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UGC-NET पेपर टेलिग्राम पर बंट रहे थे! जानें क्या है वह 'I4C' आंख, जिसने सब देख लिया

देश में साइबर सेफ्टी के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की स्थापना की गई है. यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय की एक पहल है.

UGC-NET पेपर टेलिग्राम पर बंट रहे थे! जानें क्या है वह 'I4C' आंख, जिसने सब देख लिया
नई दिल्ली:

NTA यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बुधवार को UGC-NET की परीक्षा रद्द कर दी. परीक्षा 18 जून को आयोजित की गई थी. दरअसल एग्जाम से पहले ही टेलिग्राम पर पेपर सर्कुलेट हो गए थे. इस परीक्षा के बारे में गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (National Cyber Crime Threat Analytics Unit) से इनपुट्स मिले थे. केंद्र सरकार ने इसकी जांच CBI को सौंपी है. अब नए सिरे से परीक्षा होगी, नया एग्जाम शेड्यूल अलग से शेयर किया जाएगा. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र का काम क्या है? ये आम लोगों के लिए कितना उपयोगी है?

क्या है भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र?

देश में साइबर सेफ्टी के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की स्थापना की गई है. यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय की एक पहल है. I4C नागरिकों के लिए साइबर अपराध से संबंधित सभी मुद्दों से निपटने पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों और हितधारकों के बीच समन्वय में सुधार करना, साइबर अपराध से निपटने के लिए भारत की समग्र क्षमता में बदलाव लाना और नागरिक संतुष्टि के स्तर में सुधार करना शामिल है.

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इसका उद्देश्य क्या है?

  • देश में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए एक नोडल बिंदु के रूप में कार्य करना.
  • महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना.
  • साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों को आसानी से दर्ज करने और साइबर अपराध के रुझान और पैटर्न की पहचान करने की सुविधा प्रदान करना.
  • सक्रिय साइबर अपराध की रोकथाम और पता लगाने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के रूप में कार्य करना.
  • साइबर अपराध को रोकने के बारे में जनता के बीच जागरूकता पैदा करना.
  • साइबर फोरेंसिक, जांच, साइबर स्वच्छता, साइबर-अपराध विज्ञान आदि के क्षेत्र में पुलिस अधिकारियों, लोक अभियोजकों और न्यायिक अधिकारियों की क्षमता निर्माण में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की सहायता करना.

आम जनता के लिए कितना उपयोगी है?

  • यह पोर्टल नागरिकों को ऑनलाइन साइबर अपराध के खिलाफ शिकायत करने में सक्षम बनता है.
  • यह पोर्टल महिलाओं, बच्चों, विशेष रूप से बाल पोर्नोग्राफी, बाल यौन शोषण सामग्री, बलात्कार/सामूहिक बलात्कार से
  • संबंधित ऑनलाइन सामग्री के खिलाफ अपराधों पर विशेष ध्यान देने के साथ सभी साइबर अपराधों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने पर केंद्रित है.
  • नागरिक इस पोर्टल की वेबसाइट के माध्यम से किसी भी तरह के साइबर अपराध के बारे में शिकायत दर्ज कर सकेगे, चाहे वह किसी भी स्थान पर हो.
  • इस पोर्टल को प्रायोगिक आधार पर 30 अगस्त 2019 को लॉन्च किया गया था.
  • यह पोर्टल वित्तीय अपराध तथा सोशल मीडिया से संबंधित अपराधों जैसे कि स्टॉकिंग (Stalking) एवं साइबरबुलिंग (Cyberbullying) आदि जैसे अपराधों पर भी ध्यान केंद्रित करता है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें 18 जून को हुई NET की इस परीक्षा में 9 लाख से ज़्यादा स्टूडेंट्स बैठे थे. 317 शहरों के 1205 केंद्रों पर ये परीक्षा आयोजित की गई थी. जिसे अब रद्द कर दिया गया है. लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने NDTV से बात करते हुए बताया की कैसे एग्जाम होने से पहले ही व्हाट्सअप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर NET पेपर लीक हो चुका था, और 5 -5 और 10 हज़ार तक में पेपर बातें जा रहे थे 

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