- झारखंड कांग्रेस के पांच विधायकों ने दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त की.
- विधायकों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर मंत्रियों की कार्यशैली को लेकर शिकायत की.
- कांग्रेस विधायकों ने अपनी शिकायत में मंत्रियों पर उनके काम नहीं करने का आरोप लगाया है.
झारखंड कांग्रेस में आंतरिक असंतोष बढ़ता दिख रहा है. पार्टी के पांच विधायकों ने रविवार से दिल्ली में कैंप लगाकर आलाकमान के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और अब रांची लौट आए हैं. इन विधायकों ने साफ किया है कि वे अपनी व्यक्तिगत नाराजगी नहीं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को आलाकमान तक पहुंचाने के लिए गए थे. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन विधायकों ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की. इस दौरान विधायकों ने हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस के मंत्रियों को लेकर अपनी नाराजगी जताई और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से शिकायत की है.
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में विधायक दल के उपनेता खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि राज्य की सरकार में कांग्रेस अहम सहयोगी है. ऐसे में बहुत जरूरी है कि जिन्हें सरकार और संगठन में अवसर मिला है, वे विधायकों और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलें. अगर हम सत्ता में हैं तो शासन करने के तरीके में बदलाव दिखना चाहिए. अगर 2029 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं और शासन मोदी जी जैसा ही चले तो जनता को क्या फायदा.
मंत्री नहीं कर रहे कांग्रेसी विधायकोंं का काम!
सूत्रों के मुताबिक, सत्ता में भागीदारी के बावजूद कई विधायकों को लगता है कि उनकी ही पार्टी के मंत्री उनका काम नहीं कर रहे हैं. यही कारण है कि पांच विधायकों का एक दल दिल्ली पहुंचा था. चार आदिवासी विधायकों राजेश कच्छप, भूषण बाड़ा, विक्सल कोंगाड़ी, सोनाराम सिंकू के साथ ही दलित विधायक सुरेश बैठा ने भी खरगे से मुलाकात कर प्रदेश सरकार में शामिल कांग्रेस मंत्रियों की शिकायत की.
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, विधायकों की सबसे बड़ी शिकायत ये है कि मंत्री, विधायकों का काम नहीं करते हैं. साथ ही उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया कि विधायक दल की बैठक भी नहीं होती है. कांग्रेसी विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष से मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी मांग की है.
कर्नाटक के बाद झारखंड में सत्ता संघर्ष: भाजपा
इधर, पूरे मामले पर झारखंड बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा है कि कर्नाटक के बाद अब झारखंड में सत्ता का संघर्ष है. ये दिखाता है कि सरकार और जनता की दूरी कितनी बढ़ गई है. पूरे मामले में जनता पिस रही है.
नाराज विधायक राजेश कच्छप, सुरेश बैठा, नमन विक्सल कोंगाड़ी, सोनेराम सिंकू और भूषण बाड़ा सहित पांच विधायक दिल्ली से रांची लौट तो गए हैं, लेकिन अब देखा है कि कांग्रेस आला कमान इस पर क्या कदम उठाती है.
दरअसल, झारखंड में कांग्रेस कोटे से चार मंत्री हैं. इनमें राधाकृष्णन किशोर, इरफान अंसारी, दीपिका पांडे सिंह और शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हैं.
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