं।
वहीं, लालू के धुर विरोधी और जेडी(यू) अध्यक्ष शरद यादव मधेपुरा से सांसद हैं जो लालू से तो आगे हैं लेकिन इतना नहीं कि पास कहे जाएं। शरद यादव 14 करोड़ में महज 65 लाख ही खर्च कर सके। इस बारे में पूछे जाने पर जनता दल युनाइटेड के सांसद शरद यादव पहले तो लोकसभा के वेबसाइट को ही गलत ठहरा देते हैं फिर कहते हैं, 'यह थोड़ा-बहुत ही सही होता है और काम हो जाने पर इसमें (वेबसाइट में) आता है। बिहार हो या दिल्ली... सांसदों की अनदेखी के मामले हर जगह हैं। पूर्वी दिल्ली से सांसद संदीप दीक्षित ने भी सिर्फ नौ लाख रुपये ही खर्च किए हैं।
मास फॉर अवेयरनेस की रिपोर्ट की मानें तो बीते तीन साल में देश के लोकसभा सांसद अपनी निधि की एक तिहाई रकम भी खर्च नहीं कर सके हैं। वैसे बड़े नामों मे देखें तो मई 2009 से जून 2012 तक राहुल गांधी ने 2.32 करोड़ और लालकृष्ण आडवाणी ने 1.71 करोड़ खर्च किया जबकि मंडी से सांसद वीरभद्र 9.83 करोड़ खर्च कर नंबर वन हैं।
खुद मात्र ढ़ाई करोड़ ही खर्च करने वाले बिहार के भागलपुर से सांसद शहनवाज हुसैन कहते है कि हर सासंद को इस मद में मिलने वाला पैसा खर्च करना चाहिए। हो सकता है कि एनडीटीवी इंडिया पर खबर दिखाए जाने के बाद सांसद खर्च करें और जनता भी इनपर दबाव डाले। ऐसे में तो यही लगता है कि बिहार में अगर नीतीश सरकार ने विधायक फंड बंद करने की पहल की है तो इसमें हैरानी की बात नहीं।
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