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नई दिल्ली:

India's Naxal Deadline LIVE Updates Amit Shah Speech: देश की संसद के लिए आज का दिन काफी अहम रहा. मोदी सरकार की नक्सलवाद के खात्मे को लेकर दी गई डेडलाइन कल पूरी हो रही है. इससे पहले आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा में हिस्सा लिया. संसद सत्र में लोकसभा के नियम 193 (short duration discussion) के तहत नक्सलवाद पर चर्चा हुई. अमित शाह इस दौरान कुख्यात नक्सलियों के अंत और उनके मुख्यधारा में लौटने,सुरक्षा बलों की भूमिका और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा भी की. ज्ञात हो कि अमित शाह ने एक साल पहले घोषणा थी कि 31 मार्च 2026 को देश से नक्सलवाद के अंत की तारीख होगी. इसपर छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, गढ़चिरौली, बालाघाट जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम ने काफी सुधार लाया है. नक्सलवाद पर हुई चर्चा से जुड़े हर अपडेट के लिए बने रहिए एनडीटीवी हिंदी के साथ...

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Amit Shah Present India's Naxal in Parliament: डरने वाली सरकार नहीं, सभी के साथ न्याय करने वाली सरकार हैः अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम लोकतंत्र में हैं, हमने इस देश के संविधान को स्वीकार किया है. अन्याय किसी के साथ भी हो सकता है, विकास कहीं पर भी कम ज्यादा हो सकता है. मैं पूछना चाहता हूं कि आप अपनी लड़ाई संवैधानिक तरीकों से लड़ेंगे या हाथ में हथियार लेकर निर्दोषों को मार डालेंगे. किस थ्योरी का यहां से समर्थन हो रहा था. अगर आप धमकाना चाहते हैं कि ये होगा तो ये भी हथियार उठाएंगे, वो होगा तो वो भी हथियार उठाएंगे. लेकिन कान खोलकर सुन लीजिए... ये डरने वाली सरकार नहीं है, सभी के साथ न्याय करने वाली सरकार है.

नक्सलवाद से मुक्त भारत की रचना भी नरेंद्र मोदी के शासन के अंदर हो रही है...लोकसभा में गृह मंत्री

लोकसभा में नियम 193 के तहत वामपंथी उग्रवाद के खात्मे से जुड़ी चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अब नक्सलवाद से मुक्त भारत की रचना भी नरेंद्र मोदी के शासन के अंदर हो रही है. ये 12 साल, एक प्रकार से, देश के लिए बहुत शुभ साबित हुए हैं. नक्सलवाद की जड़ विकास की मांग नहीं है. यह एक विचारधारा है, वह विचारधारा जिसे इंदिरा गांधी ने 1970 में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए अपनाया था. नक्सलवाद ठीक इसी वामपंथी विचारधारा के कारण फैला है.

Amit Shah Present India's Naxal in Parliament: देश में 1970 से 2004 के बीच नक्सलवाद पनपा...गृह मंत्री

लोकसभा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चल रही चर्चा के दौरान संबोधित किया. लोकसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "नक्सलवादी तिलका मांझी को अपना आदर्श नहीं मानते थे. न ही वे भगवान बिरसा मुंडा, भगत सिंह या सुभाष बाबू को अपना आदर्श मानते थे तो, फिर वे किसे अपना आदर्श मानते हैं? माओ को. यहां तक ​​कि अपने आदर्शों के चयन में भी वे विदेशों से आयातित विचारों का सहारा लेते हैं." अमित शाह ने कहा कि हम एक लोकतंत्र में रहते हैं. हमने इस देश के संविधान को अपनाया है... यह ऐसी सरकार नहीं है जो किसी की धमकियों के आगे झुक जाए. यह सरकार सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

: ‘वामपंथियों ने आदिवासियों को बहकाया’, लोकसभा में नक्सलवाद के मुद्दे पर अमित शाह का बड़ा बयान

