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ईरान का दावा- US के एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन को नुकसान, अमेरिका ने किया खंडन

US Iran War: USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.

ईरान का दावा- US के एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन को नुकसान, अमेरिका ने किया खंडन
  • ईरान ने अमेरिकी जंगी जहाज USS अब्राहम लिंकन पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया
  • ईरानी बलों ने कहा कि मिडिल ईस्ट में सैन्य अभियान के दौरान इस विमानवाहक पोत को निशाना बनाया गया था
  • अमेरिकी सेना ने ईरान के दावे को तुरंत खारिज करते हुए इसे गलत और बेबुनियाद बताया है
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मिडिल ईस्ट की जंग के बीच ईरान ने बड़ा दावा किया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार तड़के कहा कि मिसाइल और ड्रोन हमले से अमेरिका के फाइटर जेट ले जाने में सक्षम जंगी जहाज USS अब्राहम लिंकन को काफी नुकसान हुआ है. IRGC ने एक बयान में कहा कि क्षेत्र में उनसे सैन्य अभियान के दौरान अमेरिकी नौसेना के इस कैरियर जंगी जहाज को निशाना बनाया गया. हालांकि ईरानी की स्पेशल फोर्स के इस बयान में यह नहीं बताया गया है कि उसके कथित हमले में USS अब्राहम लिंकन को किस हत तक क्षति पहुंची है और क्या इस हमले में किसी अमेरिकी जवान की मौत भी हुई है क्या. 

एक बयान में, ईरान के पवित्र पैगंबर के केंद्रीय मुख्यालय (पीबीयूएच) ने कहा कि एडवांस मिसाइलों और ड्रोनों से जुड़े एक सटीक ऑपरेशन ने ओमान सागर में ईरान की समुद्री सीमाओं से लगभग 340 किलोमीटर दूर USS अब्राहम लिंकन विमान वाहक पोत पर हमला किया. ईरान के सरकारी टीवी ने बताया कि हमले के बाद, अमेरिकी जहाज और उसके साथ आए हमलावर समूह को "तेज गति से क्षेत्र से भागते" देखा गया.

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले की जानकारी देने वाले दो अमेरिकी अधिकारियों ने बाताया कि एक ईरानी जहाज USS अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत के बहुत करीब पहुंच गया था जिसके बाद अमेरिकी सेना ने जहाज पर गोलीबारी की. रिपोर्ट के अनुसार दोनों ने नाम न छापने की शर्त पर सीबीएस न्यूज से बात की क्योंकि वे सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए अधिकृत नहीं थे.

रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के एक जहाज ने अपनी 5 इंच, 54-कैलिबर मार्क -45 बंदूक का उपयोग करके ईरानी जहाज पर गोलीबारी करने का प्रयास किया. यह पूरी तरह से ऑटोमेटिक नौसैनिक तोप होती है जो नौसेना के विध्वंसक और क्रूजर के आगे के डेक पर लगी होती है. 1970 के दशक की शुरुआत से यह बेड़े के स्टैंडर्ड डेक बंदूक के रूप में काम करती है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने भेजे दो जंगी जहाज

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई अभियान में भाग लेने के लिए मिडिल ईस्ट में दो कैरियर जंगी जहाज भेजे हैं. बता दें कि USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं. इसकी तैनाती का एक लंबा इतिहास है, जो मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट और भारत-प्रशांत में अमेरिका के सैन्य हितों का समर्थन करता है.

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