- पुणे के लोहगढ़ किले में केतन को उनकी मंगेतर सिया और उसके प्रेमी चेतन ने 400 फीट गहरी खाई में धकेला था
- घटना के समय सिक्योरिटी गार्ड धीरज जाधव ड्यूटी पर थे और उन्होंने सिया की मदद के लिए चिल्लाने की आवाज सुनी थी
- पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि 18 जून को सिया ने फोन कर केतन के गिरने की सूचना दी थी
पुणे के केतन मर्डर केस में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. लोहगढ़ किले से केतन की मंगेतर सिया गोयल ने उन्हें 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया था. इस वारदात में सिया का कथित प्रेमी चेतन चौधरी भी शामिल था. लोहगढ़ किले के एक सिक्योरिटी गार्ड से NDTV ने बात की. गार्ड ने बताया कि वो ड्यूटी पर थे, तभी उन्हें अचानक लड़की के चिल्लाने की आवाज आई. जब वो मौके पर पहुंचे, तो वहां सिया 'हेल्प-हेल्प' चिल्ला रही थी. गार्ड के अलावा कुछ पर्यटक भी वहां पहुंचे थे.
गार्ड ने क्या बताया?
लोहगढ़ किले के सिक्योरिटी गार्ड धीरज जाधव ने NDTV को बताया कि जब वो दौड़कर सिया के पास पहुंचे तो वो मदद के लिए चिल्ला रही थी. सिया कह रही थी कि 'यहां से वो फिसलकर नीचे गिर गया.' इसके बाद गार्ड ने पुलिस को फोन कर दिया और पूरे मामले की जानकारी दी.
सिया ने कहा- केतन फिसलकर खाई में गिरा
पुलिस अधीक्षक (पुणे ग्रामीण) संदीप सिंह गिल ने बताया कि 18 जून को एक कपल, जिनकी इंगेजमेंट फरवरी में हुई थी, सिया गोयल और केतन अग्रवाल, लोहागढ़ किले में घूमने के लिए गए थे. वहां से तकरीबन 10:30 या 10:45 बजे के आसपास सिया गोयल ने फोन करके बताया कि केतन अग्रवाल फिसल के गिर गया और उसकी लोहगढ़ किले से नीचे गिरने से मौत हो गई है.
उन्होंने बताया कि सूचना प्राप्त होते ही वहां के सिक्योरिटी गार्ड, पुलिस, लड़की और मृतक के घर वाले घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस स्टेशन में उसी दिन केस दर्ज किया ग. मामला दाखिल करने के बाद आगे जो जांच की गई, उसमें कुछ ऐसी बातें हमारे सामने आईं, जिससे घटना को लेकर संशय पैदा हो गया.
31 मई पहली बार लोहगढ़ गए थे सिया और केतन
एसपी संदीप गिल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कपल 31 मई को पुणे के लोनावला स्थित लोहागढ़ किले पर गए थे. केतन अग्रवाल को ट्रेकिंग का शौक था. उस दिन और अगले कुछ दिनों में दोनों आरोपियों (सिया गोयल और चेतन चौधरी) के मन में यह विचार आया कि केतन को उस जगह से नीचे धकेला जा सकता है. उन्होंने अपने इस विचार को लेकर सोचना शुरू किया.
एसपी ने बताया कि फिर 4 बजे, उन्होंने किले पर वापस जाने की योजना बनाई. हालांकि, उस दिन ऐसा संभव नहीं हो पाया. फिर, उस घटना को अंजाम देने के लिए 14 जून को उसी जगह को चुना गया. उसी पॉइंट पर, जहां से 18 जून को गिरकर केतन की मौत हुई थी.
14 जून को भी की थी मारने की कोशिश
मामले की ज्यादातर जांच में यह पाया गया है कि 14 जून को भी यह कोशिश की गई थी. वह कोशिश सफल नहीं हुई और मृतक केतन अग्रवाल के मन में इसका कोई शक भी पैदा नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ से जुड़ी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की जा सकती है. पुलिस जांच कर रही है और जरूरी सबूत जुटा रही है. हम आगे भी इस घटना को लेकर प्रेस को जानकारी देते रहेंगे.
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि घटना वाले दिन सिया और चेतन लोहागढ़ किला जाने से पहले एक कैफे में मिले थे और उन्होंने केतन को खत्म करने की साजिश को अंतिम रूप दिया था. मुलाकात के दौरान दोनों ने किले की एक ऐसी उपयुक्त जगह की पहचान की, जहां से केतन को खाई में धकेला जा सके. उन्होंने हत्या की साजिश को अंजाम देने की पूरी तैयारी भी की.
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