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चल रही चर्चा के दौरान सदन को संबोधित किया.इस दौरान उन्होंने कहा कि वामपंथी विचारधारा के कारण ये नक्सलवाद फैला है, जिसे राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए इंदिरा गांधी ने भी स्वीकार किया था. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पूरे देश के सामने स्वीकार किया था कि कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट की तुलना में भी देश में आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या माओवादी हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ.2014 में परिवर्तन हुआ और नरेंद्र मोदी के शासन में कई सारी वर्षों पुरानी समस्याओं का निराकरण हुआ. उन्होंने कहा कि धारा 370 हट गई, राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बना, जीएसटी इस देश में आज वास्तविकता बनकर आया है, सीएए का कानून आ गया है, विधायी मंडलों में मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है.इस तरह कई सारे बड़े काम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुए हैं.

Amit Shah Present India's Naxal in Parliament: नक्सलवाद पर गृह मंत्री ने क्या कुछ कहा

लोकसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद की मूल वजह विकास की मांग नहीं, बल्कि एक विचारधारा है. उन्होंने कहा कि जैसे ही रूस में कम्युनिस्ट सरकार बनी, उसी के प्रभाव और समर्थन से 1925 में भारत में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) का गठन हुआ और दुनिया भर में कम्युनिस्ट पार्टियों की स्थापना की गई. अमित शाह ने सवाल उठाया कि जिस पार्टी की नींव विदेशी प्रेरणा से रखी गई हो, वह देश के सर्वोत्तम हितों के बारे में कैसे सोच सकती है. उन्होंने बताया कि 1964 में CPI(M) बनी और 1969 में विशेष रूप से संसदीय राजनीति का विरोध करने के लिए CPI(ML) का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य न तो विकास का शून्य पैदा करना था और न ही अधिकारों की रक्षा करना, बल्कि संसदीय राजनीति का विरोध करते हुए सशस्त्र क्रांति को अंजाम देना था.

ये नरेंद्र मोदी की सरकार है, जो हथियार उठाएगा, उसका हिसाब चुकता होगा : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चल रही चर्चा के दौरान सदन को संबोधित किया. अमित शाह ने कहा कि सबसे पहले मैं रेड कॉरिडोर के नाम से पहचाने जाने वाले पूरे क्षेत्र, जिसमें 12 राज्य और 70 प्रतिशत का भूभाग शामिल थे, उसमें रह रही जनसंख्या की तरफ से सदन को धन्यवाद देना चाहता हूं.

गृह मंत्री ने कहा कि आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग-लगभग समाप्त हो चुका है. बस्तर के अंदर हर गांव में स्कूल बनाने की मुहिम चली। बस्तर के अंदर हर गांव में राशन की दुकान खोलने की मुहिम चली. मैं इतना ही पूछना चाहता हूं कि जो लोग कह रहे हैं कि अब तक आदिवासियों का विकास क्यों नहीं हुआ? तो, वो खुद बताएं कि 70 सालों से उन्होंने क्या किया?

उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद देश के हर गरीब को घर मिला, गैस मिला, शुद्ध पीने का पानी मिला, 5 लाख तक का स्वास्थ्य का बीमा मिला, प्रति व्यक्ति, प्रतिमाह 5 किलो मुफ्त अनाज मिला... लेकिन, ये बस्तर वाले क्यों छूट गए थे?

India's Naxal Deadline Live: गोली का जवाब गोली से...लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह

गृह मंत्री ने लोकसभा में कहा कि हमारी सरकार की नीति है कि बातचीत उसी से होती है जो हथियार डालता है लेकिन जो गोली चलाता है उसका जवाब गोली से ही दिया जाता है. 

Amit Shah Present India's Naxal in Parliament: अन्याय किसी के साथ भी हो सकता है पर...गृह मंत्री शाह

  1. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी के साथ भी अन्याय हो सकता है लेकिन अन्याय होने पर हथियार उठाना कौन सा रास्ता है क्या सारे रास्ते बंद हो गए.
  2. अमित शाह ने कहा कि आज़ादी के 75 सालों में से 60 साल कांग्रेस के पास सत्ता रही, फिर भी आदिवासी समुदाय आज तक विकास से वंचित क्यों रहे.
  3. गृह मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के आने के बाद ही आदिवासी इलाकों में वास्तविक विकास शुरू हुआ है.
  4. उन्होंने कहा कि दशकों तक आदिवासियों को न घर मिले, न साफ पानी, न स्कूल, न मोबाइल टावर और न बैंकिंग सुविधाएं.
  5. अमित शाह ने विपक्ष से सवाल किया कि इतने वर्षों तक सुविधाएं नहीं देने वाले लोग आज जवाबदेही कैसे मांग रहे हैं.

