मध्य पूर्व एशिया में जारी युद्ध की वजह से एलपीजी सप्लाई के मोर्चे पर बढ़ती चुनौती को देखते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने देश में LPG की कालाबाज़ारी और जमाखोरी के खिलाफ अभियान तेज़ कर दिया है. पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक- इस विशेष अभियान के तहत, एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में प्रवर्तन कार्रवाई के तहत 1 लाख से अधिक छापे मारे गए हैं और 52,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं. 850 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और 220 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सरकारी तेल कम्पनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने औचक निरीक्षण के बाद 1,500 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, 118 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है और 41 वितरकों को निलंबित कर दिया है.
केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी कर कहा है, सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश छापेमारी जारी रखें ताकि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों को गिरफ्तार किया जा सके. राज्यों को सलाह दी गई कि वे जमाखोरी, डायवर्जन और भ्रामक जानकारी के प्रसार पर कड़ी निगरानी रखें, ताकि अनावश्यक घबराहट की स्थिति उत्पन्न न हो. राज्यों से निगरानी और प्रवर्तन को और सुदृढ़ करने तथा दोषियों के विरुद्ध अनुकरणीय कार्रवाई करने का आग्रह किया गया. दरअसल, मध्यपूर्व एशिया में युद्ध की वजह से देश में LPG के आयात पर असर पड़ रहा है. भारत अपनी ज़रूरत का 60% LPG दुनियाभर के बाज़ारों से आयात करता है, जिसका 90% स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है जो पिछले 39 दिनों से युद्ध क्षेत्र का हिस्सा बना हुआ है. शिपिंग मंत्रालय के पास मौजूद जानकारी के अनुसार मध्य पूर्व एशिया में पिछले 39 दिनों से जारी युद्ध की वजह से भारतीय-ध्वज वाले 16 कार्गो जहाज अब भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में फंसे हुए हैं, जिसमें एक बड़ा LPG स्टॉक से लोड किया हुआ कार्गो जहाज़ शामिल है. साथ ही कच्चे तेल से भरे 5 ऑयल टैंकर, एक LNG टैंकर और 3 कंटेनर भी स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के पश्चिम में फंसे हुए हैं जिन्हें निकलने की राजनयिक कवायद जारी है.
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है. एलपीजी वितरकों में आपूर्ति बंद होने की कोई घटना सामने नहीं आई है. उद्योग जगत में ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में लगभग 97 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. माल की हेराफेरी को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी में लगभग 90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है.
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