- कर्नाटक के तुमकूर जिले में एफडीए जयलक्ष्मी की मौत की जांच अब हत्या के रूप में की जा रही है
- पुलिस ने जयलक्ष्मी के गोद लिए बेटे चंद्रशेखर और बहन अनसूया को गिरफ्तार कर हत्या की पुष्टि की है
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जयलक्ष्मी की सांस रोककर हत्या किए जाने का खुलासा हुआ है
कर्नाटक के तुमकूर जिले में एफडीए (First Division Assistant) जयलक्ष्मी की मौत का मामला अब हत्या में बदल चुका है. शुरू में इसे संदिग्ध मौत माना जा रहा था, लेकिन अब पुलिस ने यह पुष्टि कर दी है कि जयलक्ष्मी की गला दबाकर हत्या की गई थी. इस मामले में पुलिस ने उनके गोद लिए हुए बेटे चंद्रशेखर और बहन अनसूया को गिरफ्तार कर लिया है. 58 वर्षीय जयलक्ष्मी ब्लॉक एजुकेशन ऑफिस, तूमकुरु में एफडीए के रूप में काम करती थीं. उनकी मौत जोगीहल्लि गांव (चिक्कनायकनहल्ली तालुक) में हुई थी. परिवार इस घटना को सामान्य मौत बताकर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, लेकिन पुलिस को अंदर ही अंदर कुछ गड़बड़ होने का शक हुआ.
पुलिस को कैसे हुआ शक
सूत्रों के अनुसार, जयलक्ष्मी ने चंद्रशेखर को बचपन में ही गोद ले लिया था. चंद्रशेखर वास्तव में उनकी बहन अनसूया का बेटा है और जयलक्ष्मी ने ही उसे पाला‑पोसा था. पुलिस को शक तब हुआ जब परिवार जल्दबाज़ी में अंतिम संस्कार करने की कोशिश कर रहा था. पुलिस टीम मौके पर पहुंची, अंतिम संस्कार रोका और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि जयलक्ष्मी की सांस रोककर हत्या की गई थी. इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनके गोद लिए बेटे और बहन दोनों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के पीछे की वजह पता चल सके. फिलहाल यह साफ नहीं है कि हत्या पैसों को लेकर हुई, किसी पारिवारिक विवाद के कारण या किसी अन्य वजह से लेकिन पुलिस के मुताबिक मामले में कई तथ्य सामने आ रहे हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है.
इस सनसनीखेज मामले में चिक्कनायकनहल्ली पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया है. जांच अधिकारी ग्रामीणों, रिश्तेदारों और जयलक्ष्मी के कार्यस्थल के लोगों से भी बयान ले रहे हैं. पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में हत्या के पीछे का पूरा सच सामने आ जाएगा. जयलक्ष्मी की अचानक हुई मौत और परिवार के ही सदस्यों की गिरफ्तारी ने इलाके में सनसनी फैला दी है. स्थानीय लोग अभी भी इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं कि एक महिला जिसने अपने बहन के बेटे को प्यार से पाला, उसी के हाथों उसकी जान चली गई.
पुलिस के मुताबिक, जयलक्ष्मी ने चंद्रशेखर को बचपन में गोद लिया था. वह वास्तव में उनकी बहन अनसूया का बेटा है और जयलक्ष्मी ने ही उसे पाला‑पोसा था. लेकिन हत्या के कारणों में अब एक चौंकाने वाली कहानी सामने आई है.
पैसों के लिए हुई हत्या
पुलिस की जांच के अनुसार, जयलक्ष्मी पहले एक फिजिकल एजुकेशन शिक्षक से शादी हुई थीं, लेकिन शादी के तीन साल के भीतर ही उनके पति की मौत हो गई थी. इसके बाद पिछले 20 सालों से जयलक्ष्मी एक केबल ऑपरेटर श्रीनिवास के साथ रह रही थीं. श्रीनिवास अविवाहित हैं और दोनों एक लिव‑इन रिलेशनशिप में थे. पुलिस के अनुसार, श्रीनिवास ने लंबे समय तक जयलक्ष्मी की देखभाल की थी.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जयलक्ष्मी ने 25 साल की उम्र में पति को खो दिया था. तब से श्रीनिवास ने दो दशक से अधिक समय तक उनका ख्याल रखा. अनसूया को शक था कि जयलक्ष्मी अपनी संपत्ति और रिटायरमेंट फंड श्रीनिवास के नाम कर देंगी. इसी शक में उसने अपने बेटे चंद्रशेखर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची.
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