India's Naxal Deadline Live: नक्सलवाद की जड़े गरीबी से नहीं जुड़ी...लोकसभा में गृह मंत्री

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विकास को वामपंथी उग्रवादियों ने सालों तक नहीं पहुंचने दिया जो अब मोदी सरकार में हर जगह जा रहा है. नक्सलवाद की वजह से यहां सालों तक गरीबी रही. इसकी जड़े गरीबी से जुड़ी नहीं है बल्कि वैचारिक है.

Amit Shah Present India's Naxal in Parliament: देश के जवानों को गृह मंत्री ने किया याद

गृह मंत्री ने कहा कि आज वामपंथ उग्रवाद समाप्त हो रहा है, उसमें जनता का भी साथ है और जो जवान शहीद हुए. जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबकुछ बलिदान कर दिया. उन्हें याद करना चाहता हूं. इस विचारधारा का विकास से कोई ताल्लुक नहीं. जब हम आजाद हुए हमने कहा सत्यमेव जयते. इनका कहना है कि सत्ता बंदूक की नोंक से निकलती है.

Amit Shah Present India's Naxal in Parliament:नक्सलवाद पर क्या बोले रहे अमित शाह, जानें

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीस हजार युवा मारे गए कई दिव्यांग हो गए. क्या इसे देश की सबसे बड़ी पंचायत ने इस पर चिंतन नहीं करना चाहिए. नक्सलवाद का मूल कारण विकास की मांग नहीं है बल्कि एक विचारधारा है. जिसे राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए 1970 से इंदिरा जी ने स्वीकार कर लिया. जिससे ये  फैलता चला गया

Amit Shah Present India's Naxal in Parliament: नक्सलवाद पर लोकसभा में चर्चा, अमित शाह बोले– 1970 से 2026 तक की घटनाओं पर बहस अहम

दिल्ली में लोकसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वह इस चर्चा की अनुमति देने के लिए स्पीकर के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि आखिरकार संसद में 1970 से 2026 तक की घटनाओं की श्रृंखला पर चर्चा हो रही है, जो देश और हम सभी के लिए गहरे महत्व रखती है.

Amit Shah Present India's Naxal in Parliament: नक्सलवाद पर बोल रहे हैं अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि है कि हम सबके लिए बहुत खास घटनाक्रम जो लंबी अवधि तक चला उस पर संसद में चर्चा हो रही है. आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है, हर गांव में स्कूल बनाने की मुहिम चली, राशन की दुकान खोलनी की मुहिम चली. गैसे के चूल्हे वितरित हो रहे हैं. मेरा सवाल उन लोगों से है जो नक्सलवाद की वकालत कर रहे थे ये अब तक क्यों नहीं हुआ.

लोकसभा की कार्यवाही बढ़ी, थोड़ी देर में गृह मंत्री का जवाब

लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को शाम 6:00 बजे से आगे बढ़ा दी गई है. बताया गया है कि नक्सलवाद पर चल रही चर्चा के बाद थोड़ी देर में गृह मंत्री सदन में अपना जवाब देंगे. वहीं, राज्यसभा को 1 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.

Parliament Budget Session LIVE: अधिकारों की बात करने पर नक्सलवादी का ठप्पा लगा देंगे...राज कुमार रोत

भारतीय आदिवासी पार्टी के सांसद राज कुमार रोत ने कहा कि सदन में अनान्य हो रहा है तो धरातल पर क्या हो रहा होगा. हम अपने अधिकारों की बात करेंगे तो हम पर नक्सलवादी का ठप्पा लगा देंगे. आदिवासी जो चप्पल नहीं खरीद सकता उसके पास आधुनिक हथियार कहां से आ रहे हैं. विकास के नाम पर आदिवासियों को विस्थापित कर दिया जाता है.

