- किश्तवार प्रशासन ने रमजान 2026 में अवैध चंदा जुटाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया है.
- बिना अनुमति चंदा लेने वालों की पहचान और पैसों की जांच के लिए निगरानी तंत्र बनाया गया है.
- धार्मिक दान को आतंकवाद या देशविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल होने से रोकना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है.
जम्मू-कश्मीर के किश्तवार प्रशासन ने रमजान 2026 के दौरान अवैध तरीके से पैसा जुटाने वालों पर सख्ती बढ़ा दी है. जिला मजिस्ट्रेट पंकज कुमार शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के घर-घर जाकर, सार्वजनिक जगहों पर या ऑनलाइन चंदा इकट्ठा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस पहल का मुख्य उद्देश्य धार्मिक दान (रमजान के चंदे) को देशविरोधी या आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल होने से रोकना है.
प्रशासन ने इसके लिए पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर एक मजबूत निगरानी तंत्र तैयार किया है, जो चंदा लेने वालों की पहचान और उनके पैसों के रिकॉर्ड की जांच करेगा. अधिकारियों का कहना है कि वे असली चैरिटी या धार्मिक काम को नहीं रोकना चाहते, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लोगों की मेहनत की कमाई किसी गलत हाथ में न जाए और केवल जरूरतमंदों तक ही पहुंचे.
नए नियमों के अनुसार, अब किसी भी मस्जिद कमेटी, ट्रस्ट या एनजीओ को चंदा जुटाने से पहले प्रशासन से मंजूरी लेनी होगी और पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा. साथ ही, उन्हें जुटाए गए पैसे का पूरा हिसाब भी देना होगा. प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे केवल भरोसेमंद और मान्यता प्राप्त संस्थाओं को ही दान दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें.
ये भी पढें : - दिल का रिश्ता... फ्रांस के राष्ट्रपति ने PM मोदी संग शेयर की AI से बनी अनोखी तस्वीर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं