- पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा के मामले में ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया.
- ममता बनर्जी ने कोर्ट में कहा कि पुलिस की मौजूदगी में ही हिंसा और हत्या की घटनाएं हो रही हैं.
- तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी ने पोस्ट-पोल हिंसा के नाम पर राज्य में अराजकता फैलने की बात कही.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद जारी हिंसा के मामलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं. सुबह करीब 11 बजे कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी ने पोस्ट-पोल वायलेंस से जुड़े मामले में अपनी बात रखने के लिए अदालत का रुख किया.
क्या है मामला?
दरअसल 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद राज्य में कथित हिंसा को लेकर एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई थी. इसी पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसमें ममता बनर्जी खुद पक्ष रखने पहुंचीं.
यहां पढ़ें LIVE अपडेट-
कलकत्ता हाईकोर्ट के बाहर ममता बनर्जी वकील के लुक में नजर आईं.
Our Hon'ble Chairperson Smt @MamataOfficial personally reached the Calcutta High Court today to argue in a matter concerning the widespread post-poll violence unleashed across Bengal by @BJP4Bengal.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 14, 2026
Once again, she has shown what truly sets her apart -
She NEVER abandons the… pic.twitter.com/8OkszMxaYa
ममता बनर्जी की अदालत में दलील
ममता बनर्जी ने कोर्ट में कहा कि पुलिस की मौजूदगी में ही हिंसा, आगजनी और हत्या की घटनाएं हो रही हैं. राज्य को 'बुलडोजर स्टेट' नहीं बनने देना चाहिए. कोर्ट पुलिस को निर्देश दे कि सभी पोस्ट-पोल हिंसा मामलों में FIR दर्ज की जाए.
TMC का पक्ष: ‘हूलिगनिज़्म के नाम पर फैलाई जा रही अराजकता'
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने कोर्ट में कहा कि पोस्ट-पोल हिंसा के नाम पर राज्य में अराजकता फैलाई जा रही है. कई जगहों पर गंभीर हंगामा और अशांति देखने को मिल रही है. TMC कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है. फिलहाल कई कार्यकर्ता अपने घरों पर नहीं रह पा रहे हैं.
बुलडोजर कार्रवाई का भी उठा मुद्दा
याचिकाकर्ता पक्ष के वकील विकास भट्टाचार्य ने कोर्ट का ध्यान कोलकाता के हॉग मार्केट (न्यू मार्केट) की घटना की ओर दिलाया. 4 मई की रात कथित तौर पर अस्थायी दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया. आरोप लगाया गया कि मुस्लिम दुकानदारों को निशाना बनाया गया.
इस पर कल्याण बनर्जी ने भी कहा कि बुलडोजर कार्रवाई अवैध थी. करीब 400 साल पुराने ढांचे का हिस्सा तोड़ा गया.
अब आगे क्या
हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई जारी है और अदालत के निर्देशों पर सभी की नजर है. यह मामला बंगाल की सियासत और कानून-व्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
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