India's Naxal Deadline Live: लोकसभा में नक्सलवाद पर क्या बोले अनुराग ठाकुर

बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत मां को सबसे दर्दनाक घाव कांग्रेस ने दिया है. जिसे नक्सलवाद कहते हैं. लेकिन हमारे नेता इतने संकल्पित थे कि नक्सलवाद का खात्मा कर देंगे, वो कर दिखाया. बंगाल से बस्तर की बात हो, पशुपति से तिरुपति की बात हो, देश को लहूलुहान किया है नक्सलवाद ने.

India's Naxal Deadline Live: नक्सलवाद के नाम पर आदिवासियों की हत्या मंजूर नहीं...चंद्रशेखर आजाद

आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर ने नक्सलवाद पर हो रही चर्चा में कहा कि सवाल ये है कि क्या आदिवासियों की हत्या नक्सलवाद के नाम पर हो सकती है. जब एससी एसटी को मारा जाता है उनका शोषण होता है, उनके घर फूंके जाते हैं तब चर्चा क्यों नहीं होती.

Parliament Budget Session LIVE: नक्सलवाद क्यों पनप रहा है? संसद में हनुमान बेनीवाल का सवाल

राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक पार्टी के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि यकीनन आप नक्सलवाद खत्म कर देंगे, पहले की सरकारों ने भी इस पर काबू पाने की कोशिश की . लेकिन पहले आपको ये बताना चाहिए कि नक्सलवाद पैदा क्यों हो रहा है.

India's Naxal Deadline Live: जिनके हाथों में कलम होनी थी उन्हें बंदूके दे दी...नक्सलवाद पर चर्चा में कंगना रनौत

बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा कि कांग्रेस की वजह से आउट ऑफ कंट्रोल हो गए और इन्होंने खून की नदियां बहा दी. इन्होंने 16000 से ज्यादा अटैक किए, 2000 से ज्यादा जवानों को मार डाला. इन्होंने कई पीढ़िया नक्सलवाद में झोंक दी. जिनके हाथों में कलम होनी थी उन्हें बंदूके दे दी

India's Naxal Deadline Live: लोकसभा में ओवैसी ने बांग्लादेश‑नेपाल आंदोलनों का जिक्र किया

असदुद्दीन ओवैसी ने नक्सल आंदोलन और अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि सीपीआई (एमएल) ने 1974 से 1977 तक तीन साल के लिए आंदोलन वापस लिया था, लेकिन इसके बाद फिर से हथियार उठा लिए गए. उन्होंने कहा कि यह पूरा संघर्ष 90 प्रतिशत मिलिट्री एक्शन का रहा है और एक भी सदस्य ने यह नहीं कहा कि वह अपनी विचारधारा सरेंडर कर रहा है. ओवैसी ने आगे कहा कि नेपाल और बांग्लादेश में देखा गया कि युवाओं ने सरकार नहीं, बल्कि गवर्नेंस बदलने के लिए आंदोलन किया था.

India's Naxal Deadline Live: नक्सलवाद पर चर्चा में क्या बोले निशिकांत दुबे

लोकसभा में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि मैं उस परिवार का लड़का हूं जिसके दादा नक्सलवाद की भेंट चढ़ गए, आज भी उनकी लाश नहीं मिली. पिछले 35 साल से मैं अपने दादा को ढूंढ रहा हूं और उनका श्राद्ध नहीं कर पाया. मैं उस पार्टी का सदस्य हूं झारखंड में जिसके नेता बाबूलाल मरांडी के बेटे की शादी हुई थी एक महीने पहले और उसको नक्सलियों ने गोली मार दी थी, मरांडी मुख्यमंत्री थे. आज झारखंड में एक भी जिला ऐसा नहीं है जो नक्सलवाद प्रभावित है.

