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भारतीय नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पहुंचा श्रीलंका, जानें क्या है कारण

आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि की पहली अंतरराष्ट्रीय ऑपेरशनल तैनाती क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाती है. यह भी दिखाता है भारत अपने पड़ोसी और हिन्द महासागर क्षेत्र में साझीदार नौसेना के साथ मजबूत रिश्ते बनाए हुए है.

भारतीय नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पहुंचा श्रीलंका, जानें क्या है कारण
  • भारत का स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत और स्टील्थ फ्रिगेट INS उदयगिरि पहली बार श्रीलंका पहुंचे.
  • ये श्रीलंका नौसेना की 75वीं वर्षगांठ पर इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
  • INS विक्रांत 45000 टन वजनी आधुनिक विमानवाहक पोत है, जिसमें करीब 30 लड़ाकू विमान और आधुनिक मिसाइलें हैं.
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नई दिल्‍ली:

भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत और अत्याधुनिक स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस उदयगिरि श्रीलंका पहुंच गए हैं. भारतीय नौसेना की शान और ताकत का पर्याय विमानवाहक पोत और फ्रिगेट पहली बार देश से बाहर गए हैं. युद्धपोत और विमान वाहक पोत श्रीलंका नौसेना द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा ले रहे हैं और 29 नवंबर तक श्रीलंका में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व करेंगे. यह कार्यक्रम श्रीलंका नौसेना की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है. इसमें कई देशों के युद्धपोत, प्रतिनिधिमंडल और पर्यवेक्षक हिस्सा ले रहे हैं.

आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि की पहली अंतरराष्ट्रीय ऑपेरशनल तैनाती क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाती है. यह भी दिखाता है भारत अपने पड़ोसी और हिन्द महासागर क्षेत्र में साझीदार नौसेना के साथ मजबूत रिश्ते बनाए हुए है. यह भारत की उस नीति को भी प्रतिबिंबित करती है, जिसके तहत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को सहयोग एवं इंटरऑपरेबिलिटी के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाता है.

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फ्लीट रिव्यू में भारतीय नौसेना में हाल ही में शामिल हुए आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस की मौजूदगी भारत की बढ़ती हुई स्वदेशी जहाज-निर्माण क्षमता को भी दिखाता है. यह हिन्द महासागर में भारतीय नौसेना की संतुलित और लगातार समुद्र में बढ़ती मौजूदगी का स्पष्ट प्रमाण है.

कोलंबो में दोनों जहाज औपचारिक फ्लीट रिव्यू, सिटी परेड, सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रमों और पेशेवर नौसैनिक आदान-प्रदान जैसे प्रमुख आयोजनों में हिस्सा लेंगे. इस दौरान श्रीलंका में आम लोग भी नौसेना के शौर्य को करीब से देख रहे हैं.

अगर भारतीय नौसेना के देसी विमान वाहक पोत विक्रांत की खासियत की बात करें तो यह नौसेना का सबसे आधुनिक एयर क्राफ्ट कैरियर है. यह 45000 टन वजनी है. इसकी रफ्तार है करीब 52 किलोमीटर प्रति घ्‍ंटा और रेंज है 75000 नॉटिकल माइल्स. इसमें 30 के करीब लड़ाकू विमान तैनात होते हैं. इसके अलावा यह ब्रह्मोस से लेकर बराक मिसाइल तक से लैस है. यह समुद्र या फिर जमीन से हुए किसी भी हमले का ना केवल जवाब देने में सक्षम है, बल्कि अगर किसी ने भी ऐसी गुस्ताखी की तो उसे मुंहतोड़ जवाब देने में भी सक्षम है.

वहीं आईएनएस उदयगिरि नीलगिरी क्लास का स्टील्थ फ्रिगेट है. यह इसी साल नौसेना में शामिल हुआ हैं. इसका वजन करीब 6600 टन हैं और इसकी रफ्तार है 52 किलोमीटर प्रतिघंटा. यह स्टील्थ तकनीक से लैस है, जिससे दुश्मन को आसानी से चकमा दे सकती है. इसमें भी ब्रह्मोस और बराक जैसी खतरनाक मिसाइलें लगी हैं. दुश्मन की पनडुब्बी को मार गिराने के लिए यह वरणास्त्र और सबमरीन रॉकेट लांचर से भी लैस है. यह कहना ज्‍यादा सही होगा कि इन दोनों युद्धपोतों में ऐसे हथियार तैनात हैं, जिससे दुश्मनों के होश उड़ जाएंगे.

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