- झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पूरी उम्मीद के बाद भी एक भी सीट नहीं जीत सकी
- स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कांग्रेस उम्मीदवार की जीत को लेकर पूर्ण आत्मविश्वास जताया था
- इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक होने के बावजूद क्रॉस वोटिंग के चलते कांग्रेस जीत नहीं सकी
अति-आत्मविश्वास और जमीनी समीकरणों की अनदेखी किस तरह भारी पड़ती है, इसका ताजा उदाहरण झारखंड राज्यसभा चुनाव के परिणामों में देखने को मिला है. कांग्रेस को पूरा विश्वास था कि राज्यसभा की एक सीट तो उसके ही पाले में आएगी, लेकिन हुआ उल्टा ही. गुरुवार को दो सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव में एक सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा के पाले में चली गई. वहीं दूसरी सीट कांग्रेस की सोच से इतर निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत ली, जिनको एनडीए ने समर्थन दिया था. कांग्रेस के हाथ बिल्कुल खाली रह गए.
मंत्री का ओवर कॉन्फिडेंस
वोटिंग के बाद झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पूरी तरह कॉन्फिडेंट थे कि एक सीट तो कांग्रेस उम्मीदवार को ही मिलेगी. एनडीटीवी के रिपोर्टर ने जब इरफान अंसारी से कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की जीत वाले उनके दावे को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि वे कभी गलत नहीं बोलते. रिजल्ट आने में अब कितने ही घंटे ही बचे हैं. कांग्रेस जीत जाएगी उसके बाद आप खुद हमारे उम्मीदवार से मिल लेना.
हम जीत गए, उम्मीदवार से मिल लेना, मंत्री का बयान बता रहा झारखंड राज्यसभा चुनाव में किस कदर अति आत्मविश्वास में थी कांग्रेस
— NDTV India (@ndtvindia) June 19, 2026
कांग्रेस को पूरा विश्वास था कि राज्यसभा की एक सीट तो उसके पाले में आएगी, लेकिन हुआ उल्टा, गुरुवार को दो सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव में एक सीट झारखंड मुक्ति… pic.twitter.com/a7wRq4Eem4
60 वोट तक का आंकड़ा पार कर लिया
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि वोटिंग हो चुकी है. हम लोग 61 वोटों तक जा रहे थे, हमें लगता है कि हमने 60 वोट तक का आंकड़ा पार कर लिया है. बीजेपी के हताश और निराश लोग यहां से निकल गए, क्यों कि बीजेपी यहां कहीं भी नहीं है. लेकिन इसके बाद भी बीजेपी ने हमको बहुत तंग किया. वोटिंग का परिणाम इरफान अंसारी की सोच के एकदम उलट आया. चुनाव के नतीजों ने पार्टी ही नहीं सभी को चौंका दिया.
क्रॉस वोटिंग ने बिगाड़ा कांग्रेस का 'खेल'
हैरानी इस बात की है कि झारखंड विधानसभा में इंडिया ब्लॉक के पास इतने विधायक थे कि वह दोनों सीटें जीत सकती थी, लेकिन क्रॉस वोटिंग ने कांग्रेस के साथ 'खेला' कर दिया. दरअसल झारखंड की दो सीटों के लिए उम्मीदवार तीन थे. पहले उम्मीदवार JMM के बैद्यनाथ राम. दूसरे उम्मीदवार कांग्रेस के प्रणव झा और तीसरे उम्मीदवार निर्दलीय परिमल नाथवानी. चुनाव का रिजल्ट आया तो पता चला कि JMM के बैद्यनाथ और निर्दलीय परिमल नाथवानी चुनाव जीत गए और कांग्रेस के प्रणव झा हार गए.
नंबर गेम में कहां मात खा गए कांग्रेस उम्मीदवार?
अब नंबर गेम समझिए. झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 वोट चाहिए थे. इस हिसाब से तो दोनों सीटें ही इंडिया गठबंधन के खाते में जा सकती थीं, लेकिन क्रॉस वोटिंग ने सबकुछ बदल दिया.परिमल नाथवानी को मिले 28 वोट, जबकि कांग्रेस के प्रणव झा को सिर्फ 20 वोट ही मिले. जबकि बैद्यनाथ राम को 30 वोट मिले. दो वोट बीजेपी के और एक कांग्रेस का यानी कि कुल तीन वोट अमान्य पाए गए.
एक सीट JMM और दूसरी निर्दलीय ने जीत ली
विधानसभा में एनडीए के पास 24 विधायक हैं, इनमें बीजेपी के 21 विधायक हैं. परिमल नाथवानी को एनडीए ने सपोर्ट किया था. बीजेपी नेताओं ने बार-बार कहा कि विधायक चुनाव में 'अंतरात्मा की आवाज' पर वोट करेंगे. कुछ ऐसा ही हुआ और नाथवानी राज्यसभा जीट जीत गए. राज्यसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल पड़ा है.
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