India's Naxal Deadline Live: लोकसभा में नक्सलवाद पर बहस, शिंदे ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां

लोकसभा में नक्सलवाद पर नियम 193 के तहत चर्चा की शुरुआत करते हुए शिवसेना सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की सरकारों ने देश को रेड कॉरिडोर दिया, जबकि मोदी सरकार ने रेड कॉरिडोर को खत्म कर ग्रोथ कॉरिडोर दिया है. उन्होंने याद दिलाया कि गृह मंत्री ने एक साल पहले सदन में 31 मार्च से पहले नक्सलवाद खत्म करने की बात कही थी और आज 30 मार्च 2026 को उसी डेडलाइन पर संसद में चर्चा हो रही है. शिंदे ने कहा कि दशकों तक देश को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ना पड़ा और 1967 में नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ आंदोलन चार दशकों में 12 राज्यों के 200 जिलों तक फैल गया, जिसे अगर उस समय कांग्रेस शासित सरकार ने सही तरीके से रोका होता तो 1967 में ही खत्म किया जा सकता था. उन्होंने आरोप लगाया कि विकास की अनदेखी के कारण गरीब किसान और आदिवासी हथियार उठाने को मजबूर हुए, जबकि पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने पिछड़ों और गरीबों का भरोसा जीतकर उन्हें सशक्त किया और हथियार छोड़ने के लिए प्रेरित किया. बहस में कांग्रेस सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ने कहा कि उनका संसदीय क्षेत्र कोरापुट नक्सल प्रभावित रहा है और उन्होंने नक्सल हमलों में कई कार्यकर्ता खोए हैं. उन्होंने छत्तीसगढ़ में परिवर्तन यात्रा के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की हत्या का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सुरक्षा नहीं दी और एनआईए जांच की मांग के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, साथ ही कहा कि नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित कांग्रेस के नेता ही हुए हैं.

India's Naxal Deadline Live: . मैं उस राज्यसे हूं जिसके 24 में से 18 जिले नक्सलवाद की भेंट चढ़ गए...निशिकांत दुबे

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद खत्म हो जाएगा. मैं उस परिवार से हूं जिसके दादा नक्सलवाद की भेंट चढ़ गए. मैं उस राज्य झारखंड से हूं जिसके 24 में से 18 जिले नक्सलवाद की भेंट चढ़ गए. ये लड़ाई विचारधारा की है.

Parliament Budget Session LIVE: उनकी संपदा को लूटा जा रहा है...नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान सपा सांसद

आजमगढ़ से सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यकीनन नक्सल बड़ी समस्या है, जिसमें जवानों की भी शहादत हुई. नक्सलवाद के कारणों पर बात होनी चाहिए. उनकी संपदा को लूटा जा रहा है. सालों से उनका शोषण हो रहा है. आदिवासियों से मिले अधिकारों का खत्म करने का काम किया है.

India's Naxal Deadline Live: नक्सल दलगत नीति और राजनीति का मुद्दा नहीं...कांग्रेस की सांसद ज्योत्सना चरणदास

कोरबा से कांग्रेस की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि नक्सलवाद ऐसी चुनौती है जो हर सरकार के समय बनी रही. इसलिए इसे दलगत नीति और राजनीति का मुद्दा बनाए बिना साझा राष्ट्रीय समस्या के रूप में इसे देखना चाहिए.

राज्यसभा में CAPF बिल पर चर्चा जारी

इस वक्त राज्यसभा में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स रेगुलेटरी बिल पर चर्चा जारी है है. सदन में सीएपीएफ बिल चर्चा के लिए लिया गया. इस बिल पर सदन में चर्चा चल रही है है. चर्चा के दौरान राज्यसभा में बीजेपी के सांसद डॉक्टर सुधांशु त्रिवेदी बोल रहे हैं. 

Parliament Budget Session LIVE: जन्म से कोई नक्सली नहीं होता...संसद में आरजेडी के सांसद अभय कुमार सिन्हा

आरजेडी के सांसद अभय कुमार सिन्हा ने कहा कि नक्सली कोई जन्म से पैदा नहीं होता, उस परिस्थितियां बनाती है. जब जल, जंगल, जमीन छिन जाता है. जब लोग शोषण का शिकार होते हैं तब वो भटक जाते हैं. नक्सल पैदा करने वाले वहीं लोग है जो वंचित, दलित और पिछड़ों का शोषण करते हैं.

