- राष्ट्रीय महिला आयोग ने धर्मशाला के सरकारी कॉलेज में रैगिंग और यौन उत्पीड़न की घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है
- आयोग ने आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के लिए हिमाचल डीजीपी को निर्देश दिए हैं
- पुलिस की कार्रवाई पर असंतुष्ट लोगों ने जिलाधीश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के सरकारी डग्री कॉलेज में रैगिंग और यौन उत्पीड़न की घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है. बता दें कि इस घटना के बाद 19 साल की छात्रा तनाव में थी. तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई थी. एनसीडब्लू ने इस जघन्य, अमानवीय और निंदनीय कृत्य की कड़ी निंदा की है.
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महिला आयोग ने दिए आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष ने हिमाचल प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखकर तत्काल FIR दर्ज करने, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, पोस्टमार्टम और मेडिकल रिकॉर्ड के संरक्षण और बीएनएस 2023, यौन उत्पीड़न विरोधी कानूनों और रैगिंग विरोधी नियमों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. दोषी/लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं, साथ ही महाविद्यालय में रैगिंग विरोधी तंत्र की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया है. उन्होंने पांच दिनों के भीतर विस्तृत कर्रवाई रिपोर्ट मांगी हैं.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने धर्मशाला स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में रैगिंग, शारीरिक उत्पीड़न एवं यौन उत्पीड़न से जुड़ी एक अत्यंत गंभीर घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें 19 वर्षीय छात्रा की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
— NCW (@NCWIndia) January 3, 2026
आयोग इस जघन्य, अमानवीय एवं निंदनीय कृत्य की कड़ी भर्त्सना करता… pic.twitter.com/PlNYAV0H5l
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
बता दें कि रैगिंग और यौन उत्पीड़न की वजह से छात्रा की मौत से लोग गुस्से में हैं. पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से असंतुष्ट लोगो ने जिलाधीश कांगड़ा के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन और जमकर नारेबाज़ी की. लोग पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं. लोगों का मानना है कि मामला संगीन होने के बावजूद भी पुलिस की कार्यशैली संदेह के घेरे में है. तीन दिन बीत जाने पर भी अभी तक एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया गया है. लोगों की मांग है कि अगर जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो उनका प्रदर्शन और भी उग्र हो सकता है. उन्होंने उचित कार्रवाई के लिए ज़िलाधीश कांगड़ा को ज्ञापन भी सौंपा.
सहायक प्रोफेसर निलंबित
वहीं पुलिस का कहना है कि पीड़िता के पिता का बयान मजिस्ट्रेट ले सामने रिकॉर्ड किया जाएगा. जांच के लिए पुलिस की एक टीम लुधियाना के अस्पताल में पहुंच चुकी है. बता दें कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने दलित छात्रा की मौत पर बढ़ते आक्रोश के बीच शनिवार को उस सहायक प्रोफेसर को निलंबित कर दिया, जिस पर यौन उत्पीड़न का आरोप है. सरकार ने इसी के साथ रैगिंग, जाति सूचक शब्द कहने सहित पीड़िता के साथ हुए दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भी एक तथ्य अन्वेषी समिति का गठन किया है.
कांगड़ा जिले के धर्मशाला स्थित राजकीय महाविद्यालय में भूगोल के सहायक प्रोफेसर एवं मामले में आरोपी अशोक शर्मा ने आरोपों से इनकार किया है. पुलिस ने बताया कि वह शर्मा से पूछताछ कर रही है.
सभी प्रासंगिक सबूत एकत्र किए जा रहे
कांगड़ा पुलिस ने बताया कि मृतका के पिता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच धर्मशाला के पुलिस उपाधीक्षक द्वारा की जा रही है. उसने बताया कि जांच की कड़ी में चिकित्सा रिकॉर्ड, वीडियो क्लिप और गवाहों के बयानों सहित सभी प्रासंगिक सबूत एकत्र किए जा रहे हैं. कांगड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीर बहादुर ने बताया, ‘‘मृतका के परिवार को जांच में शामिल किया गया है और पुलिस टीम ने कुछ दस्तावेज और एक मोबाइल फोन जब्त किया है. आरोपी सहायक प्रोफेसर से पूछताछ की जा रही है.''
इनपुट- भाषा के साथ
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