- भारत अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद लगातार रूस से कच्चा तेल खरीदता रहा है और यह जारी है
- पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि खरीदारी का निर्णय बिजनेस पर आधारित है
- अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण मार्च में रूस से तेल आयात पर छूट दी थी, जो मई में समाप्त हुई
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को कहा कि भारत अमेरिका की तरफ से प्रतिबंधों में ढील नहीं दिए जाने के बावजूद रूस से तेल खरीदता रहा है. उन्होंने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील के संबंध में, मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगी कि हम पहले भी रूस से तेल खरीदते रहे हैं... मेरा मतलब है, ढील से पहले भी, ढील के दौरान भी और अब भी." उन्होंने आगे कहा, "हमारे लिए खरीदारी का मूल कारण व्यावसायिक दृष्टिकोण है... कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है. पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल बार-बार आरक्षित किया जा चुका है... और ढील दी जाए या न दी जाए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा." रायटर्स ने ये रिपोर्ट किया है.
क्यों दिया ऐसा जवाब
सुजाता शर्मा का यह बयान ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए अमेरिका से प्रतिबंधों में छूट की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है. सोमवार को एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि भारत प्रतिबंधों में छूट की अवधि से पहले, उसके दौरान और अब भी रूस से तेल खरीद रहा है. खबरों के मुताबिक, भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका से रूसी कच्चे तेल के आयात की अनुमति देने वाली छूट को जारी रखने का अनुरोध किया था, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान लगभग 75 दिनों से जारी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव पड़ रहा है.
अमेरिका ने क्यों दी थी छूट
ईरान युद्ध के कारण वॉशिंगटन ने मार्च में इस छूट को मंजूरी दी थी. फिर बाद में इसे और आगे बढ़ाया गया. वर्तमान छूट 16 मई को समाप्त हो गई. इस छूट का उद्देश्य अतिरिक्त कच्चे तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करके वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम करना था. हालांकि, रूसी तेल पर व्यापक प्रतिबंध नहीं हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन संघर्ष को लेकर मॉस्को को अलग-थलग करने के व्यापक प्रयासों के तहत भारत को रियायती रूसी कच्चे तेल की खरीद कम करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया है.
19 लाख बैरल प्रतिदिन खरीद रहा भारत
भारत लगातार रूसी कच्चे तेल की खरीद कर रहा है. केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, पहले से लोड किए गए कार्गो पर छूट के कारण मई में भारत में रूसी तेल का आयात अब तक रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया है. केप्लर के अनुमानों के अनुसार, महीने के लिए औसत आयात लगभग 19 लाख बैरल प्रतिदिन के आसपास रह सकता है.
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