India's Naxal Deadline Live: OBC आरक्षण पर बयान के बाद राज्यसभा में विपक्ष का वॉकआउट

राज्यसभा में उस समय हंगामा हो गया जब भाजपा सांसद के. लक्ष्मण ने ओबीसी आरक्षण के धार्मिक आधार पर दुरुपयोग का आरोप लगाया. इस बयान का विरोध करते हुए विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया. विपक्षी सदस्यों ने आरोपों को आपत्तिजनक बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद कार्यवाही के दौरान सदन में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली.

मोदी सरकार ने रेड कॉरिडोर को खत्म किया और देश को एक ग्रोथ कॉरिडोर दिया- श्रीकांत एकनाथ शिंदे

लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा की शुरुआत करते हुए शिवसेना के सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने कहा कि आपकी (विपक्ष) सरकार ने इस देश को रेड कॉरिडोर दिया. मोदी सरकार ने रेड कॉरिडोर को खत्म किया और देश को एक ग्रोथ कॉरिडोर दिया है. कई दशकों तक भारत को नक्सलवाद के खिलाफ जंग लड़नी पड़ी. गृह मंत्री ने 1 साल पहले सदन में कहा था कि हम 31 मार्च से पहले भारत से नक्सलवाद खत्म करेंगे.  आज एक दिन पहले हम इस पर चर्चा कर रहे हैं. गृह मंत्री ने एक डेडलाइन तय करके उसके ऊपर चर्चा करने में हिम्मत दिखाई है. विपक्ष के लोग कहते थे कि नक्सलवाद कभी खत्म नहीं हो सकता. रेड कॉरिडोर विपक्ष शासित राज्यों में फैला. गृह मंत्री ने डेडलाइन तय किया और नक्सलवाद खत्म करने का प्रयास किया. 1967 में पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गांव नक्सलबाड़ी में जो आंदोलन शुरू हुआ वह चार दशकों में 12 राज्यों के 200 जिलों तक फैल गया. 

अगर उस वक्त सही तरीके से सरकार ने हस्तक्षेप किया होता तो इसे 1967 में ही रोका जा सकता था. नक्सलवाद फैला क्योंकि उस वक्त की कांग्रेस सरकार ने विकास पर ध्यान नहीं दिया. गरीब किसान आदिवासी समुदाय को हथियार उठाना पड़ा. पिछड़ों, गरीबों का हमने विश्वास जीता है और उन्हें हथियार छोड़ने के लिए मजबूर किया है और उन्हें सशक्त बनाया है.

India's Naxal Deadline Parliament Live Updates:बस्तर नई पहचान पाएगा...बीजेपी सांसद ने पीएम मोदी और अमित शाह का कहा थैंक्स

नक्सलमुक्त भारत की समय सीमा पर गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए जाने वाले बयान को लेकर बस्तर से BJP सांसद महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश से आतंकवाद और नक्सलवाद खत्म हो रहा है. नक्सलवाद को समाप्त करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तय की गई थी.आज संसद में नक्सलवाद पर चर्चा होगी.बस्तर के लोगों ने अब तक नक्सलवाद का सामना किया है.आने वाले दिनों में बस्तर नई पहचान पाएगा.मैं हमारे बहादुर जवानों को सलाम करता हूं.

