- मोगा की अदालत ने धार्मिक स्थल के मुख्य सेवादार बलविंदर सिंह को दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया है
- आरोपी ने युवती को झांसे में लेकर होटल में बुलाकर दुष्कर्म किया और उसकी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया था
- पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने डेरे में बुलाकर सप्ताह में दो बार जबरन दुष्कर्म किया और मारपीट भी की
मोगा की एडिशनल सेशन जज की अदालत ने सोमवार को एक सनसनीखेज मामले में फैसला सुनाते हुए धार्मिक स्थल से जुड़े मुख्य सेवादार को दोषी करार दिया. अदालत ने आरोपी बलविंदर सिंह को एक युवती से दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सश्रम कैद और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.
मामला लुधियाना की 25 वर्षीय युवती से जुड़ा है, जिसने जगराओं स्थित डेरा चरण घाट के मुख सेवादार पर गंभीर आरोप लगाए थे. शिकायत के अनुसार, युवती अपने नशेड़ी भाई को सुधारने के लिए डेरे में गई थी. इसी दौरान सेवादार ने उसे “स्पेशल अरदास” का झांसा देकर 6 मई को मोगा के एक निजी होटल में बुलाया और दुष्कर्म किया.
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने न केवल उसके साथ रेप किया बल्कि मारपीट कर उसकी वीडियो भी बनाई और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. इसके बाद वह डेरे में बुलाकर सप्ताह में दो बार जबरन दुष्कर्म करता था. मामला तब और गंभीर हो गया जब 2 सितंबर 2024 को एक अन्य लड़की ने भी आरोपी के खिलाफ लुधियाना में शिकायत दर्ज कराई.
मोगा पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर 18 सितंबर 2024 को आरोपी बलविंदर सिंह को गिरफ्तार किया था. सोमवार, 5 जनवरी 2026 को अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद और 55 हजार रुपये जुर्माने का फैसला सुनाया.
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