बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सांसद पप्पू यादव मॉनसून सत्र के पहले दिन अजीबोगरीब हुरिले के साथ परिसर में नजर आए. संसद आए पप्पू यादव ने जो कपड़ा पहन रहा है, उसमें एनटीए, राम मंदिर चंदा चोरी सहित कई मुद्दों से जुड़े सवाल लिखे हुए हैं. पप्पू यादव का मकसद सरकार को घेरना है.
वहीं, लोकसभा सांसद के कपड़े के बैकसाइड पर कई सवाल लिखे गए हैं.
- "चंदा चोरी पर सरकार क्यों मौन है? इस महाघोटाले का मास्टमाइंड कौन है?"
- "आस्था का सौदा नामंजूर, दोषियों को जेल भेजो."
- "भगवान के नाम पर व्यापार हो रहा है?"
- "शर्म करो सरकार. राम नाम की लूट नहीं मारी है."
सांसद पप्पू यादव इन तमाम नारों के साथ संसद पहुंचे, जो उनके कपड़े पर लिखे हुए हैं.
मॉनसून सत्र से पहले क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मॉनसून सत्र की शुरुआत पर जोर देते हुए कहा कि "हर आवाज को सुने जाने का मौका मिलना चाहिए" और "जहां तथ्य हों, वहां हंगामे की जरूरत नहीं होती."
मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने कहा, "मेरा मानना है कि जहां तथ्य हों, वहां हंगामे की जरूरत नहीं होती. अगर आपके तर्क और तथ्य मज़बूत हैं, तो आवाज उठाने की जरूरत नहीं है. मुझे उम्मीद है कि संसद में चर्चा तर्क और तथ्यों के साथ होगी. हर आवाज को सुने जाने का मौका मिलना चाहिए. संसद की यही भूमिका है. मैं सभी सांसदों से इसमें भाग लेने का आग्रह करता हूं."
हालांकि, ऐसा लगता है कि यह संदेश अनसुना रह गया, क्योंकि सत्र के पहले दिन दोबारा शुरू होने के कुछ ही देर बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
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लोकसभा में सदन को पहले दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया. दोपहर में दोबारा कार्यवाही शुरू होने के बाद, यह सिर्फ सात मिनट तक चली और फिर विपक्ष की जोरदार नारेबाजी के बीच लोकसभा को फिर से स्थगित कर दिया गया.
पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया की बार-बार की अपील के बावजूद विपक्ष ने नारेबाजी जारी रखी, जिसके कारण आखिरकार लोकसभा को स्थगित करना पड़ा.
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