India's Naxal Deadline Live:36 साल तक गायब रहने के बाद सरेंडर,विजयवाड़ा में मुख्यधारा में लौटा बड़ा नक्सली लीडर

विजयवाड़ा में माओवादी संगठन की केंद्रीय समिति के एक सदस्य ने 36 साल तक अंडरग्राउंड रहने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया. शीर्ष माओवादी कमांडर सुरेश और आठ अन्य सदस्यों ने विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता के सामने आत्मसमर्पण किया है. चेल्लुरी नारायण राव आका सुरेश CPI (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य थे और आंध्र–ओडिशा सीमा विशेष क्षेत्रीय समिति के सचिव थे. वह करीब 36 वर्षों से माओवादी गतिविधियों में शामिल थे और संगठन के प्रमुख नेताओं में से एक थे.आत्मसमर्पण करने वाले अन्य आठ लोगों में प्लाटून कमांडर,एरिया कमिटी सदस्य और छत्तीसगढ़ व ओडिशा के पार्टी सदस्य शामिल हैं. आंध्र प्रदेश सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत सुरेश को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे.

Parliament Session Live Updates: भारत की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है... हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों को वित्त मंत्री का जवाब

मिडिल ईस्ट संकट के बीच कमजोर होते रुपये पर आज लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार का पक्ष रखा. वित्त मंत्री ने सदन में बोलते हुए कहा कि पूरी दुनिया की करेंसी युद्ध की वजह से ऊपर नीचे हो रही है. भारत में सब सही चल रहा है तो ये लोग रुपये को लेकर हंगमा कर रहे हैं. निर्मला ने साफ किया कि भारत की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है. 

Parliament Live Updates:रुपये की गिरती कीमत पर बोल रही थीं वित्त मंत्री,लोकसभा में हंगामा करने लगे विपक्षी सांसद

आज लोकसभा में विपक्षी MPs का हंगामा शुरू हो गया.दरअसल, प्रश्न काल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रुपये की गिरती कीमत और महंगाई पर जवाब दे रही थीं. बता दें कि आज गृह मंत्री अमित शाह नक्सलवाद पर पूरा खाका पेश करेंगे. 

India's Naxal Deadline Parliament Live Updates: नक्सलवाद पर बीजेपी सांसद कमलजीत सहरावत ने क्या कहा?

नक्सलमुक्त भारत की समयसीमा पर गृह मंत्री अमित शाह संसद में बयान देंगे. इससे पहले BJP सांसद कमलजीत सेहरावत ने कहा कि  नक्सलवाद हमारे देश की एक बहुत बड़ी समस्या थी. कई जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे,जिसकी वजह से वे विकास में भाग नहीं ले पा रहे थे.सरकार का प्रयास रहा है कि इन जिलों को नक्सलवाद से कैसे मुक्त किया जाए.इसके लिए 31 मार्च 2026 का लक्ष्य तय किया गया था. पिछले साल हमने देखा कि ज्यादातर नक्सली मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आत्मसमर्पण कर चुके हैं.

India's Naxal Deadline Parliament Live Updates:डेडलाइन से एक दिन पहले ही होगी नक्सलवाद पर चर्चा

नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार की दी गई 31 मार्च की समय सीमा समाप्त होने से एक दिन पहले यह चर्चा होगी.लोकसभा सचिवालय ने ‘‘देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों’’ पर नियम 193 के तहत सोमवार को चर्चा सूचीबद्ध की है,जिसके अंतर्गत मतविभाजन नहीं होता है. इस नियम के तहत अल्पकालिक चर्चा के लिए सरकार को जवाब देना आवश्यक है.इस चर्चा की शुरुआत तेदेपा सांसद बायरेड्डी शबरी और शिवसेना सदस्य श्रीकांत शिंदे करेंगे.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि नक्सलवाद का खतरा 31 मार्च, 2026 तक पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा.नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों की एक नयी समीक्षा के बाद देश में नक्सली उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या आठ से घटकर सात हो गई है. हाल में केंद्र सरकार की ओर से नौ राज्यों (जिनमें 38 जिले शामिल हैं) के साथ मिलकर एलडब्ल्यूई से निपटने के लिए राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना की व्यापक समीक्षा की गई.ये राज्य झारखंड,बिहार,आंध्र प्रदेश,छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश,महाराष्ट्र,ओडिशा,तेलंगाना और पश्चिम बंगाल हैं।

India's Naxal Deadline Live:किस रूल के तहत नक्सलवाद पर चर्चा करेंगे अमित शाह?

गृहमंत्री अमित शाह ने जिस रूल के चलते अपनी बात रखेंगे,उसे जान लीजिए. लोकसभा कार्यसूची के अनुसार,रूल 193 के तहत श्रीकांत शिंदे इस चर्चा की शुरुआत करेंगे. सरकार सदन के माध्यम से देश को बताएगी कि  नक्सलवाद का मुकाबला करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं. 

India's Naxal Deadline Live:छत्तीसगढ़ के सुकमा में 5 लाख का ईनामी नक्सली ढेर

छत्तीसगढ़ में सुकमा जिले के पोलमपल्ली पुलिस थाना इलाके में रविवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया. माओवादियों की मौजूदगी के बारे में खास इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर सुकमा की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) टीम ने यह ऑपरेशन शुरू किया था.सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि डीआरजी टीम ने घने जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. कॉम्बिंग के दौरान रविवार सुबह से सुरक्षाकर्मियों और माओवादी ग्रुप के बीच रुक-रुक कर फायरिंग होती रही.

उन्होंने बताया कि फायरिंग रुकने के बा, सर्च टीम ने एनकाउंटर वाली जगह की अच्छी तरह से तलाशी ली.इस दौरान एक पुरुष माओवादी का शव और हथियार बरामद किया गया. मारे गए माओवादी की पहचान पीपीसीएम मूचाकी कैलाश के रूप में हुई है जो सुकमा जिले के चिंतलनार पुलिस स्टेशन के पूलनपाड़ का रहने वाला था.वह सीपीआई (माओवादी) संगठन के प्लाटून नंबर 31 में सेक्शन कमांडर के पद पर था. मूचाकी कैलाश के पर पांच लाख का इनाम घोषित किया गया था.वह आम लोगों की हत्या,सुरक्षा बलों पर हमलों और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) धमाकों से जुड़ी साजिशों से जुड़े कई मामलों में वॉन्टेड था.

India's Naxal Deadline Live: एक दशक में 10 हजार माओवादियों ने किया सरेंडर,नक्सलियों का शीर्ष नेतृत्व भी खत्म

सुरक्षाबलों के दबाव व पुनर्वास योजनाओं के चलते पिछले एक दशक में 10,000 से अधिक माओवादियों ने हथियार डाले हैं और नक्सलियों का शीर्ष नेतृत्व खत्म कर दिया गया है.अधिकारियों ने यह जानकारी दी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च तक की समयसीमा निर्धारित कर रखी है. वर्ष 2025 में 2,300 माओवादियों ने हथियार डाले और 2026 के पहले तीन महीनों में 630 से अधिक नक्सलियों ने सशस्त्र विद्रोह के बजाय मुख्यधारा में लौटने का विकल्प चुना. इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ एकीकृत,बहुआयामी और निर्णायक रणनीति अपनाई है,जिसने पिछली सरकारों के बिखरे हुए दृष्टिकोण का स्थान लिया.अधिकारी के अनुसार,इसका एक उदाहरण ‘रेड कॉरिडोर’ में सड़कों का निर्माण है.यह ‘रेड कॉरिडोर’ कभी बिहार, छत्तीसगढ़,झारखंड,ओडिशा,महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों से होते हुए ‘पशुपति से तिरुपति’ तक फैला हुआ था.इस ‘रेड कॉरिडोर’ में ठेकेदार पूर्व में काम करने से इनकार कर दिया करते थे. 

Amit Shah India Naxal Report Parliament Updates: 31 मार्च थी डेडलाइन,लगातार चल रही नक्सलों के खिलाफ कार्रवाई

गृहमंत्री अमित शाह ने एक साल पहले देश से वादा किया था कि 31 मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त कर देंगे. उन्होंने कहा था कि 31 मार्च 2026 तक देश नक्सल आतंक से मुक्त हो जाएगा. तब से सुरक्षाबल लगातार नक्सलवादियों के विरुद्ध कार्रवाई चला रहे थे.कई कुख्यात और ईनामी नक्सली या तो मारे गए या उन्होंने सरेंडर कर मुख्यधारा में लौट आए. 

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